जब प्रत्यूषा बनर्जी ने कहा,मेरे बारे में जो लिखना है लिखो, मुझे फर्क नहीं पड़ता
टीवी एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी नहीं रहीं, जानिए उनकी जिंदगी के बारे में कुछ बातें.
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फोटो - thelallantop
2010 में जब बालिका वधू की कहानी को 5 साल आगे बढाया गया था. तब आनंदी यानी अविका गौर की जगह किसी को आना था. तीन चेहरे सामने आए थे. फैजाबाद की निवेदिता तिवारी, मुंबई की केतकी चितले और जमशेदपुर की प्रत्यूषा बनर्जी. लोगों ने उनके लिए मैसेज किए और इन तीनों में प्रत्यूषा को चुना गया और वो घर-घर पहचानी गईं. आज प्रत्यूषा नहीं रहीं.
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प्रत्यूषा का जन्म 10 अगस्त 1991 को जमशेदपुर में हुआ था. वो अच्छी बास्केटबॉल खिलाड़ी और क्लासिकल डांसर थीं.
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मुंबई आने के 5 साल बाद उन्हें बालिका वधू में काम करने का मौक़ा मिला था.
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कहते हैं आखिरी बार जब वो अपना बर्थडे मना रहीं थीं. तो उन्होंने होटल का बिल भरा. आधी से ज्यादा रकम चेक से भरी मगर चेक बाउंस हो गया. होटल ने उनके खिलाफ फ्रॉड का केस कर दिया. प्रत्यूषा से जब इस बारे में पूछा गया तो उनने कहा 'आपको मेरे बारे में जो लिखना है लिखो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता'
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इसके पहले एक बार उन्होंने सितंबर 2013 में अपने बॉयफ्रेंड मकरंद मल्होत्रा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप था कि मकरंद ने उसे फोन पर धमकियां दी थीं.
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2013 में मां की बीमारी की वजह से उनने बालिका वधू छोड़ दिया. तभी विक्रम भट्ट ने उन्हें फिल्म ऑफर की जो उन्होंने नहीं की.
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इसी जनवरी 10 लोग उनके घर में घुसकर उनके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछने लगे, उनने जब बताने से मनाकर दिया तो दरवाजे पर इतनी जोर से धक्का मारा कि उनके चेहरे पर चोट आ गई.7.

2014 में उनने सीरियल 'हम हैं ना' से वापसी की. उस समय उनके और काम्या पंजाबी की खूब झूठी खबरें आती रहती थीं.
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पिछले जून में काम्या ने प्रत्यूषा के साथ की ये फोटो शेयर की थी.
प्रत्यूषा,काम्या और करण पटेल के बीच प्रेम त्रिकोण की अफवाहें भी आईं थीं. लेकिन कुछ नहीं टिका. काम्या और प्रत्यूषा हमेशा दोस्त बनीं रहीं. अंत में काम्या ने ही प्रत्यूषा की मौत की पुष्टि की.

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