The Lallantop
Advertisement

इबारत : धाकड़ प्यार करने वाला कैसेनोवा कल्ट कैसे बन गया?

उसकी ये 10 बातें तो और भी क्लासिक हैं

Advertisement
pic
4 जून 2020 (अपडेटेड: 4 जून 2020, 03:16 PM IST)
Img The Lallantop
कैसेनोवा, जो नाम के आगे निकलकर प्रतीक बन गया उसपर कई फ़िल्में भी बनीं, ये उनके स्क्रीन शॉट हैं
Quick AI Highlights
Click here to view more

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में कैसेनोवा शब्द का मतलब है, एक ऐसा व्यक्ति जिसके कई सारी महिलाओं के साथ संबंध हों. ये ‘कैसेनोवा’ शब्द 18वीं शताब्दी के इटैलियन लेखक, जादूगर, ठग और एक्टर ‘जियाकोमो जैकोपो गिरोलामो कैसेनोवा’ से बना है. एक ऐसा आदमी जिसके प्रेम संबंधों ने उसे आदमी से एक प्रतीक में बदल दिया. दुनिया भर में फ्लर्ट करने, संबंध बनाने और पौरुष दिखाने का प्रतीक. मगर कैसनोवा की ज़िंदगी में एक सीरियल लवर से अलग भी बहुत कुछ था.

8 साल की उम्र में कैसेनोवा के पिता की मौत हो गई. और उसे बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया गया. कैसेनोवा ने सबसे पहली नौकरी चर्च में की. जहां उसने सबसे पहले पोप से प्रतिबंधित किताबों को पढ़ने की इजाज़त मांगी. कैसेनोवा ने अपने लिखने के हुनर का इस्तेमाल बड़े अधिकारियों के सीक्रेट प्रेम पत्र लिखने में किया. एक दिन छिपे हुए अफेयर का राज़ खुल गया. और कैसेनोवा को बलि का बकरा बनाकर चर्च से निकाल दिया गया. इसके बाद उसने सेना में नौकरी की. ऑर्केस्ट्रा में वायलनिस्ट के तौर पर काम किया. वकील बना, प्रोफेश्नल जुआरी बना और अंत में यूरोप के लंबे टूर पर निकल गया.

कैसेनोवा पर दुनिया भर में किताबें लिखी गईं, फ़िल्में बनीं और नाटक खेले गए. लेकिन आज तक इस शख्स की गुत्थी कोई पूरी तरह नहीं सुलझा सका. कल्ट बन चुका कैसेनोवा अब भी अलग-अलग समय अलग-अलग सन्दर्भों में इस्तेमाल किया जाता है.

आज कैसेनोवा की बरसी पर सुनिए उसके कहे-लिखे में से दस सबसे बेहतरीन बातें –   # प्यार करने के लिए आपके पास शब्द होने चाहिए. चुप रहने से प्रेम का दो तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है.   # कोई ग़लती न करना, केवल तब संभव है, जब आप कुछ भी न करें.   # सबसे सुखद आनंद वो हैं, जो सबसे मुश्किल से मिले हों.   # मैं अपनी ज़िंदगी इसलिए लिख रहा हूं, ताकि उसपर हंस सकूं. और मैं इसमें सफल हो रहा हूं.   # वो सिद्धांत जो मुझे झूठ बोलने से रोकते हैं, वही सिद्धांत मुझे सच भी नहीं बोलने देते.   # जब कोई प्रेम में होता है, तो छोटी से छोटी चीज़ उसे निराशा में धकेल देती है, और उतनी ही छोटी चीज़ उसके आनंद को कई गुना बढ़ा देती है.   # जो कोई भी खुद को शिक्षित करना चाहता है, उसे पहले पढ़ना चाहिए और फिर यात्राएं करनी चाहिए.   # उसने जो कहानी मुझे सुनाई वो संभव तो थी लेकिन, भरोसेमंद नहीं थी.   # हम बिना तर्कों के प्रेम करते हैं और फिर बिना तर्कों के ही प्रेम करना छोड़ देते हैं.   # ख़ुद से किए वादे तोड़ना हमेशा ही बहुत आसान होता है.
ये वीडियो भी देखें:

केरल में गर्भवती हथिनी के मौत के मामले में ये नई बात सामने आई है

Advertisement

Advertisement

()