घर में कोई कोरोना संक्रमित है तो ये छह बातें आपको माननी ही पड़ेंगी
क्या करें और क्या न करें, मेदांता अस्पताल ने बताया है.
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फोटो - thelallantop
कोरोना के मरीज़ों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती है जा रही है. अस्पतालों में बेड्स ना मिलने के कारण बहुत से पेशेंट्स ने खुद को घरों में आईसोलेट किया है. ऐसे में उनके घरवालों के लिए चैलेंज बहुत बढ़ जाता है. खुद को सुरक्षित रखते हुए पेशेंट की देखभाल कैसे करें? किन चीज़ों का ध्यान रखें? किन चीजों को नज़रअंदाज़ न करें? आइए बताते हैं आपको.
मेदांता हॉस्पिटल ने इन सभी सावधानियों को लेकर एक कोविड गाइडलाइन जारी की है. जिसमें कोरोना से जुड़े लगभग हर पहलू पर बात की गई है. मास्क कैसे लगाएं, हाथ कैसे धोएं, कैसी डाइट हो और कैसे एक्सरसाइज़ करें, इन पर डिटेल में चीजें बताई गई हैं.
घर में कोरोना मरीज़ हो तो इन छह बातों का ख्याल रखना ज़रूरी है-
1. मास्क है ज़रूरी
घर के जिस भी कमरे में कोविड पेशेंट को आइसोलेट किया गया है, अगर आप वहां जाते हैं तो आपको ट्रिपल लेयर मास्क पहनना चाहिए. वैसे तो कोशिश करें उस कमरे में कम से कम जाना हो. लेकिन अगर किसी भी परिस्थिति में आपको उस कमरे में जाना पड़ता है तो आप ट्रिपल लेयर मास्क पहनकर ही वहां जाएं. इसके साथ ही पेशेंट से भी मास्क पहने रहने को कहें. मास्क का फ्रंट हिस्सा आपको अपने हाथों से नहीं छूना है. सिर्फ कान के पीछे लगे इलास्टिक का इस्तेमाल करके ही इसे लगाएं और हटाएं. इसके तुरंत बाद अपने हाथों को साफ भी करें.
अगर आपका मास्क गंदा या गीला हो गया है तो इसे फौरन बदल लें. इसकी जगह नया और साफ मास्क इस्तेमाल में लाएं. इसके साथ ही पुराने मास्क को डिस्पोज़ करने के बाद भी हाथों को अच्छी तरह सैनेटाइज़ जरूर करें.
2. हाथों को साफ रखें
अगर आपके घर में कोई कोविड पेशेंट है तो उसके कमरे में जाने और आने के तुरंत बाद आप अपने हाथों को साफ करें. इसके अलावा खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, टॉयलेट से आने के बाद या जब भी आपको अपना हाथ गंदा लगे उसे फौरन साफ करें. हाथों को धोने के लिए साबुन और पानी का इस्तेमाल करें. कम से कम 40 सेकेंड तक हाथों को अच्छी तरह धोएं. हाथों को सेनेटाइज़ करने के लिए एल्कोहल बेस्ड सैनेटाइज़र का यूज़ कर सकते हैं.
हाथों को साफ करने के बाद सुखाने के लिए डिस्पोज़ेबल टीशू पेपर का इस्तेमाल करें. अगर वो ना हो तो कोई साफ कपड़ा इस्तेमाल करें. जब ये कपड़ा थोड़ा भी गीला लगे तो उसके फौरन धोने में डाल दें या रिप्लेस कर दें.
3. पेशेंट के साथ डायरेक्ट कॉन्टैक्ट
पूरी कोशिश करें कि आप कोविड पेशेंट के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में न आएं. अगर आप पेशेंट को फीज़िकल तरीके से हैंडिल कर रहे हैं तो उन्हें छूने से पहले डिसपोज़ेबल ग्लव्स का इस्तेमाल करें. जिसे कमरे से बाहर निकलते ही डिस्पोज़ कर दें. ग्लव्स निकालने के बाद भी अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करें.
4. ज़रूरत के सामान कर दें अलग
पेशेंट को उसका खाना उसके कमरे में ही दें. उनके साथ खाने के बर्तन, पानी की बोतल, साबुन, तौलिया या किसी भी चीज़ को शेयर ना करें. पेशेंट की हर चीज़ अलग रखें. पेशेंट के खाने के बर्तन साफ करते समय भी सावधानी बरतें. इसे साबुन पानी या डिटर्जेंट से ही धोएं. इसे धोते समय भी अपने हाथों में ग्लव्स ज़रूर पहनें. इसे हटाने के बाद अपने हाथों को फिर से सैनिटाइज़ करें. ये आपकी और आपके घर वालों की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है.
5. साफ-सफाई को नज़र अंदाज़ न करें
घर की साफ-सफाई करनी भी ज़रूरी है. नियमित रूप से घर के स्विच बोर्ड्स, काउंटर टॉप्स, रेलिंग, और दरवाज़ों के हत्थों को साफ करते रहें. अपने फोन को भी सैनेटाइज़ ज़रूर करें. आपको ये भी ध्यान रखना है कि पेशेंट समय पर डॉक्टर की लिखी हुई दवा लेता रहे. उसकी हेल्थ की अपडेट डॉक्टर तक पहुंचाते रहें.
6. अपना रेग्युलर चेकअप भी करें
अगर आप कोरोना पेशेंट का ख्याल रख रहे हैं तो आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए. अगर आप पेशेंट के साथ क्लोज़ कॉन्टैक्ट में नहीं भी हैं तब भी आपको अपनी हेल्थ पर नज़र रखनी चाहिए. अपना टेम्प्रेचर चेक करते रहिए. कोविड-19 से जुड़े कोई भी लक्षण अगर आपके अंदर दिखाई देते हैं जैसे फीवर, कफ, सांस लेने में तकलीफ या स्मेल और टेस्ट का चले जाना तो आप फौरन डॉक्टर की सलाह लें.
इस वक्त आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. इसलिए अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें. साथ ही एक्सरसाइज़ जारी रखें. कोविड महामारी को खत्म करना है तो हमें खुद को अंदर से स्ट्रॉन्ग रखना होगा. सेफ्टी बरतें और घर से बेवजह बाहर ना जाएं.

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