एकदम लेटेस्ट और एक्सक्लूसिव खबर ये है कि अमर सिंह के पोस्टर लग गए हैं. नया ये हैकि उनको बीजेपी का एजेंट बताया गया है इन पोस्टर्स में. पुरानी बात ये है कि घरफोड़ने वाला लिखा गया है. लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रनेता अनिल यादव ने ये पोस्टरजारी किए हैं. बुरी बात ये है कि पोस्टर वाकई घटिया है. खुद देख लो. इस पोस्टर कीतस्वीर और बाकी टेक्स्ट से ध्यान हटा लो. सिर्फ घर फोड़वे पर कंसन्ट्रेट करो. उनकीहिस्ट्री चुगली कर रही है कि सब कुछ ठीक नहीं है. पिछले रिकॉर्ड के हिसाब से वोजिसके भी करीब हुए, दूर हो गए. इत्ता ही नहीं. उसकी जिंदगी से निकलते हुए उसकीफैमिली का भाईचारा और प्यार निकाल लाते हैं. रात दिन खड़कने वाले बर्तन डाल आतेहैं. हालांकि स्टोरी दोनों तरफ के फैक्ट्स सोचकर पढ़ने चाहिए. अमर सिंह हमेशा येकहते आए हैं कि धोखा खुद उनके साथ हुआ. उन्होंने जिसका भी साथ मुश्किल में दियाउसने ही ठेंगा दिखाया और चलता बना. उनके दावे में दम होगा भी, लेकिन समाजवादीपार्टी में पड़ी फूट के बाद उनका दावा दबता नजर आ रहा है. फिर भी उन तमाम परिवारोंसे उनकी दोस्ती और उससे आगे बढ़ी दुश्मनी के किस्से जानते हैं.बॉलीवुड के बच्चनशुरुआत ग्लैमर वर्ल्ड से करते हैं. अमिताभ बच्चन आज बिग बी हैं. सदी के महानायक कहेजाते हैं. लेकिन एक टाइम इनकी हालत खस्ता चित्त हलकान था. पांच साल फिल्म इंडस्ट्रीसे दूर रहे. फिर सन 97 में उनकी फिल्म मृत्युदाता आई. पिच्चर पिट गई. अमिताभ कीकंपनी ABCL का पैसा लगा था इसमें. वो भी खतम हो गई. घर बिकने का नंबर आ गया. अमरसिंह ने संभाला. मदद की. अपनी कंपनी को संभाला और नाम रखा ABCorp. दूरदर्शन औरकेनरा बैंक के कर्ज चुकाए. इतना ही नहीं अमिताभ की पत्नी जया बच्चन को समाजवादीपार्टी की तरफ से राज्यसभा सीट भी ऑफर की. वो दौर ऐसा था जब बच्चन फैमिली के साथ हरप्रोग्राम और पार्टी में अमर सिंह दिखते थे. फिर पता नहीं क्या हुआ. खेला पलट गया.अमर सिंह बच्चन फैमिली की आंख का तारा थे, कांख की दाद बन गए. आज अमिताभ बच्चननरेंद्र भाई मोदी के साथ हैं और अमर सिंह धोखेबाजी का रोना रोते रहते हैं.सबसे बड़ा कॉरपोरेट घराना, अंबानीधीरूभाई अंबानी के घर में बटवारा हुआ. वही हुआ जो अपने यहां की फैमिलीज में होताहै. कपार फोड़ प्रोग्राम चालू था. यहां थाली कटोरी भी बीच से कट के बट जाती है. वोतो इत्ता बड़ा घराना है. इतना बड़ा एंपायर बटने में छीछालेदर तो होनी ही थी. अमरसिंह को पता चला कि अनिल अंबानी जो छुटका बेटा है, उसके साथ भेदभाव हो रहा है. अमरसिंह ठहरे बिजनेस माइंड आदमी. दूर की सोचकर छोटे अंबानी की दोस्ती मुलायम सिंह यादवसे करा दी. बिजनेस और राजनीति के इस गठबंधन से पक्के और पुराने समाजवादी गुस्सा गए.लेकिन डील चल गई. सब ठीक चल रहा था फिर फोन टैपिंग कांड हो गया. मीडिया में लीक हुआटेप जिसमें अंबानी 20-25 करोड़ का ऑफर दे रहे थे. इसके बाद छोटे अंबानी ने अमर सिंहका फोन उठाना बंद कर दिया. अमर सिंह अंबानी घराने से दूर हो गए.यूपी का सबसे बड़ा राजनैतिक घरानायादव फैमिली. समाजवादी पार्टी को ही यादव पार्टी कह देते हैं लोग मजाक में. लेकिनइस पार्टी में तो आजम खान भी हैं. इसी पार्टी में कभी अमर सिंह भी थे. जया प्रदा भीथीं. दोनों को एक साथ निकाला गया. तमाम उतार चढ़ाव हुए. मुलायम से दोस्ती 90s सेहै. अमिताभ, अंबानी और मुलायम के बीच पुल का भी काम किया. बीच में कुछ खटाई जरूरपड़ गई थी. लेकिन अब मुलायम फिर अमर अमर जपने लगे हैं. किसी एहसान की बात भी करतेहैं. इसके पार्टी के तमाम लोग और पब्लिक चुगली कर रही है कि मुलायम का घर फोड़नेमें मेन आदमी यही है. रामगोपाल यादव ने तो साफ साफ कह दिया तो उनको नपुंसक बता दिए.कोई कहे कहता रहे लेकिन जो बात है वो बात है. खैर इतने घर फोड़ कार्यक्रम के बादउनके रिश्ते मुलायम से अच्छे हैं. जया प्रदा से भी अच्छे हैं. इसलिए आगे की गुंजाइशभी बची रहती है.