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जन नायगन: सेंसर बोर्ड ने 27 कट्स लगवाए, फिर भी थलपति विजय की आखिरी फिल्म पोस्टपोन करवा दी!

थलपति विजय की 'जन नायगन' ने अडवांस बुकिंग में धुआं उठा दिया था. अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया में मेकर्स को 3 लाख से अधिक टिकटों का रीफंड करना पड़ेगा!

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'जन नायगन' थलपति विजय के करियर की अंतिम फिल्म है.
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शुभांजल
7 जनवरी 2026 (Published: 07:54 PM IST)
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Thalapathy Vijay की Jana Nayagan एक के बाद एक मुसीबतों में फंसती जा रही है. फिल्म 09 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी. मगर इस फिल्म के मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच ऐसी ठनी कि मामला मद्रास हाई कोर्ट पहुंच गया. उम्मीद थी कि कोर्ट 07 जनवरी तक इस मामले में अपना फ़ैसला सुना देगा. मगर जज ने अपना नतीजा 09 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रखा है. इससे फिल्म की रिलीज़ पोस्टपोन करनी पड़ेगी. साथ ही मेकर्स को काफ़ी बड़ा नुकसान भी झेलना पड़ेगा. क्योंकि फिल्म की अडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी. जहां से तगड़ी कमाई भी हो रही थी. 

'जन नायगन' की रिलीज़ को केवल एक दिन का समय बाकी है. मगर सेंसर बोर्ड ने इसे सर्टिफिकेट ही नहीं दिया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स ने 18 दिसंबर को अपनी फिल्म सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन प्रोसेस के लिए जमा करवा दी थी. सेंसर बोर्ड ने KVN प्रोडक्शंस को इसमें 27 कट्स लगाने का आदेश दिया. मेकर्स ने सारे बदलाव कर 24 दिसंबर को फिल्म दोबार सेंसर बोर्ड के हवाले कर दी. बोर्ड ने फिल्म देखी और 29 दिसंबर को कहा कि इसे UA 16+ सर्टिफिकेट दिया जाएगा. यहां तक सब सही था.

मगर 5 जनवरी को अचानक बताया गया कि ‘जन नायगन’ को एक अन्य कमिटी दोबारा देखेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि किसी ने शिकायत की है कि फिल्म के कुछ सीन्स लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. पता चला कि ये शिकायत भी एक कमिटी मेम्बर ने ही की है. शिकायत में ये भी कहा गया कि फिल्म में सेना को सही तरह से नहीं दिखाया गया है. इस बात ने मेकर्स को बेहद नाराज़ कर दिया. इसलिए वो ये मामला लेकर मद्रास हाईकोर्ट जा पहुंचे.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की सुनवाई जस्टिस पीटी आशा कर रही हैं. उन्होंने कोर्ट में सेंसर बोर्ड से पूछा कि जब मेकर्स ने उनके द्वारा बताए गए सभी बदलाव पहले ही कर दिए थे, तो फिर इसे दोबारा जांच के लिए क्यों भेजा गया. इस पर बोर्ड ने कहा कि अगर CBFC के चेयरपर्सन जांच कमिटी के फैसले से संतुष्ट नहीं होते, तो फिल्म को दोबारा रिव्यू के लिए भेजा जा सकता है. उन्होंने ये भी बताया कि ‘जन नायगन’ को अब एक नई कमिटी देखेगी, जिसमें पहले वाली कमिटी के सदस्य शामिल नहीं होंगे. 

सेंसर बोर्ड ने तर्क दिया कि 5 जनवरी को एक ईमेल के जरिए प्रोड्यूसर्स को इस फैसले की जानकारी दे दी गई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इतनी देर से इन्फॉर्म करने के पीछे उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी. इस मामले में KVN प्रोडक्शंस के वकील ने कुछ जरूरी पॉइंट्स कोर्ट के सामने रखे. उन्होंने बताया कि सेंसर बोर्ड की जांच कमिटी में पांच सदस्य थे. सभी ने फिल्म को लेकर अपनी राय अलग-अलग दर्ज की थी. इनमें से ज्यादातर सदस्यों ने कुछ कट के साथ फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने पर सहमति जताई थी. बाद में सिर्फ़ एक सदस्य ने चेयरपर्सन से शिकायत की, जिसकी वजह से फिल्म को लटका दिया गया. मेकर्स का कहना है कि उस एक व्यक्ति की राय बहुमत के फैसले से ऊपर नहीं हो सकती है.

मेकर्स का कहना है कि फिल्म की रिलीज़ डेट पब्लिकली अनाउंस हो चुकी है. उन्होंने इसमें 500 करोड़ रुपए इनवेस्ट किए हैं. दुनियाभर में इसकी अड्वांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में इसकी रिलीज़ में देरी होने से उन्हें बहुत नुकसान हो सकता है. मेकर्स का कहना है कि उन्होंने 18 दिसंबर को ही अपनी फिल्म सेंसर बोर्ड के पास भेज दी थी. साथ ही उन्होंने तत्काल प्रोसीजर का इस्तेमाल भी किया था. बावजूद इसके, उनकी फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है.

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रखा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में 09 जनवरी की सुबह जजमेंट सुनाया जाएगा. यानी अब 09 जनवरी के मॉर्निंग शोज़ तो कैंसिल होंगे ही. यही नहीं, अगर मेकर्स के पक्ष में फ़ैसला आता भी है, तब भी सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में कुछ देरी होगी. इससे फिल्म के मॉर्निंग के अलावा अन्य शोज़ भी कैंसिल हो सकते हैं. इन्हीं कारणों से अब ये लगभग तय मानकर चला जा रहा है कि 'जन नायगन' 09 जनवरी से पोस्टपोन हो सकती है.

अगर इस फिल्म की रिलीज़ टली, तो सबसे अधिक नुकसान ओवरसीज़ मार्केट में होगा. अमेरिका में फिल्म के 50 हज़ार, ब्रिटेन में 70 हज़ार और मलेशिया में करीब 2 लाख टिकट्स के रिफंड होने की संभावना है. ऐसा इसलिए क्योंकि इन देशों में पुरानी बुकिंग को नई तारीख़ पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता. इससे बड़े पैमाने पर बुकिंग कैंसिल होंगी, जिससे मेकर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा.

वीडियो: थलपति विजय की 'जन नायकन' ने रिलीज से पहले कैसे बटोरे करोड़ों रुपये?

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