The Lallantop
Advertisement

House of the Dragon season 2: आ रहा है उन्माद!

Game of Thrones के मुक़ाबले House of the Dragon में कहानी की रफ़्तार तेज़ है. 10 घंटों (से कुछ ज़्यादा) में कहानी बहुत आगे निकल गई है. कितनी शादियां, कितनी हत्याएं, कितने हादसे बीत गए. अब किताब पढ़ने की जगह शो देखने वाले हमारे-आपके जैसे आलसी प्रेमियों के लिए ज़रूरी है कि रीविज़न हो.

Advertisement
house of the dragon 2 releasing
ठंडा, ख़ूनी युद्ध आ रहा है.
font-size
Small
Medium
Large
13 जून 2024
Updated: 13 जून 2024 15:50 IST
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

House of the Dragon का दूसरा सीज़न आने वाला है. मद्दाहों को ये मालूम ही होगा. जो बच गए, वो सुसरे सब सर्सी लैनिस्टर की टीम के होंगे. पहले सीज़न के पहले एपिसोड को देखकर ही कवि ने कह दिया था कि भले ही ये कहानी ‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ की कहानी से 172 साल पहले घटी, लेकिन खेल तख़्त का ही है. वही झूठ, वही कपट, वही लालसा, वही पॉलिटिक्स. माने मेकर्स के पास गुंजाइश किरदारों में है. पिछला सीज़न तीन किरदारों पर सेट था. तात्कालिक राजा विसेरिस, उनका भाई डेमन और उनकी बिटिया रेनेरा. राजा विसेरिस का तख़्त किसका होगा, इसकी लड़ाई चाचा-भतीजी से छिड़ी और अब जोरू बनाम बिटिया की हो गई है.

सिर्फ़ एक सीज़न देखकर ये कहना बेमानी होगा, लेकिन Game of Thrones के मुक़ाबले इस शो में कहानी की रफ़्तार तेज़ है. 10 घंटों (से कुछ ज़्यादा) में कहानी बहुत आगे निकल गई है. कितनी शादियां, कितनी हत्याएं, कितने हादसे बीत गए. अब किताब पढ़ने की जगह शो देखने वाले हमारे-आपके जैसे आलसी प्रेमियों के लिए ज़रूरी है कि रीविज़न हो. वापस उस दुनिया में ढुकने का माहौल बने. लेकिन कहानी की उंगली पकड़कर नहीं, पात्रों की उंगली पकड़कर.

क्या से क्या हो गए, देखते-देखते...

राजा विसेरिस के पात्र की कोई ख़ास डिटेलिंग तब मालूम नहीं पड़ी. मगर धीरे-धीरे किरदार खुला. ये किरदार कुछ-कुछ नेड स्टार्क जैसा है. ‘सही’ और न्याय के पक्ष में खड़े होने का प्रयास करता है. अपने नाम और ख़ानदान के नाम के लिए लालसा है, लेकिन सबको एकजुट रखना चाहता है. कुछ सत्यों पर परदा रखता है कि कलह न हो जाए. मगर उसकी अपनी इच्छाएं हैं. बेटी से असीम मुहब्बत करता है, पर बेटे का मोह भी है. और, उसी के एक चयन की वजह से दो दोस्तों की बचपन की दोस्ती ख़त्म हो जाती है, परिवार में दो फाड़ हो जाते हैं.

विसेरिस अपने दोस्तों पर भरोसा करके धोखे खाता है. मालूम होता है, तो स्टैंड भी लेता है. पर वही साथ रहने की चाह… वापस धोखे देती है. 

राजा विसेरिस के कुछ लक्षण नेड स्टार्क जैसे थे.

शो में कुछ एपिसोड्स में विसेरिस को एक लाइलाज बीमारी हो जाती है. एक तरह का चर्म रोग, जो धीरे-धीरे उसे अंदर से मारने लगता है. उसके इलाज में भी उसका एक दोस्त उसे छलता है. उसे धीमा ज़हर देता है. मगर शो में एक सीन है, जिसमें विसेरिस एक बूढ़े शेर की मानिंद गरजता है. ये उसका पीक है. उसकी अंतिम चीख़.

डेमन का किरदार पहले-पहले वैसा ही दिखा, जैसा अमूमन राजा के छोटे भाई का होता है. ताक़तवर, चार्मिंग, एंबिशियस, बिगड़ैल और अहंकारी. अपने बड़े भाई से चिढ़ा हुआ, क्योंकि उसे भी तकलीफ़ होती है कि वो योग्य है और लोग उसकी योग्यता पहचान नहीं पा रहे. डेमन तख़्त का भूखा था, और शुरू के कई एपिसोड्स में वो इस डेलूलू में ही रहा कि उसके अलावा तख़्त किसी और का हो नहीं सकता. वही है सच्चा हक़दार. लेकिन अब डेमन विरक्त-सा लगता है. वैराग्य के क़रीब. जैसे उसने बहुत कुछ खो दिया हो, जो किसी भी तख़्त से ज़्यादा क़ीमती था.

डेमन टार्गेरियन. कुछ के लिए हीरो, कुछ के लिए विलन.

अब उसमें एक मेच्योरिटी झांकती है. एक तरफ़, राज और शोहरत को लेकर विरक्ति, साथ में परिवार को लेकर बढ़ती ज़िम्मेदारी और जुड़ाव. पहले जो ‘ग्रेट वॉरियर विद अ लॉस्ट कॉज़’ लगता था, सीज़न के अंत तक आते-आते न्यायप्रिय, प्रेम और परिवार के लिए कुछ भी कर जाने वाले जैसा योद्धा लगने लगा है. अगर ग्रे की सुई से नापें, तो हल्का ग्रे. सफ़ेद की तरफ़ फैला हुआ ग्रे.

ये भी पढ़ें - 'हाउस ऑफ़ द ड्रैगन' देखने से पहले उसका इतिहास जान लीजिए!

रेनेरा के पात्र के दो हिस्से हैं. पहला - एक युवा तुर्क का. ये किरदार बहुत हद तक अपनी पर-पर-पर पोती डिनेरियस टार्गेरियन से मेल खाता है. एक क़िस्म का कच्चापन, मासूमियत और वैसा ही रौब. स्क्रिप्ट की मांग थी कि रेनेरा अपने ‘डार्क मोड’ में जल्दी आए, सो आई. ग़ौर करने वाली बात है कि उसकी चतुराई खली नहीं, निराशा नहीं हुई कि ये भी ‘उन सब’ जैसी निकली. शुरू से ही उसके मासूम से चेहरे में नॉट-दैट-मासूम सी आंखें दिखती थीं.

टीनेज रेनेरा और ऐलिसेंट.

ज्यों वो बड़ी हुई, तो ‘बड़ी’ ही हो गई. चतुर वो अब भी है, लेकिन आवेगी नहीं. समझदार है. सयानी. इसका एक कारण दूसरी ऐक्ट्रेस (एमा डार्सी) का रेनेरा प्ले करना भी हो सकता है.

रेनेरा अपनों पर जान छिड़कती है, लेकिन अपने ख़ानदान की शोहरत और धाक उसके लिए ज़्यादा अहम मालूम पड़ते हैं. उसे अपने नाम और सत्ता पर कोई दाग़ नहीं चाहिए. इसीलिए वो बहुत फूंक-फूंककर छाछ पीती है. स्ट्रॉन्ग-हेडेड है. किसी की चाल में नहीं आती. अपना खेल जानती है.

ऐलिसेंट हाईटावर. रेनेरा की बेस्ट फ़्रेंड (पढ़ें, एक्स-बेस्ट फ़्रेंड). इस शो में सबसे जाबड़ कैरेक्टर आर्क ऐलिसेंट का ही है. वो एक सीधी-सी राजकुमारी की दोस्त से इस गाथा का आधा हिस्सा बन चुकी है. वो ऐसी थी नहीं. उसमें कपट नहीं था. खेल की उत्सुकता नहीं थी. उसके पिता ने उसे उस रास्ते ढकेलने की कोशिश की, मगर बहुत दिन तक वो बची रही.

बचपन की दोस्ती यहां तक आ गई.

असल में वो नेक थी और रेनेरा शातिर – मगर ये बात किसी और को नहीं दिखती थी. उसके मन में इसी बात का कॉम्पलेक्स पलता रहा, और नीचे दिख रहे सीन में बाहर बह आया. इसीलिए इस सीन में जब रेनेरा कहती है, “अब सब तुम्हें वैसे देख सकते हैं, जैसी तुम असल में हो.” तब उसे झटका लगता है. क्योंकि यही बात वो रेनेरा के साथ होते हुए देखना चाहती थी.

ऑटो हाईटावर और कोर्लिस वलेरियन को साथ में डिसकस करने की वजह एक है. दोनों में दो बातें कॉमन हैं. दोनों को ताक़त चाहिए, और दोनों बहुत अमीर हैं. बस दोनों, दो कंधों पर है. ऑटो का जामा तो शुरुआती एपिसोड्स में ही उतर गया था, जब उसने अपनी बेटी को राजा को ‘कम्फ़र्ट’ करने के लिए कहा. वो पूरे सम्राज्य का दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति है. मगर उसे इसे ज़्यादा चाहिए.

चाहिए तो कोर्लिस को भी ज़्यादा ही. वो अपनी पत्नी से कहता है, “लेगेसी की चाह से इतर ये छोटा नश्वर जीवन है ही क्या? इतिहास में ख़ून नहीं, नाम बचते हैं.”  बस वो इतना नीच नहीं (अभी तक) कि बहुत कपट कर जाए. उसे इज़्ज़त भी चाहिए. 

ये भी पढ़ें - हाउस ऑफ़ द ड्रैगन: फुल सीज़न रिव्यू

इस बार नए करतबियों में दो लोगों के लिए ख़ास मेंशन रहेगा. एक आंख वाला प्रिंस एमॉन्ड टार्गेरियन और पांव का ‘प्रेमी’ लॉर्ड लैरिस स्ट्रॉन्ग. 

एमॉन्ड का गेम तो साफ़ है. वो प्रॉडिजी क़िस्म का है. बचपन से ही होनहार और हिम्मती. युद्ध कौशल भी मन से सीखा और लड़ने के पैंतरे भी. मैदान-ए-जंग से बाहर के पैंतरों पर भी ध्यान दिया. चूंकि उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा ड्रैगन है, सो उसकी अकड़ भी ऊंची है. डेमन के सामने अगर कोई टिक सकता है, तो वही है. मार्टिन की किताब में उससे जुड़ा एक बहुत धाकड़ सीन है, जो इस पार्ट या आने वाले किसी पार्ट में दिखेगा.

एक आंख वाला प्रिंस और पांव का प्रेमी.

लैरिस के किरदार में आप एक धूर्त को आसानी से खोज सकते हैं. शकुनी जैसे लंगड़ाता है, उतना ही कुटिल. परिवार में उसे प्रेम और इज़्ज़त नहीं मिली, तो रानी के कहने भर पर अपने बाप-भाई को मरवा दिया. अपना इनाम भी तुरंत क्लेम कर लिया. 

उसे एक ख़ास क़िस्म की फ़ेटिश है, फ़ुट फ़ेटिश. इसे पोडोफ़िलिया भी कहते हैं. इसके मारे लोगों को पैरों में कामुकता नज़र आती है. उन्हें पैरों से यौन सुख मिलता है. इस एक फ़ीचर की वजह से वैरिस के किरदार में ईविल की मात्रा ज़्यादा दिखने लगती है. ऐसा अक्सर ऐंटी-हीरोज़ के साथ होता है. अगर उन्हें किसी ख़ास क़िस्म की सेक्शुअल फ़ेटिश है, तो वो ज़्यादा ‘बुरे’ लगते हैं. 

ये भी पढ़ें - 'द वील ऑफ टाइम': अमेज़न का वो शो, जिसके आगे 'गेम ऑफ थ्रोन्स' का रंग फीका पड़ जाएगा

चला-चली की बेला में दो बातें

इस बार की कहानी दो अलग सिरों पर नाच रही है. रेड बनाम ग्रीन. दोनों हैं टार्गेरियन्स ही, और दोनों का ही दावा है कि तख़्त पर असल हक़ उनका. इन्हीं के बीच होना है ‘डांस ऑफ़ द ड्रैगन्स’. इस बार मेकर्स ने इस लड़ाई को पर्याप्त जगह दी है. दोनों के अलग-अलग ट्रेलर भी निकाले हैं. अब देखने वालों को चुनना है अपना पाला. 

पर इसमें एक कैच है. ‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ में सब राजनीति कर रहे थे, लेकिन लाइन खींची जा सकती थी कि कौन सही है, कौन ग़लत. वहां भी दो टीमें थीं, मगर मोटे तौर पर जनता मुतमइन थी कि वो किस साइड है.

इस कहानी में उसके बरक्स नैतिकता का पतन हुआ है. ऐसे कम किरदार हैं, जिन्हें आप ‘अच्छा’ कह सकें; जिनके लिए लगे कि अगर सीन में वो है, तो ग़लत या नाइंसाफ़ी के विरोध में आवाज़ उठेगी. अभी तक मेकर्स ने रस्सी की चाल को सही-सही लहाया है. मज़े की बात तब हो, जब पूरी सीरीज़ भर यही चर्चा रहे - कौन कैसा है? अच्छा है कि बुरा है? अगर जनता ने एक पाला चुन लिया, तो कहानी क्लीशे हो जाएगी. अंत तक देखने वाला परेशान रहना चाहिए कि वो किसको जिताना चाहता है.

ये भी पढ़ें - 'गेम ऑफ थ्रोन्स' जैसे 10 अद्भुत फैंटसी शो, जो रॉयल हैं, ग्रैंड हैं, अप्रतिम हैं

बाक़ी अगर मेकर्स निराश करते हैं, तो ड्रैगन्स कहानी को गिरने से बचा ही लेंगे. ड्रैगन्स जितने ख़तरनाक़ जीवों का रोमैंटिसाइज़ेशन इस क़दर है कि हर बार ड्रैगन के स्क्रीन पर आने से आपको अलग ही चिल्स मिलते हैं.

‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ लोकप्रियता के जिस चरम पर था, ‘हाउस ऑफ़ द ड्रैगन’ अभी वहां तक नहीं पहुंच पाया है. पहले तो हफ़्तेवार एक अनकहा नियम था, कि हफ़्ते भर उसी एपिसोड के बारे में बातें होंगी और अगले एपिसोड के लिए भिड़ाई जाएंगी अटकलें. इस बार उतना बज़ नहीं है, लेकिन कहानी को और खुलने का मौक़ा देते हैं. दर्शकों में उतरने का मौक़ा. 

ये सीरीज़ जियो सिनेमा पर मयस्सर है. सोमवार, 17 जून 2024 की सुबह House of the Dragon Season 2 का episode 1 आ जाएगा.

वीडियो: जीओटी का प्रीक्वल 'हाउस ऑफ ड्रैगन' बनकर तैयार

thumbnail

Advertisement

Advertisement