The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • Ghooskhor Pandat Teaser Removed Amid Protests, Mayawati Demands Ban on Neeraj Pandey-Manoj Bajpayee Film

ट्रोलिंग और FIR के बाद डिलीट हुआ 'घूसखोर पंडत' का टीज़र, मायावती ने की बैन की मांग!

नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी ने पूरे विवाद पर अपनी सफ़ाई दी है. नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े सभी पोस्ट्स हटा लिए हैं.

Advertisement
neeraj pandey, manoj bajpayee, ghooskhor pandat, mayawati,
'घूसखोर पंडत' में नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता ने भी काम किया है.
pic
शुभांजल
6 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 06:14 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

Netflix India ने पिछले दिनों 2026 में रिलीज़ होने वाली फिल्मों और सीरीजों की भरी-पूरी स्लेट रिलीज़ की. दो दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट्स के बीच Manoj Bajpayee और Neeraj Pandey की Ghooskhor Pandat भी इसमें शामिल है. फिल्म के इस टाइटल को लेकर काफ़ी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मेकर्स पर एंटी-ब्राह्मण होने के आरोप तो लगे ही, साथ ही उन पर FIR भी करवा दी गई है. विरोध इतना बढ़ा कि नेटफ्लिक्स को फिल्म के टीज़र समेत सभी प्रमोशनल कॉन्टेन्ट हटाने पड़ गए हैं. नीरज और मनोज ने इस पूरे विवाद पर सफ़ाई दी है. साथ ही इस मसले में कई पॉलिटिशियन भी उतर आए हैं.

नेटफ्लिक्स इंडिया ने 03 फरवरी को 'घूसखोर पंडत' का अनाउंसमेंट टीज़र रिलीज़ किया था. इस नेटफ्लिक्स ओरिजिनल मूवी में मनोज ने एक करप्ट पुलिसवाले का रोल किया है. उनके किरदार को चलती गाड़ी से फेंकी गई एक घायल लड़की मिलती है. उस लड़की का ठोर-ठिकाना खोजते हुए वो किस बड़ी कॉन्सपिरेसी में फंसते हैं, यही फिल्म की बेसिक स्टोरीलाइन है. इस फिल्म को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है. वहीं नीरज पांडे ने रितेश के साथ मिलकर इसकी कहानी लिखी है. वो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं.

फिल्म का टीज़र आते ही सोशल मीडिया पर हल्ला कटना शुरू हो गया. लोगों का आरोप है नेटफ्लिक्स एंटी-ब्राह्मण कॉन्टेन्ट को प्रमोट कर रहा है. बात बढ़ी तो इंटरनेट पर हैशटैग शेम ऑन नेटफ्लिक्स ट्रेंड करने लगा. एक यूजर ने लिखा,

"घूसखोर पंडत. वाकई नेटफ्लिक्स इंडिया? ब्राह्मणों को बदनाम करने के लिए आप एक भ्रष्ट पुलिसवाले का नाम 'पंडत' रख रहे हैं? एक खास समुदाय को निशाना बनाने का ये प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस जातिवादी टाइटल को तुरंत हटाइए या फिर मास बॉयकॉट के लिए तैयार हो जाइए."

ghooskhor pandat
एक यूजर का कमेंट.

लोगों का कहना है कि नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी तो खुद ब्राह्मण हैं. फिर वो इस तरह के टाइटल्स पर आपत्ति क्यों नहीं जताते हैं? नेटफ्लिक्स और मेकर्स के खिलाफ़ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने के लिए पिटीशन फ़ाइल कर दी गई है. योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश पर लखनऊ के हज़रतगंज थाने में भी एक FIR हो गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस पुलिस केस का समर्थन करते हुए 'घूसखोर पंडत' पर बैन लगाने की मांग की है. वो लिखती हैं,

"ये बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं, बल्कि अब तो फिल्मों में भी, पंडत को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है. इससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है. हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में इसकी निंदा करती है. इस जातिसूचक फिल्म घूसखोर पंडत पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिए. बहुजन समाज पार्टी की ये मांग है. साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा FIR दर्ज करना उचित कदम है."

mayawati
मायावती ने ‘घूसखोर पंडत’ पर बैन लगाने की मांग की है.

विवाद इतना बढ़ा कि नीरज पांडे को खुद सामने आकर सफ़ाई देनी पड़ी. उन्होंने X पर एक लंबी पोस्ट में लिखा,

"हमारी फिल्म एक फिक्शनल पुलिस ड्रामा है. इसमें पंडत शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के आम बोलचाल वाले नाम के तौर पर किया गया है. कहानी का फोकस एक खास व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है. इसका मकसद किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है. एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपने काम को पूरी ज़िम्मेदारी से देखता हूं. ऐसा इसलिए ताकि सोच-समझकर और सम्मान के साथ कहानियां कह सकूं. ये फिल्म भी मेरे पहले के कामों की तरह पूरी ईमानदारी से और सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन के इरादे से बनाई गई है."

ghooskhor pandat
नीरज पांडे ने पूरे विवाद पर सफ़ाई दी है.

नीरज ने बताया कि वो लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं. इसलिए उन्होंने फिल्म से जुड़े सभी प्रमोशनल कॉन्टेन्ट को हटाने का फैसला किया है. लगे हाथ मनोज ने भी इस विवाद पर अपना पक्ष रखा है. नीरज के पोस्ट को रीशेयर करते हुए वो लिखते हैं,

"मैं लोगों की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं. जब किसी चीज से कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, और आप उस काम का हिस्सा होते हैं, तो रुककर सुनना ज़रूरी हो जाता है. एक एक्टर के तौर पर मैं किसी फिल्म से, उसके किरदार और कहानी के ज़रिए जुड़ता हूं. मेरे लिए ये एक ऐसे इंसान को निभाने की बात थी, जो गलतियों से भरा है और धीरे-धीरे खुद को समझता है. इसका मकसद किसी भी समुदाय पर कोई टिप्पणी करना नहीं था. नीरज पांडे के साथ काम करने के एक्सपीरियन्स से बताऊं तो वो अपनी फिल्मों को लेकर हमेशा गंभीर और जिम्मेदार रहते हैं. लोगों की भावनाओं को देखते हुए मेकर्स ने प्रमोशनल कॉन्टेन्ट को हटाने का फैसला किया है. इससे साफ है कि इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है."

manoj bajpayee
मनोज बाजपेयी ने नीरज पांडे का समर्थन किया है.

खबर लिखे जाने तक मेकर्स ने सोशल मीडिया और नेटफ्लिक्स से ‘घूसखोर पंडत’ का टीज़र हटा लिया है. नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया से इस फिल्म से जुड़े सभी पोस्ट्स डिलीट कर दिए हैं.  

वीडियो: नेटफ्लिक्स पर 'धुरंधर' देख फैन्स क्यों हुए नाराज?

Advertisement

Advertisement

()