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विदेश में फंसे भारतीयों को देश लौटने के लिए कितने रुपये खर्च करने होंगे?

भारत सरकार 7 से 13 मई के बीच 64 फ्लाइट्स में विदेश से भारतीयों को लाएगी.

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6 मई 2020 (अपडेटेड: 5 मई 2020, 04:05 AM IST)
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विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने कमर कस ली है
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विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने का अभियान 7 मई से भारत सरकार शुरू कर रही है. ये अभियान 13 मई तक चलेगा. एयर इंडिया की कुल 64 फ्लाइट्स से तक़रीबन 15 हज़ार भारतीय अलग-अलग देशों से वापस लाए जाएंगे. भारत लौटने के लिए फ्लाइट के टिकट यात्रियों को ही ख़रीदने होंगे. जो यात्री बिल्कुल टिकट ख़रीदने की स्थिति में नहीं होंगे उनकी मदद को लेकर सरकार विचार करेगी.

उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी कि एयर इंडिया के 10 हवाई जहाज़ UAE, सात फ्लाइट्स अमेरिका-UK, बांग्लादेश और मलेशिया जाएंगी. सऊदी अरब, सिंगापुर, कुवैत और फिलीपिंस के लिए पांच फ्लाइट्स तय हुई हैं. क़तर, ओमान और बहरीन के लिए दो फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी.

विदेश मंत्रालय ने चार्ट बना लिया है. पहली उड़ान में अबूधाबी से कोच्ची एयरपोर्ट पर 209 यात्री लाए जाएंगे. इसी दिन अबूधाबी से 200 यात्री कोझिकोड भी लाए जाएंगे. भारतीय नौसेना के जहाज़ भी मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात से भारतीयों को वापस लाने का काम करेंगे. केरल में पहले चरण के बाद कुल 2,250 भारतीय लौटेंगे.

# टिकट लेने होंगे यात्रियों को

विदेश से भारत आने वाले इन यात्रियों को फ्लाइट्स के टिकट ख़रीदने होंगे. उड्डयन मंत्रालय के अनुसार लंदन से दिल्ली आने तक का किराया 50 हज़ार और ढाका से दिल्ली तक का किराया 12 हज़ार तय किया गया है. अमेरिका से दिल्ली आने के लिए 1 लाख रुपए का किराया देना होगा. इसके साथ ही 14 दिन की क्वारंटीन के दौरान भी इन लोगों को अपना खर्च खुद उठाना होगा.

उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वो भारतीय जो किसी भी हालत में टिकट लेने की स्थिति में नहीं होंगे उनके लिए सरकार कुछ इंतज़ाम करेगी. काम से निकाले गए अप्रवासी भारतीय, बुज़ुर्ग, छात्र और गर्भवती महिलाओं को वापस लाने में प्राथमिकता दी जाएगी.

# जांच के बाद ही हो वापसीः केरल

केरल सीएम पिनराई विजयन ने इस बारे में राज्य स्तर पर रिव्यू मीटिंग के बाद पीएम मोदी से अपील की है कि सभी यात्रियों का COVID 19 टेस्ट करने के बाद ही भारत के लिए इन्हें रवाना करना चाहिए.

सीएम पिनराई विजयन ने कहा,

'हमने पीएम मोदी को याद दिलाया कि भारत ने इटली और ईरान में फंसे भारतीयों को भी देश वापस लाने का काम किया था लेकिन उससे पहले भारतीय मेडिकल टीम ने उन यात्रियों का टेस्ट किया था. अगर केंद्र सरकार तैयार नहीं है तो हम मेडिकल टीम भेजने को तैयार हैं. अगर एक व्यक्ति भी कोरोना वायरस से संक्रमित होता है तो पूरी फ्लाइट में लोगों को ख़तरा होगा. इससे केरल में ही नहीं बल्कि देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा. हमारे लोग देश वापस आएं ये ज़रूरी है लेकिन सुरक्षा के स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए. हमने पीएम मोदी से अपील की है कि वो अपने निर्णय पर दोबारा विचार करें.'


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