आजकल आमिर खान के भाई फ़ैसल खान चर्चा में हैं. कारण है उनको बिग बॉस से बुलावा औरउनका ये कहते हुए इनकार कि मैं दोबारा किसी घर में क़ैद नहीं होना चाहता. तो हमनेसोचा इसी बहाने आपको उन भाइयों-बहनों के बारे में बताते हैं, जिनमें से एक को दूसरेजैसी सफलता नहीं मिली. खेला शुरू करते हैं.आमिर खान-फ़ैसल खानआमिर खान को बॉलीवुड का मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है. उन्होंने लगातार अच्छीफ़िल्में दी हैं. वो बॉलीवुड के होनहार कमाऊ पूत हैं. दूसरी ओर उनके भाई फ़ैसल खान काकरियर कुछ खास नहीं रहा. पहली बार वो स्क्रीन पर 'प्यार का मौसम' में सुंदर बने.शशि कपूर के यंगरसेल्फ के रोल में नज़र आए थे. उसके बाद 'क़यामत से क़यामत' में भी वोनज़र आए. फिर ‘मेला’ उनके लिए एक बड़ी फ़िल्म थी. इसमें वो शंकर बने थे. इसमें आमिरखान ने भी काम किया था. पर ये बड़ी फ्लॉप साबित हुई. उसके बाद से वो कुछ-कुछ फिल्मेंकरते रहे. पर 2005 में आई 'चांद बुझ गया' के बाद से वो फिल्मों में दिखना बंद होगए. खबरें आईं कि वो बीमार हैं. साथ ही उनके और आमिर के बीच अनबन की हवा उड़ी. दोनोंके बीच कुछ पारिवारिक लीगल लड़ाई भी चली. जिसके बाद उन्होंने बड़े भाई आमिर पर खुद कोघर में क़ैद करने के आरोप लगाए थे. उनका कहना था उन्हें ड्रग्स दिए जाते थे. वोबीमार नहीं थे. पर कोर्ट ने उन्हें सीज़ोफ्रेनिया से पीड़ित माना था. पर ये भी कहा थाकि वो सही ढंग से दवाइयां लेते हुए खुद का अकेले ख्याल रख सकते हैं. खैर वो 2015में दोबारा फ़िल्मों में लौटे और तभी से 'चिनार दास्तान-ए-इश्क़' समेत चार-पांचफिल्मों में काम कर चुके हैं.सलमान खान-अरबाज़ खान और सोहेल खानये भाइयों की एक फेमस जोड़ी रही. इन पर सलीम खान की सफलता का भी बैगेज था. पर सलमानजैसी सफलता ना ही सोहेल हो मिली और ना ही अरबाज़ को. सोहेल ने काफ़ी प्रयास किए किबतौर अभिनेता खुद को इंडस्ट्री में स्थापित कर सकें पर ऐसा हो न सका. जनता ने लगभगहर बार उन्हें नकार दिया. आखिरी बार वो 'दबंग 3' में गेस्ट अपीरियन्स के तौर परदिखे थे. पर उन्होंने प्रोड्यूसर के तौर पर ठीकठाक काम किया है. उनका डायरेक्शनकरियर ऊपर-नीचे होता रहा. हालिया दौर में उन्होंने 'जय हो' और 'फ्रीकी अली' मेंबतौर निर्देशक काम किया. अरबाज़ खान के साथ भी कमोबेश ऐसा ही रहा. 'दरार' से शुरूहुआ उनका ऐक्टिंग करियर भी कुछ ठीक नहीं रहा. पर बतौर अभिनेता उन्होंने सोहेल खानसे ज़्यादा फिल्में की और आज भी कर रहे हैं. सलमान खान का बैकअप होने के कारणउन्होंने भी प्रोड्यूसर के रूप में खुद को सेफ पाया. 'दबंग 2' का डायरेक्शन भीकिया. जो एक समय पर बॉलीवुड में सबसे ज़्यादा पैसा कमाने वाली फ़िल्म थी.शिल्पा शेट्टी-शमिता शेट्टीशिल्पा शेट्टी ने नाइन्टीज के दौर में खूब शोहरत पाई. उनके हिस्से 'बाज़ीगर','जानवर' और 'शूल' जैसी फिल्में आईं. आज भी वो कई रियलिटी शोज़ में बतौर जज नज़र आतीरहती हैं. वहीं दूसरी ओर उनकी बहन शमिता शेट्टी पहचान बनाने में सफल नहीं रहीं.उन्होंने अपना डेब्यू शाहरुख खान की 'मोहब्बतें' से किया. इसके लिए उन्हें आइफाअवॉर्ड भी मिला. पर इसके बाद उनके हिस्से कोई बड़ी फ़िल्म नहीं आई. इस बीच वो 'बिगबॉस' समेत कई रियलिटी शोज़ में नज़र आईं. उनका हालिया काम ज़ी5 पर आई 'ब्लैक विडोज़'वेब सीरीज़ है.अनिल कपूर-संजय कपूरअनिल कपूर बॉलीवुड के बड़े अभिनेता हैं. उन्होंने 'नायक' और 'मिस्टर इंडिया' जैसीफिल्मों में काम किया. आज भी वो लगातार बढ़िया काम कर रहे हैं. पर उनके भाई संजयकपूर को उन जैसी सफलता नहीं मिली. सतीश कौशिक की 'प्रेम' से शुरू हुआ उनका बॉलीवुडकरियर परवान नहीं चढ़ सका. उनके हिस्से ना ही कोई ऐसी फ़िल्म आई और ना ही कोई ऐसा रोलजिसके लिए उन्हें याद किया जा सके. थोड़ा-बहुत ‘सिर्फ तुम’ को मान सकते हैं. पर इधरओटीटी ने उनके लिए दरवाज़े खोले हैं. वो लगातार वेबसीरीज़ में नज़र आ रहे हैं. चाहे वोअमेजन पर आई 'द लास्ट आवर' हो या नेटफ्लिक्स पर आई 'द फ़ेम गेम'. ऋषि कपूर-राजीव कपूरऋषि कपूर ने बॉलीवुड का एक बड़ा नाम है. एक दौर था, जब ऋषि कपूर मेन स्ट्रीम फिल्मोंके स्टार हुआ करते थे. वो मरते दम तक फिल्में करते रहे. पर उनके छोटे भाई राजीवकपूर को वो सफलता नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद रही होगी. उनके मुकाबले उनकेदूसरे भाई रणधीर कपूर अपेक्षाकृत ज़्यादा सफल रहे. राजीव कपूर की फिल्मोग्राफी में'राम तेरी गंगा मैली' जैसी फिल्में हैं. फिर भी वो बतौर अभिनेता सफल नहीं हुए. 1990के बाद उन्होंने ऐक्टिंग करना बंद कर दिया था. अभी वो हालिया दौर में 'तुलसीदासजूनियर' में नज़र आए थे. इस फ़िल्म को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.अनुपम खेर-राजू खेरअनुपम खेर ने जबसे काम करना शुरू किया, कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो कमर्शियली भीसफल रहे और क्रिटिकली भी उन्हें सराहा गया. पर उनके भाई राजू खेर बॉलीवुड में पहचाननहीं बना सके. उन्होंने बहुत कम फिल्में कीं. हालांकि टेलीविजन में काफ़ी सक्रियरहे. सिर्फ़ अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाए. परवो ऐसा चेहरा नहीं बन सके कि उनकी कोई अलहदा पहचान बन सके. राजू को हमेशा अनुपम खेरके भाई के तौर पर ही जाना गया. डिम्पल कपाड़िया-सिम्पल कपाड़ियाडिम्पल कपाड़िया का करियर 'बॉबी' फ़िल्म से शुरू हुआ और आज तक जारी है. उन्हें अस्सीके दशक की बड़ी अभिनेत्री माना जाता है. उनकी बहन सिम्पल कपाड़िया का डेब्यू राजेशखन्ना के साथ 1977 में आई 'अनुरोध' से हुआ. पर इसके बावजूद भी वो सफल नहीं रहीं.कॉस्टयूम डिजाइनर के तौर पर उन्होंने ठीकठाक काम किया. 'डर', 'चाची 420' और'इंडियन' जैसी फिल्मों में बतौर कॉस्टयूम डिजाइनर उन्होंने काम किया. 2006 में अपनीमौत से पहले तक इस रोल में काम करती रहीं.काजोल-तनीषा मुखर्जी90 के दशक की कुछ चुनिंदा बड़ी अभिनेत्रियों की बात होती है, उनमें काजोल पहलीपंक्ति में खड़ी नज़र आती हैं. उनके हिस्से में उस दशक की सबसे बड़ी फ़िल्म 'डीडीएलजे'दर्ज है. पर उनकी छोटी बहन तनीषा को फिल्मों में वैसी सफलता नहीं मिली. हालांकि वो'सरकार' और 'टैंगो चार्ली' जैसी मूवीज में नज़र भी आईं. फ़िल्म से इतर वो लगातारबिगबॉस समेत कई सारे टीवी रियलिटी शोज़ में आती रहीं.अक्षय खन्ना-राहुल खन्नाअक्षय खन्ना को 'बॉर्डर' फ़िल्म से पहचान मिली. उसके बाद से उनका करियर बढ़िया रहाहै. वो कोई बड़े स्टार तो नहीं बन सके, पर उनके हिस्से 'हंगामा', 'दीवानगी' और'सेक्शन 375' जैसी फ़िल्में हैं. पर उन्हें जितनी सफलता मिली, वैसी सक्सेस उनके भाईराहुल खन्ना को नहीं मिल सकी. उनके 23 साल लंबे करियर में कुल जमा सिर्फ़ 12 फ़िल्मेंऔर तीन सीरीज़ हैं. आखिरी बार वो 'लैला' में नज़र आए थे.ट्विंकल खन्ना-रिंकी खन्ना ट्विंकल खन्ना का करियर कुछ खास नहीं रहा. पर वो ‘बरसात', 'जान' और 'जोड़ी नंबर वन'सरीखी हिट फिल्मों का हिस्सा रही हैं. उनकी एक अलहदा पहचान है. उन्हें सिर्फ़ राजेशखन्ना की बेटी और अक्षय कुमार की पत्नी के तौर पर नहीं जाना जाता है. वो अपने आपमें एक बड़ा चेहरा हैं. पर उनकी बहन रिंकी खन्ना इस मामले में मात खा गईं. 'प्यारमें कभी-कभी' से डेब्यू करने के बाद वो उस सफलता को हासिल नहीं कर सकी, जिनकीउन्हें उम्मीद होगी. वो आखिरी बार करीना कपूर के साथ 'चमेली' में नज़र आई थीं.