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पाकिस्तानी फिल्म 'जॉयलैंड' में ऐसा क्या था कि इसे पाकिस्तान में ही बैन कर दिया गया?

पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड का कहना है कि फिल्म में कुछ ऐसी चीज़ें दिखाई गईं, जो पाकिस्तानी समाज के साथ मेल नहीं खातीं.

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फिल्म 'जॉयलैंड' के दो पोस्टर.
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श्वेतांक
13 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 16 नवंबर 2022, 04:18 PM IST)
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Pakistan की फिल्म Joyland प्रतिष्ठित कान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की गई. वहां अवॉर्ड्स जीते. पाकिस्तान की ओर से इसे ऑस्कर्स में ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजी गई. दुनियाभर से इतना क्रिटिकल अक्लेम पाने वाली इस फिल्म को पाकिस्तान में ही बैन कर दिया गया है. वजह ये बताई गई कि इस फिल्म में अति आपत्तिजनक चीज़ें दिखाई गई हैं. जो पाकिस्तानी समाज के साथ मेल नहीं खाती हैं.

11 नवंबर को पाकिस्तान की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बयान जारी किया. इसमें बताया गया कि 'जॉयलैंड' को सेंसर बोर्ड ने 17 अगस्त को सर्टिफिकेट देकर रिलीज़ के लिए पास कर दिया था. मगर फिल्म को देखने के बाद लोगों ने पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड से लिखित शिकायत की. इन शिकायतों में कहा गया कि 'जॉयलैंड' में कई ऐसी चीज़ें दिखाई गई हैं, जो पाकिस्तानी समाज की 'नैतिकता और शालीनता' के साथ मेल नहीं खाती हैं. इसलिए सेंसर बोर्ड फिल्म को अन-सर्टिफाइड करार देती है. इसका मतलब ये है कि पाकिस्तान के सिनेमाघरों में इस फिल्म को तत्काल प्रभाव से बैन किया जाता है.

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ये रही सरकारी आदेश की कॉपी.

अब सवाल ये है कि 'जॉयलैंड' में ऐसा क्या है, जो इसे पाकिस्तान में बैन कर दिया गया. 'जॉयलैंड' लाहौर के एक मिडल क्लास राणा परिवार की कहानी है. पितृसत्ता और दकियानूसी विचारों में गले-गले तक डूबा हुआ परिवार. परिवार का छोटा बेटा हैदर, बिब्बा के प्रेम में पड़ जाता है. बिब्बा एक थिएटर आर्टिस्ट है. डांसर भी है. मगर वो खुद को ट्रांसजेंडर के तौर पर आइडेंटिफाई करता है. पाकिस्तान जैसे देश में हैदर और बिब्बा के प्रेम के पूरा होने में किस किस्म की दिक्कतें आती हैं, 'जॉयलैंड' इसी बारे में बात करती है. इस दौरान पाकिस्तान के समाज में LGBTQ की स्वीकार्यता से लेकर पितृसत्ता और सेक्शुअल आज़ादी की बात होती है.

इसमें एक पंगा और भी है. 'जॉयलैंड' पाकिस्तान समेत दुनियाभर में 18 नवंबर को रिलीज़ के लिए शेड्यूल्ड थी. 11 नवंबर को पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने इसे बैन करने का आदेश दे दिया. फिल्म देख चुके लोगों की शिकायतों के आधार पर. जब पिक्चर रिलीज़ ही नहीं हुई, तो इसे लोग देख कहां रहे हैं. हो सकता है यहां फिल्म के फेस्टिवल रिलीज़ की बात हो रही हो.

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'जॉयलैंड' को प्रतिष्ठित कान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया. ये कान में प्रीमियर की जाने वाली पाकिस्तानी सिनेमा इतिहास की पहली फिल्म है. यहां इसे फेस्टिवल के लिए Un Certain Regard सेक्शन में दिखाया गया है. इसे उस फेस्ट में 10 मिनट लंबा स्टैंडिंग ओवेशन मिला. यानी इस फिल्म के खत्म होने पर ऑडिटोरियम में मौजूद लोग और ज्यूरी मेंबर्स 10 मिनट तक खड़े होकर ताली बजाते रहे. इस फेस्टिवल में 'जॉयलैंड' ने ज्यूरी अवॉर्ड (Un Certain Regard Jury Prize) और क्वीयर पाम (Queer Palm) अवॉर्ड जीते.

इसे टोरंटो फिल्म फेस्टिवल के स्पेशल प्रेज़ेंटेशन सेक्शन में प्रदर्शित किया गया. बुसान फिल्म फेस्टिवल के A Window on Asian Cinema सेक्शन में इसकी स्क्रीनिंग हुई. इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में इसने बेस्ट फिल्म फ्रॉम द सब-कॉन्टिनेंट का अवॉर्ड जीता. दुनियाभर से इतनी तारीफ और सम्मान पाने के बाद 'जॉयलैंड' 18 नवंबर, 2022 को पाकिस्तानी सिनेमाघरों में रिलीज़ होनी थी. मगर उससे पहले ही इसे बैन कर दिया गया.

'जॉयलैंड' को साइम सादिक़ ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में अली जुनेजो, अलिना खान, सरवत गिलानी और रस्ती फारूक़ ने लीड रोल्स किए हैं. 

वीडियो देखें: पाकिस्तान की ओर से ऑस्कर में गई जॉयलैंड देखने के लिए भारतीयों में होड़ मची

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