गोल्डन ग्लोब में नॉमिनेट हुई वो धाकड़ फिल्में जिन्हें देखकर आप अमीर हो जाएंगे!
Golden Globe Awards, Oscars से दूसरे नंबर पर आता है. दुनियाभर में धूम मचा रही Payal Kapadia की फिल्म All We Imagine As Light को भी गोल्डन ग्लोब में नॉमिनेशन मिला है.

Golden Globe Awards. अमेरिकन सिनेमा के लिहाज़ से सबसे बड़ा अवॉर्ड Oscars होता है. गोल्डन ग्लोब उससे दूसरे नंबर पर है. इसे मिनी-ऑस्कर भी माना जाता है. उसकी पहली वजह ये है कि इसी से अवॉर्ड सीज़न की शुरुआत होती है. गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स हमेशा जनवरी के महीने में होते हैं. बीते साल में 01 जनवरी से 31 दिसम्बर के बीच आई फिल्में और सीरीज़ यहां नॉमिनेट हो सकती हैं. जैसे साल 2025 में आयोजित होने वाले गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में वो फिल्में और नॉमिनेट हुई हैं जो 2024 में रिलीज़ हुईं. इन्हें नॉमिनेट कौन करता है? जवाब है Hollywood Foreign Press Association. ये वही जूरी है जिनका Payal Kapadia ने शुक्रिया भी अदा किया. खैर HFPA करीब 100 लोगों से मिलकर बनी होती है. ये वो जर्नलिस्ट और फोटोग्राफर होते हैं जो अमेरिकन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम कर रहे होते हैं. अलग-अलग मीडिया पोर्टल्स से वास्ता रखने वाले ये लोग गोल्डन ग्लोब के लिए फिल्मों को नॉमिनेट भी करते हैं और उनमें से विनर भी चुनते हैं.
गोल्डन ग्लोब क्यों मायने रखता है, इसकी एक वजह ये भी है कि यहां से ऑस्कर का रुख साफ होने लगता है. यहां जीतने वाली अधिकांश फिल्मों का सफर ऑस्कर स्टेज पर थैंक यू स्पीच से खत्म हुआ है. अब 05 जनवरी को 82वां गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड ऑर्गनाइज़ किया जाएगा. हाल ही में अवॉर्ड के नॉमिनेशन भी अनाउंस हुए हैं. गोल्डन ग्लोब्स कुल 27 श्रेणियों में दिए जाते हैं. इनमें फिल्म अवॉर्ड्स की 15 और टीवी अवॉर्ड्स की 12 कैटेगरी होती हैं. दोनों में एक-एक नई कैटेगरी दो साल पहले जोड़ी गई हैं. कौन-सी मेजर फिल्में नॉमिनेट हुई हैं और आप उन्हें कहां देख सकते हैं, अब उनके बारे में बताएंगे.
# गोल्डन ग्लोब्स की फिल्में#1. द ब्रूटलिस्ट
डायरेक्टर: ब्रेडी कॉर्बेट
साल 2003 में आई The Pianist के लिए एड्रियन ब्रोडी ने बेस्ट एक्टर का ऑस्कर अवॉर्ड अपने नाम किया था. वो उस कैटेगरी में अवॉर्ड जीतने वाले सबसे यंग एक्टर बने. रोमन पोलनस्की के निर्देशन में बनी ‘द पियानिस्ट’ में एड्रियन ने होलोकॉस्ट सर्वाइवर का रोल किया था. अब उस फिल्म के करीब 21 साल बाद ‘द ब्रूटलिस्ट’ आई है. यहां भी एड्रियन ने एक होलोकॉस्ट सर्वाइवर का रोल किया और उस परफॉरमेंस के दम पर उन्हें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में नॉमिनेशन भी मिला है. उनके नॉमिनेशन को मिलाकर ‘द ब्रूटलिस्ट’ 7 कैटेगरी में नॉमिनेट हुई है.
कहां देखें: ये फिल्म 20 दिसम्बर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में खुलने वाली है. हालांकि अभी इसकी इंडिया में रिलीज़ डेट कंफर्म नहीं है. कुछ जगह पढ़ने को मिलता है कि ये फरवरी 2025 में इंडिया में रिलीज़ होगी.
#2. एमिलिया पेरेज़
डायरेक्टर: जैक ऑदियार
गोल्डन ग्लोब्स 2025 में सबसे ज़्यादा नॉमिनेशन पाने वाली फिल्म. बेस्ट पिक्चर, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट एक्ट्रेस को मिलाकर ‘एमिलिया पेरेज़’ को 10 नॉमिनेशन मिले हैं. इस फिल्म में ड्रग्स है, क्राइम है, बदला है, म्यूज़िक है, ठहर कर देखने वाले सुंदर फ्रेम्स हैं और दुरुस्त जेंडर पॉलिटिक्स है. लेकिन सबसे बड़ा प्लस पॉइंट ये है कि फिल्म किस बेबाकी से अपना मैसेज डिलीवर करती है. ज़ोइ सैलडाना, सेलेना गोमेज़ और कार्ला सोफिया ने खून गर्म कर देने वाली निडर परफॉरमेंसेज़ दी हैं.
कहां देखें: इस फिल्म को आप MUBI पर स्ट्रीम कर सकते हैं.
#3. द सब्स्टेंस
डायरेक्टर: कोरली फ़ारजा
एक फेमिनिस्ट बॉडी हॉरर फिल्म. बेसिकली बॉडी हॉरर ऐसा किस्म का जॉनरा है जहां शरीर के साथ मार-काट, चीरफाड़ जैसी घिनौनी हरकतें होती हैं और वहां से हॉरर इफेक्ट पैदा किया जाता है. ‘द सब्स्टेंस’ एक बीते ज़माने की एक्ट्रेस की कहानी जिसके करियर के सबसे यादगार पल भूत में हैं. यहां उसे मिलता है सब्स्टेंस नाम का ड्रग जो आपको अपने बेहतर वर्ज़न से मिलाने का वादा करता है. एक्ट्रेस का रोल कर रही डेमी मूर भी ये ड्रग लेती है. पहली नज़र में ये हॉलीवुड, शोहरत और खूबसूरती की लालसा रखने वाली दुनिया की कहानी लगे. लेकिन इस कहानी का असली दानव लालच है.

कुछ फिल्में दिल पर असर करती हैं तो कुछ दिमाग पर. ‘द सब्स्टेंस’ ऐसी फिल्म है जो किसी मुक्के की तरह आपके पेट में आकर लगती है. देखते हुए आंतें जकड़ने लगती है. सर्दी में बेचैनी से माथे पर पसीना जमा होने लगे. ये ऐसा अनुभव पैदा करती है जो अपने मीडियम से आगे निकल जाता है.
कहां देखें: ‘द सब्स्टेंस’ को MUBI पर देखा जा सकता है.
#4. अनोरा
डायरेक्टर: शॉन बेकर
फिल्म फेस्टिवल्स और अवॉर्ड्स का सबसे लाड़ला बच्चा. कान फिल्म फेस्टिवल का सर्वोच्च पुरस्कार पाम दॉर जीता था. कहानी एक सेक्स वर्कर की है जिसकी शादी एक अमीर घर के वारिस से हो जाती है. वो लड़का रूस से आता है. जैसे ही ये खबर उसके देश पहुंचती है, उसके घरवाले इस शादी को खत्म करने की पुरजोर कोशिश में जुट जाते हैं. शॉन बेकर हर फिल्म के साथ क्राफ्ट पर अपनी पकड़ को मज़बूत कर रहे हैं. उस क्रम में ‘अनोरा’ उनका सबसे पीक काम है. क्राफ्ट के साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए वो स्टोरीटेलिंग को पिछली सीट पर नहीं धकेलते. शॉन का कैमरा जिस मानवीय ढंग से सेक्स वर्कर्स और उनकी दुनिया को देखता है, उस पर तारीफ़ों में कॉलम लिखे गए हैं. उनकी पिछली फिल्म ‘रेड रॉकेट’ का पता भी इसी दुनिया में था.

कहां देखें: नवंबर 2024 में ये इंडिया के सिनेमाघरों में उतरने वाली थी लेकिन फिर रिलीज़ अटक गई. बताया जा रहा है कि जिस नेचर की ये फिल्म है, सेंसर बोर्ड वालों को अपनी कैंची को तेल पिलाना पड़ जाएगा. बाकी खबर ये आ रही है कि ‘अनोरा’ Lionsgate Play पर रिलीज़ हो सकती है.
#5. कॉन्क्लेव
डायरेक्टर: एडवर्ड बर्जर
Spirituality और थ्रिलर. इन दो एलिमेंट्स से मिलकर बनी फिल्म. दो ऐसे पहलू, ऐसे इमोशन (अगर कहा जाए तो) जिनकी खोज इंसान के जीवन को दो धड़ों में बांट देती है. खैर ‘कॉन्क्लेव’ दुनिया के सबसे बड़े रहस्य की कहानी है (सॉरी कोका कोला की रेसेपी), कि वैटिकन में पोप कैसे चुने जाते हैं. दुनियाभर की सबसे बड़ी चर्च के लीडर एक जगह जमा हुए हैं और उन्हें एक पोप को चुनना होगा. इस दौरान उन बंद कमरों में क्या-कुछ होता है, यही फिल्म की कहानी है.
कहां देखें: 2025 में इंडिया के सिनेमाघरों में उतरेगी. अभी रिलीज़ डेट तय नहीं है.
#6. डेडपूल एंड वुल्वरीन
डायरेक्टर: शॉन लीवाय
बीते कुछ समय से मुख्यधारा की हॉलीवुड फिल्मों ने दुनिया को एक शब्द दिया, ‘कैमियो पॉर्न’. सिनेमा की ये महामारी इंडिया भी आ पहुंची है. इसमें होता ये है कि किसी फ्रैंचाइज़ फिल्म को कैमियोज़ से भर दिया जाता है. कहानी को पुख्ता करने पर मेहनत नहीं की जाती. ‘डेडपूल एंड वुल्वरीन’ भी इसी लीक की फिल्म है. बहरहाल रिव्यूज़ चाहे जैसे भी रहे हों, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर पैसा पिता. गोल्डन ग्लोब्स ने सिनेमैटिक एंड बॉक्स ऑफिस अचीवमेंट नाम की नई कैटेगरी जोड़ी है. ‘डेडपूल एंड वुल्वरीन’ इसी कैटेगरी में नॉमिनेट हुई है.
कहां देखें: इस फिल्म को डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जा सकता है.
#7. द वाइल्ड रोबोट
डायरेक्टर: क्रिस सैंडर्स
एक ऐसी एनिमेटिड फिल्म जिसे बच्चों से ज़्यादा बड़ों ने पसंद किया. कहानी एक रोबोट की है जो दुर्घटना के चलते एक वीराने टापू पर फंस जाता है. वो वहां आसपास की दुनिया और वहां के निवासियों में कैसे अपना घर पाता है, यही हिस्सा फिल्म को अपना दिल देता है. गोल्डन ग्लोब्स की बेस्ट एनिमेटिड फिल्म में नॉमिनेट हुई है.
कहां देखें: ज़ी5 और ऐपल टीवी+ पर देख सकते हैं.
# गोल्डन ग्लोब्स में इंडिया कहां है?किरण राव की ‘लापता लेडीज़’ इंडिया की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री है. इस खबर को बहुत मिक्स्ड रिएक्शन मिले थे. लोगों ने लिखा कि हर बाहर की तरह इस बार भी Film Federation of India (FFI) ने सही फिल्म को नहीं चुना. दरअसल पायल कपाड़िया की ‘ऑल वी इमैजिन एज़ लाइट’ ने विदेशों में अच्छा-खासा शोर मचा दिया था. इसका प्रीमियर कान फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां फिल्म ने ग्रां प्री जीता था. साल 1994 के बाद कान के कॉम्पीटिशन में उतरने वाली ये दूसरी फिल्म थी. ये अपने आप में एक स्टेटमेंट था.
कान की जीत के बाद से AWIAL को लेकर विदेशी फिल्म फेस्टिवल्स और अवॉर्ड्स से खबर आती रही. गोथम अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म का अवॉर्ड जीता. लॉस एंजिल्स क्रिटिक्स एसोसिएशन ने गैर-अंग्रेज़ी कैटेगरी में बेस्ट फिल्म के सम्मान से नवाज़ा. फिल्म को गोल्डन ग्लोब्स में भी दो नॉमिनेशन मिले हैं. पहला है बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म का और दूसरा बेस्ट डायरेक्टर के लिए पायल कपाड़िया का. इस खबर के बाद पायल ने अपने स्टेटमेंट में कहा,
मैं इस नॉमिनेशन से बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं और इसके लिए हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (HFPA) की आभारी हूं. ये उन सभी का सेलिब्रेशन है जिन्होंने फिल्म पर इतनी लगन से काम किया. भारत में हर किसी के लिए, ‘ऑल वी इममैजिन एज़ लाइट’ अभी भी सिनेमाघरों में है - कृपया इसे देखने जाएं और हमें सपोर्ट करें.
‘ऑल वी इमैजिन एज़ लाइट’ की कहानी दो नर्सों के बारे में है. लेकिन सिर्फ उनके बारे में ही नहीं. यहां अदृश्य पानी सा बेहटा म्यूज़िक है, अपने आप में किरदार बनकर खड़ा मुंबई शहर और विस्थापन के साथ आने वाली अनिश्चितता है. कनी कुश्रुति और दिव्या प्रभा ने इन नर्सों के रोल किए. उनके अलावा छाया कदम भी अहम रोल में हैं. ‘ऑल वी इमैजिन एज़ लाइट’ अभी सिनेमाघरों में लगी हुई है.
वीडियो: RRR के जिस गाने 'नाटू-नाटू' ने गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीता, उसके बनने की कहानी जबर है

