बहुत से सिलेब्रिटी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में डोनेट किया है. कुछ लोगों ने अपनीडोनेशन अमाउंट बताई है, वहीं कुछ ने गुप्तदान करना बेहतर समझा. इस मसले पर जॉनअब्राहम ने अपने विचार बताए. 'हिंदुस्तान टाइम्स' के साथ एक इंटरव्यू में जॉनअब्राहम ने कहा- "मुझे लगता है कि जिन लोगों ने अनाउंस किया है, उन्होंने कमाल कियाहै. मुझ जैसे लोग इसे सबको नहीं बताना चाहेंगे. एक छुपे हुए तरीके से भी नहीं. किसीपी.आर. के ज़रिए भी नहीं. जैसे सुनने को मिलता है कि 'अरे, जॉन ये कर रहा है. उसनेकिसी को नहीं बताया है.' लेकिन दरअसल उसने बताने के लिए ही बताया होता है. तो मैंशायद बिल्कुल दूसरे छोर पर हूं." लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो डोनेशन दे रहे हैं.अपनी पब्लिक इमेज को सुधारने के लिए. किसी ने जॉन को कहा कि यह 'गुडविल खरीदने' काअच्छा समय है. जॉन ऐसी सोच पर अफ़सोस जताते हुए कहते हैं - "हम सब एक बड़ी प्रॉब्लममें फंसे हुए हैं. यह 'गुडविल खरीदने' का समय नहीं है. यह कुछ ऐसा है कि मैं करताभी हूं, तो किसी को बताता नहीं हूं. जैसा मैंने कहा कि जिन लोगों ने बताया है,उसमें भी कुछ गलत नहीं है. हमारी इंडस्ट्री को सलाम, जो एक यूनिट की तरह इकट्ठे आएहैं." 'नेकी कर दरिया में डाल'? आपको बता दें कि इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने भीदान-राशि बताने पर तंज कसा था. उन्होंने सिनेमा वेबसाइट 'बॉलीवुड हंगामा' से बातकरते हुए कहा था- "इस संकट की घड़ी में कौन ज़्यादा चिंतित है, इस बात का अंदाज़ाक्या हम इस चीज़ से लगाएंगे कि किसने कितने पैसे दिए?" उन्होंने कहा कि इसे स्कूलीबच्चों का कम्पिटीशन मत बनाइए. अक्षय कुमार ने पी.एम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपएडोनेट करने की बात बताई थी. उनके अलावा प्रभास, रजनीकांत जैसे सुपरस्टार भी अपनीडोनेशन अमाउंट बताते हुए डोनेशन कर चुके हैं. वहीं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा नेयह तो बताया कि वे डोनेट कर रहे हैं, लेकिन अमाउंट का खुलासा नहीं किया था. शाहरुख़खान को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत से सवाल उठ रहे थे कि वे डोनेट क्यों नहीं कर रहे.बाद में पता चला कि वे कोरोना से लड़ने में बहुत योगदान कर रहे हैं. लेकिन यह सबकिसी को बताने में यक़ीन नहीं रखते. इस बात का एक और पहलू है. सिलेब्रिटी के अपनीडोनेशन को जगज़ाहिर करने से उनके फैंस को प्रेरणा मिलती है. कि वे भी अपनी कैपेसिटीके हिसाब से योगदान करें. कौन हैं असली हीरो जॉन ने पुलिस, आर्मी, मेडिकलप्रोफ़ेशनल्स की तारीफ़ की. कहा कि ये COVID वॉरियर हैं, जो अपनी ज़िंदगी को जोखिम मेंडाल रहे हैं. खासकर इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्स और वॉर्ड बॉयज़. जॉन ने उन्हें असलज़िंदगी का सुपरहीरो बताया. कुछ दिन पहले उन्होंने ट्विटर पर दो संस्थाओं की तारीफ़की थी, जो ऐसे समय में जानवरों का ध्यान रख रही हैं. जॉन ने उनके स्टाफ को 'बिनापंख वाले फ़रिश्ते' कहा था.Some angels dont have wings !! @amtmindia with @royalcanin.indiaWe seek your blessings & support for the staff. Donate viahttps://t.co/qDJN3pRRQV Or Gpay : 9819380310 pic.twitter.com/WhS1n1OK33 — JohnAbraham (@TheJohnAbraham) March 26, 2020 देश पर कोरोना का संकट छाया हुआ है. ऐसेमें जरूरत है कि हौंसला दुरुस्त रहे. और कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में सभी भारतीय एकजुटरहें. ऐसा ही मैसेज दिया जॉन अब्राहम ने एक वीडियो में. जॉन वीडियो में एक कविता पढ़रहे हैं. जिसका शीर्षक है 'मेरा भारत महान'. इसे लिखा है मिलाप मिलन ज़वेरी ने.वीडियो का कॉन्सेप्ट भी उन्हीं का है. इसे टी-सीरीज़ ने यूट्यूब पर रिलीज़ किया है.कविता की कुछ लाइन - "जहां खेलते थे सब बच्चे, खाली वो हर मैदान है मंदिर और मस्जिदहैं बंद, खुली राशन की दुकान है हौंसला है फिर भी दिलों में क्योंकि मेरा भारत महानहै" 'हिंदुस्तान टाइम्स' के साथ जॉन ने बातचीत की. कविता के बारे में कहा किक्रेडिट मिलाप को जाता है - "उन्होंने इसे लिखा और वॉट्सऐप पर मेरे पास भेज दिया.मैंने कहा कि बहुत सुंदर है. वे चाहते थे कि मैं इसे रिसाइट करूं. मुझे कुछ ही मिनटलगे. यह सकारात्मकता का मैसेज दे रही है. आज की दुनिया में, जहां इतनी नफ़रत औरनकारात्मकता फैली हुई है." उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वीडियो एकता फैलाने में मददकरेगी.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें - जानिए लॉकडाउन के दौरान आप इन पांच बढ़िया वेब सिरीज को कहां देखसकते हैं?