एक वाइफ है. गहनों की दुकान पर जाती है. झुमके पसंद करती है. कार्ड स्वाइप करती है.कार्ड नहीं चलता. पति को फ़ोन करती है. पति स्मार्ट है. तुरंत पैसे डालता है. वाइफपेमेंट करती है. वाइफ खुश. पति पूछता है कि आज फिर तो उसे सोफे पर नहीं सोना पड़ेगा.वाइफ कहती है कभी नहीं. ये ऐड है आईसीआईसीआई बैंक का. इस ऐड में कई बातें हैं.1. पैसों का काम पति का है, शॉपिंग का पत्नी कातो पति किसी के साथ मीटिंग कर रहा है. जाहिर है, वो ऑफिस में बैठा है. यानी पैसेकमाना उसका काम है. पत्नी शॉपिंग कर रही है. जाहिर है, वो ऑफिस नहीं जाती. जाती तोऑफिस में होती. हो सकता है, जाती भी हो, लेकिन उसका कोई पर्सनल अकाउंट नहीं है. जोपैसे वो खर्च कर रही है वो या तो पति के अकाउंट से हैं. या फिर दोनों के जॉइंटअकाउंट से है. औरत काम करे, उड़ाए, अपने ऊपर. लेकिन यहां पति से पैसे लेने पड़ते हैं.2. पत्नी आपकी मजबूरियां नहीं समझती, केवल शॉपिंग करना चाहती हैपत्नी पैसे ट्रांसफर होने की कोई वजह नहीं जानना चाहती. नहीं जानना चाहती कि पति कीकोई मजबूरी हो सकती है. पत्नी को बस अपने गहने चाहिए. क्योंकि वो तो केवलसजने-संवरने का काम करती है. दिमाग से काम नहीं लेती.3. पत्नी को डायमंड चाहिए हर हाल में, वो खुश हो जाएगीडायमंड और औरत का तो मानो खून का रिश्ता हो. ये सिर्फ इस ऐड की बात नहीं. हर ऐड मेंदेखा जाता है कि औरत को डायमंड मिल गया तो दुनिया मिल गई. डायमंड और गहनों केविज्ञापनों ने लोगों और खुद औरतों के दिमाग में ये भर दिया है कि हीरा औरतों केगर्व और आत्म-सम्मान को दिखाता है. जितना बड़ा हीरा, औरत उतनी ही खूबसूरत. औरतों कीएलिगेंट और इंडिपेंडेंट छवि बनाने वाला यही हीरा ये भी सिखाता है कि औरतों की पहचानउनके गहने होते हैं. उस हिसाब से तो देश की 90 फीसदी महिलाओं का कोई आत्मसम्मानहोगा ही नहीं. वो हीरे अफोर्ड जो नहीं कर पाएंगी.4. पत्नी को डायमंड देंगे तो बदले में वो आपको सेक्स देगी. यानी आपको काउच पर नहींसोना पड़ेगा.परोक्ष रूप से सेक्स का ज़िक्र आना मानो पति-पत्नी के प्यार पर मुहर सी है. सेक्सयहां पर एक इनाम की तरह है. जो पत्नी पति को तब देती है, जब वो गहने दिला देता है.वरना औरत 'हार्ड टु प्लीज' होती है. अगर उसे गहने दिला दो तो पिघल के सेक्स कीइजाजत दे देती है. बैंकों में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी बहुत आगे निकल गई है.घर बैठे पैसों का ट्रांसफर, उनका लेन-देन कर सकते हैं. लेकिन जाने क्यों येमानसिकता उस गति से नहीं बदल रही जिस गति से टेक्नोलॉजी बदल रही है. कब तक औरतेंविज्ञापनों में पतियों के पैसों पर जीती रहेंगी? कब तक वो केवल गहने खरीदना, खानाबनाना और कपड़े धोने का काम करेंगी?--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:ऐश्वर्या बच्चन से राधिका आप्टे तक, ये हीरा हमें सदा उल्लू बनाता रहा है!