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गोविंदा ने बताया सेट पर इसलिए लेट पहुंचते थे, क्योंकि वो दिलीप कुमार के चेले थे

21 साल के Govinda से Dilip Kumar ने 25 फिल्में छुड़वा दीं. गोविंदा बोले "मैं पैसे खा चुका हूं, लौटाऊंगा कहां से?"

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1991 में दिलीप कुमार और गोविंदा ने फिल्म 'इज़्ज़तदार' में साथ काम किया था.
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अंकिता जोशी
11 मार्च 2025 (Published: 06:37 PM IST)
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Govinda अपने दौर के सबसे तगड़े एक्टर माने जाते थे. मगर उनके सभी डायरेक्टर्स उनकी एक आदत से परेशान रहते थे. सेट पर देरी से आने की वजह से. गोविंदा ने हालिया इंटरव्यू में अपनी फिल्मों के सेट पर देरी से पहुंचने के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि वो दिलीप कुमार के चेले हैं. उनके कहने पर गोविंदा ने 25 फिल्में भी ठुकरा दीं. ये सारी बातें उन्होंने हाल ही में Mukesh Khanna के यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में बताई.

मुकेश खन्ना ने गोविंदा से पूछा कि वो सेट पर लेट पहुंचने के लिए बदनाम थे. मगर वो सेट पर देरी से क्यों पहुंचते थे. इस पर गोविंदा ने कहा-

“दिलीप साहब का चेला था मैं. लेट वेट में मेरा विश्वास नहीं है. आपने कभी शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम देखा है? कलाकार पहले सुर-ताल मिला के ट्यूनिंग करते थे. चाहे जितना वक़्त लगे, ट्यूनिंग के बाद ही कार्यक्रम शुरू होता था. मैं भी अपने सुर-ताल मिला के जाता था. जब तक ये ट्यूनिंग सेट न हो जाए, मैं सेट पर पहुंचता ही नहीं था. यही फंडा मैं आज भी फॉलो कर रहा हूं. दिलीप साहब भी यही करते थे.”

2000 के आसपास गोविंदा का करियर ढलान पर था. ज़्यादातर लोगों ने उनकी देरी से आने की आदत को इसकी वजह बताया. इस बारे में इस पॉडकास्ट पर भी चर्चा हुई. बातचीत में गोविंदा ने बताया कि एक दौर में उनकी 40 फिल्में एक साथ शूट हो रही होती थीं. साइन तो उन्होंने 75 फिल्में कर ली थीं. तब  वो मात्र 21 साल के थे. दिलीप कुमार के कहने पर उन्होंने 25 फिल्में छोड़ दीं. गोविंदा बताते हैं,  

“यहां से वहां जाऊं, वहां से वहां जाऊं. मैं बस भाग रहा था. मुझ जैसा अनपढ़ इंसान फिल्म लाइन के हाथ लग गया ना, तो रगड़ रहे थे. मैं बीमार रहने लगा. आए दिन सेट पर तबीयत बिगड़  जाती थी. एक बार तो मैं 15 दिन सो नहीं पाया. लगातार शूटिंग कर रहा था. एक-दो बार हॉस्पिटलाइज़ भी हुआ. अगर दिलीप साहब न मिले होते, तो उन लोगों ने मार दिया होता मुझे. दिलीप साहब ने मुझसे 25  फिल्में छुड़वाईं. मैंने कहा इतनी फिल्में छोडूंगा, तो पैसे लौटाने पड़ेंगे. वो पैसे मैं खर्च कर चुका हूं. उन्होंने कहा, ”मैं कहीं से रुपए दिलवा देता हूं तुझे. तू बस छोड़ दे. मेरी गल मानेगा न तू?" मैंने कहा ठीक है. दिलीप साहब के कहने पर मैंने 25 फिल्में छोड़ दीं."

इतने सारे प्रोजेक्ट छोड़ने के बारे में गोविंदा ने फाइनेंसर से भी बात की. उसने दिलीप कुमार की बात मानने से मना किया. गोविंदा ने बहुत ग़रीबी देख रखी थी. इसलिए फाइनेंसर ने सलाह दी कि काम को ठोकर न मारें. मगर गोविंदा ने अपने शुभचिंतक की बात नहीं टाली. वो बताते हैं,

"दिलीप साहब के सिवाय फिल्म लाइन में मेरा कोई शुभचिंतक नहीं था. जब मैं 16-16 घंटे काम कर रहा था, तब किसी ने मेरी सेहत की फ़िक्र नहीं की. ये भी सेट पर देरी से पहुंचने की एक वजह थी. मैं 40 जगह एक साथ कैसे हो सकता था! भागदौड़ मैं देर हो जाती थी."

गोविंदा और दिलीप कुमार फिल्म 'इज़्ज़तदार' में साथ नज़र आए थे. 1990 में आई इस फिल्म को के. बपैय्या ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में गोविंदा और दिलीप कुमार के साथ माधुरी दीक्षित, अनुपम खेर, शक्ति कपूर और असरानी जैसे एक्टर्स ने भी काम किया था.

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