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"कभी खुशी कभी ग़म हिट है लेकिन 'गदर' जितनी नहीं"

करण जौहर ने बताया कि कैसे उन्हें साल 2001 के शुरुआत में लगता था कि 'कभी खुशी कभी ग़म' जैसी बड़ी फिल्म कोई और नहीं बनने वाली. लेकिन फिर 'गदर', 'लगान' और 'दिल चाहता है' देखने के बाद उनका भ्रम टूट गया.

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17 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 12:12 PM IST)
karan johar kabhi khushi kabhi gham gadar
करण ने बताया कि वो 'कभी खुशी कभी ग़म' की रिलीज़ के बाद डिप्रेस हो गए थे.
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साल 2001 हिंदी सिनेमा के लिहाज़ से बहुत बड़ा था. ‘लगान’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों का क्लैश हुआ. अख्तर खानदान के छोटे बेटे ने सेंसीबिलिटी से दुनिया को रूबरू करवाया. अमिताभ बच्चन, जय बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन और करीना कपूर जैसे स्टार्स पहली बार किसी फिल्म में साथ आए. करण जौहर ने हाल ही में स्टार्स से सजी इस फिल्म पर बात की. उन्होंने पिंकविला को बताया

वो साल मेरे लिए सिर्फ एक फिल्ममेकर के नाते ही अहम नहीं था, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी था. उस साल की शुरुआत में मैं सोचता था कि साल की सबसे बड़ी फिल्म बनाने जा रहा हूं. इससे बड़ा क्या ही हो सकता है. मुझे ही सारे अवॉर्ड्स मिलेंगे. ये सब मेरे दिमाग में था. फिर मैंने जून में ‘लगान’ देखी. मुझे बाहर निकलने पर महसूस हुआ कि मैंने एक सिनेमाई करिश्मा देख लिया है. मुझे लगा था कि इसे सबसे बुलंद फिल्मों में गिना जाएगा. मेरा दिमाग घूम गया था. फिर मैंने ‘गदर’ देखी. उसका कमर्शियल पहलू देखकर मैं पागल हो गया. उसके बाद मैंने फिर से ‘लगान’ देखी और पूरा थिएटर क्रिकेट स्टेडियम बन गया. 

करण ने आगे बताया कि उन्होंने फिर ‘दिल चाहता है’ देखी. उन्हें पहले लगता था कि फरहान बिगड़ैल बच्चे हैं, वो क्या ही फिल्म बनाएंगे. लेकिन ‘दिल चाहता है’ देखने के बाद वो दंग रह गए. करण ने आगे बताया,

साल के अंत में ‘कभी खुशी कभी ग़म’ रिलीज़ हुई. हमें बेहद खराब रिव्यूज़ मिले. लोगों ने लिखा कि ये नई बोतल में पुरानी शराब है. फिल्म की रिलीज़ के बाद मैं डिप्रेस हो गया. मेरे पिता ने कहा था कि अगर ये फिल्म फ्लॉप हुई तो हमें अपने पुराने घर में शिफ्ट होना पड़ेगा. हमने ‘कुछ कुछ होता है’ से कमाया सारा पैसा इस फिल्म पर लगा दिया था. एक दिन मैं लिबर्टी (सिनेमाघर) के पास से गुज़र रहा था. यहां मेरी फिल्म लगी हुई थी. रास्ते में काफी ट्राफिक था. मुझे बेचैनी होने लगी क्योंकि मुझे अनिल थड़ानी (प्रोड्यूसर, डिस्ट्रिब्यूटर) से मिलना था. मैंने किसी से पूछा कि इतनी भीड़ क्यों है. तब उसने कहा कि एडवांस बुकिंग की लाइन है. मैंने पूछा, ‘क्या?’. उसने कहा कि एक फैमिली फिल्म बनी है ‘कभी खुशी कभी ग़म’. 

करण ने बताया कि वो दौड़कर अनिल थड़ानी के पास पहुंचे. अनिल ने उन्हें हाउसफुल का बोर्ड दिखाया. कहा कि अब बाकी डिस्ट्रिब्यूटर्स को फोन करो. करण बताते हैं कि उन्होंने पंजाब वाले डिस्ट्रिब्यूटर के अलावा सभी को फोन किया. पंजाब वाले डिस्ट्रिब्यूटर ने कहा था:

आपकी फिल्म हिट है लेकिन ‘गदर’ जैसी हिट नहीं है. 

करण जौहर की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ ने अपनी रिलीज़ के 25 साल पूरे किए हैं. इस मौके पर मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गईं. ऐसी ही एक स्क्रीनिंग के दौरान करण जौहर, शाहरुख खान और रानी मुखर्जी भी पहुंचे थे जहां उन्होंने ऑडियंस से बात की.

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