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'डॉन 3' विवाद पर अपने फैसले से पलटा FWICE, रणवीर सिंह से हटाया बैन!

FWICE के फैसले के खिलाफ़ रणवीर सिंह ने उन्हें लीगल नोटिस भेज दिया था.

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3 जून 2026 (अपडेटेड: 3 जून 2026, 02:39 PM IST)
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प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने भी FWICE के फैसले के खिलाफ़ कोर्ट में पिटीशन डाली थी.
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यदि Don 3 बनती तो शायद उसमें भी इतना ड्रामा नहीं होता जितना उसके न बनने पर हुआ है. इस विवाद के कारण FWICE (Federation of Western India Cine Employees) ने Ranveer Singh पर बैन लगा दिया था. पिछले एक हफ्ते में इस पर खूब हो-हल्ला मचा. जवाब में रणवीर ने इस संस्था को लीगल नोटिस भेज दिया. उनके ऐसा करते ही FWICE ने अपना फैसला पलट दिया. दूसरे शब्दों में कहें तो 03 जून यानी आज, उन्होंने रणवीर पर लगाया बैन हटा दिया है.

FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने आज मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी थी. इस दौरान उन्होंने बताया कि संस्था ने रणवीर के खिलाफ दिए गए नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव को वापस लेने का फैसला किया है. हफ्ते भर पहले उन्होंने इसके जरिए देशभर के प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और क्रू मेंबर्स से कहा था कि वो रणवीर के साथ काम न करें. इस संस्था से 4 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं. ऐसे में रणवीर पर इस फैसले का बुरा असर पड़ सकता था. ये देख आम लोगों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने इस बैन के खिलाफ़ खूब आवाज़ उठाई. पब्लिक का रिस्पॉन्स देख अशोक पंडित को सफाई देनी पड़ गई. उन्होंने कहा कि FWICE ने रणवीर पर बैन नहीं लगाया बल्कि ये एक तरह का बॉयकॉट है. मगर उनका ये डैमेज कंट्रोल कुछ खास काम नहीं आया.

कुछ दिन पहले वेटरन प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने कोर्ट में FWICE के इस फैसले को चैलेंज किया था. कल रणवीर ने खुद भी उन्हें लीगल नोटिस भेज दिया. इस पर बात करते हुए FWICE ने कहा कि वो उस नोटिस का जवाब लीगल प्रोसेस से ही देंगे. उन्होंने बताया कि रणवीर पर से ये बैन CINTAA (Cine and TV Artistes Association) और IMPPA (Indian Motion Picture Producers' Association) के सुझाव पर हटाया गया है. वो देश के कई अन्य फिल्म ऑर्गेनाइजेशन से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं. उन सबका सुझाव यही है कि 'डॉन 3' विवाद का कोई ठोस सॉल्यूशन तलाशा जाना चाहिए. बैन लगाए जाने से रणवीर को तो नुकसान पहुंचेगा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं मिल पाएगा.

वैसे, रणवीर ने FWICE के पिछले प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उन्हें एक मेल भेजा था. उसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके जैसी फिल्म बॉडी के पास 'डॉन 3' विवाद में कोई लीगल अथॉरिटी नहीं है. बाद में खुद अशोक पंडित ने भी कहा कि FWICE कोई कोर्ट नहीं, जो रणवीर या किसी अन्य शख्स को बैन कर सके. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वो सिनेमा में रणवीर के योगदान को अच्छी तरह समझते हैं. साथ ही ये चाहते हैं कि वो और भी बड़े स्टार बनें. इसलिए वो इस विवाद को बातचीत के जरिए ही सुलझाएंगे. उन्होंने रणवीर और फरहान अख्तर से भी पब्लिकली यही अपील की है. 

वीडियो: रणवीर सिंह को FWICE ने 'डॉन 3' विवाद में किया बैन, अब क्या होगा?

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