'अनदेखी' के बाद सलीम खान ने हर्ष छाया को फोन लगाया, कहा- "तुम ये रोल नहीं कर पाते अगर..."
'अनदेखी' देखने के बाद सलीम खान ने अरबाज़ खान से हर्ष को फोन लगवाया और जो हुआ, वो हर्ष ने सोचा भी नहीं था.

Harsh Chhaya को वेब सीरीज़ Undekhi में पापाजी के किरदार में देखने के बाद उन्हें कई लोगों के फोन आए. इनमें वो एक्टर-डायरेक्टर भी शामिल हैं, जिनके साथ काम किए दशकों बीत गए. और वो भी जिनके साथ न कभी काम किया, न ही हर्ष उनसे मिले. एक तुनकमिज़ाज, अड़ियल, शराबी रईस के किरदार में उन्हें पसंद करने वालों में एक नाम दिग्गज फिल्म राइटर Salim Khan का भी है. उन्होंने Arbaaz Khan से फोन लगवाकर हर्ष से लंबी बातचीत की. उनके काम की तारीफ़ की. और उन्हें बताया कि Sholay में सूरमा भोपाली का किरदार भी उन्हें कुछ वैसे ही सूझा था, जैसे हर्ष को पापाजी के कैरेक्टर का स्केच रियल लाइफ से मिला था.
हाल ही में जब हर्ष छाया दी लल्लनटॉप के ख़ास कार्यक्रम गेस्ट इन द न्यूज़रूम में आए, तो उन्होंने उन सभी का जिक्र किया, जिन्होंने ‘अनदेखी’ देखने के बाद उन्हें फोन किया. उन्होंने कहा,
“सबसे पहला कॉल मुझे अनूप सोनी का आया था. जो मुझे बड़ा अच्छा लगा, क्योंकि ऐसी कोई हमारी बहुत दोस्ती-यारी है नहीं. पांच-छह साल में कहीं मिल गए तो मिल गए. बेशक जानते हैं हम एक-दूसरे को. हमने साया में साथ काम भी किया हुआ है. लेकिन 25-30 साल बाद अचानक कोई फोन करे, और कहे कि यार मैंने अभी तुझे देखा. बहुत मज़ा आया. और वो भी इस उत्साह से चहक रहा था उस वक्त कि हमें मौक़ा मिले, तब तो कुछ कर के दिखाएं. वो मेरे लिए बतौर एक्टर भी ख़ुश था. आपको मौक़े एक हद के बाद ही मिलते हैं इंडस्ट्री में. जब आप स्टार हो जाते हैं. वरना तब तक आपको टाइपकास्ट करके ही रखा जाता है. मेरे साथ तो ऐसा कई बार हुआ है, कि लोग बोलते हैं कि इसको बहुत देख लिया. किसी और को लाओ. मगर हीरो सालों-साल वही रहता है, और वही सब करता रहता है.”
‘अनदेखी’ के लिए फोन कॉल्स के सिलसिले में दूसरा नाम है अरबाज़ खान का. मधुर भंडारकर की ‘फैशन’ में हर्ष और अरबाज़ ने साथ काम किया था. अरसे बाद अरबाज़ से हुई बातचीत के बारे में हर्ष ने कहा,
“फैशन में हमने साथ काम किया था. मगर उसके बाद हमारी बातचीत कभी नहीं हुई. अनदेखी के बाद उन्होंने कॉल किया. और बोले- क्या किया है तुमने. तुमने कुछ काम किया है ना अभी हाल ही में. कोई सीरीज़ है. क्या किया है तुमने यार! मेरे पापा तुमसे बात करना चाहते हैं. वो बहुत एक्साइटेड हैं तुमसे बात करने के लिए. ये फोन उन्होंने ही लगवाया है. और बस, उन्होंने फोन खान साहब को दे दिया. मुझे लगा एक-दो मिनट बात करेंगे. मगर ऐसा नहीं हुआ.”
सलीम खान से हर्ष की गुफ्तगू कुछ 15 मिनट चली. कुछ बातें शेयर करते हुए हर्ष ने कहा,
“वो बोले- मैं कह रहा था इनसे कि इसने ये कहीं देखा होगा. तो ही ये कर सकता है. नहीं, तो नहीं कर सकता है. मैंने कहा- जी. मैं दिल्ली में बड़ा हुआ हूं. दिल्ली में मैंने ये माहौल देखा है. वो बड़े तजुर्बेकार आदमी हैं. और उनका ऑब्ज़र्वेशन सही था. फिर उन्होंने पूरी सूरमा भोपाली की कहानी बताई. बोले- आपने देखा होगा शोले का सूरमा भोपाली. तो वो यूं ही थोड़े ही आ गया था. बोले हम भोपाल गए थे. और वहां हमें ऐसा एक किरदार मिला. तो पूरे 10-15 मिनट उनके साथ बात हुई. अनुराग कश्यप का भी कॉल आया था. उन्होंने तो पोस्ट भी डाली थी. तो कुल मिलाकर अच्छा रहा वो माहौल. वो पूरा झामा अच्छा रहा.”
हर्ष छाया ने ज़ी टीवी के सीरियल ‘तारा’ (1993-1997) से शुरुआत की थी. हालांकि इससे पहले चार साल ऑफ कैमरा भी उन्होंने काम किया. चार-पांच फीचर फिल्मों की स्क्रिप्ट्स लिखीं. साल 1998 में वो ‘साया’ नाम के सीरियल में आए. इसमें अनूप सोनी के साथ आर. माधवन भी थे. इसी सीरियल ने उनकी इमेज रिमलेस चश्मे पहनने वाले सोफिस्टिकेटेड कैरेक्टर आर्टिस्ट की बना दी. बड़े पर्दे पर उनकी शुरुआत हुई साल 2000 में आई ‘दिल प मत ले यार से. फिर ‘कंपनी’, ‘भेजा फ्राय’, ‘फैशन’, ‘जॉली LLB’ और ‘किल’ में भी भी उन्होंने छोटे मगर दमदार किरदार निभाए. मगर ‘अनदेखी’ ने उन्हें वो पहचान दी, जिसके वो हमेशा से हक़दार थे. इस सीरीज़ का चौथा सीज़न प्रीमियर हो चुका है. इसे देखने के लिए सोनी लिव पर जाएं. और हर्ष छाया का ये पूरा इंटरव्यू देखना है, तो दी लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल या वेबसाइट पर आएं.
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