रणवीर पर कंगना ने कमेंट किया, तो अशोक पंडित बोले- "आप बकवास करती हैं, इसीलिए आपको बैन किया था"
FWICE पदाधिकारी अशोक पंडित ने कहा, "इंडस्ट्री में लोगों ने हमें गालियां देनी शुरू कर दी हैं. कोई छिछोरापन करे, तो हम क्या कर सकते हैं."

Don 3 विवाद था तो Ranveer Singh और Farhan Akhtar का. मगर अब ये औरों के बीच भी बहस का मुद्दा बन चुका है. नामी हस्तियां इस पर आपस में भिट्टी लड़ा रही हैं. रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्प्लॉईज़ यानी FWICE की तरफ़ से लगाए गए बैन पर इंडस्ट्री की कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी. ज्यादातर लोगों ने फेडरेशन के इस रुख की आलोचना ही की. और इनमें एक नाम Kangana Ranaut का भी है. अपनी फिल्म Bharat Bhagya Vidhata के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान कंगना ने प्रेस से चर्चा में इस मामले पर अपना नज़रिया रखा. FWICE को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रणवीर इस लेवल पर पहुंच गए हैं कि उनके खिलाफ़ ये सब हो रहा है. इसी बातचीत में कंगना ने पूर्व में उन पर लगे बैन का भी ज़िक्र किया. कंगना के इस बयान पर FWICE के चीफ एडवाइज़र Ashoke Pandit ने भी करारा जवाब दिया.
कंगना रनौत ने इस बाबत प्रेस से बात करते हुए कहा,
“मैं बताती हूं कि होता क्या है. मुझे तो सबने बैन कर रखा है. तो मैं ये कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं. ऐसा नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन ना बनें. तो आज रणवीर सिंह को ये सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन हैं. अच्छा है. ज़िंदगी में जब आप आगे बढ़ते हैं, तो कई अड़चनें आती हैं. सब कुछ हमेशा सही नहीं रहेगा. मेरे साथ तो ये इतना हुआ है. मगर आज देखिए. मैं अच्छा ही कर रही हूं. मेरी भी अच्छी गाड़ी चल ही रही है. कोई फर्क नहीं पड़ता. अंत में सब कुछ ठीक ही हो जाता है.”
रणवीर सिंह के लिए FWICE ने जो नॉन को-ऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था. 3 जून को उसे वापस लेने की घोषणा हुई. मुंबई में एक प्रेस कान्फ्रेंस में अशोक पंडित ने बताया कि संस्था ने ये निर्णय क्यों लिया है. यहां कंगना की टिप्पणी का ज़िक्र भी हुआ. और अशोक पंडित बुरी तरह बिफर गए. उन्होंने कंगना के सूझबूझ पर सवाल उठाते हुए कहा,
“इंडस्ट्री में कई लोगों ने हमें गालियां देनी शुरू कर दी हैं. कल कंगना ने भी कुछ कहा. ये लोग पूरा मामला ही नहीं समझ रहे हैं. बस टिप्पणियां किए जा रहे हैं. अब कंगना ने कहा कि मुझे भी इंडस्ट्री ने बैन किया. मैं कहता हूं, आप बकवास करती हैं. इसीलिए मैंने आपको बैन किया. मैं परवाह नहीं करता. यहां इंडस्ट्री का बहुत बड़ा मसला सामने है. आपको पता भी नहीं है कि मामला आखिर है क्या? आप बस जो मन में आया, कहे जा रही हैं. हम रणवीर सिंह के खिलाफ़ नहीं हैं. हीरो है वो अपना. हम बस उस मसले की बात कर रहे हैं, जो हुआ है. अब छिछोरापन अगर कोई करे, तो हम क्या कर सकते हैं. हमें कोई फर्क नहीं पड़ता.”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने इस मुद्दे पर राम गोपाल वर्मा के लंबे चौड़े ट्वीट की चर्चा भी की. और साथ ही बताया कि उन्हें तो लोगों को बहुत पैसा चुकाना है. अशोक पंडित ने कहा,
“राम गोपाल वर्मा जी ने बहुत बड़ा ट्वीट किया और हमारी धज्जियां उड़ाने की कोशिश की. फेडरेशन के लिए उन्होंने गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल की. डेमोक्रेसी है. आप कुछ भी बोल सकते हैं. हमें कोई ऐतराज़ नहीं है. लेकिन हम दुनिया को बता दना चाहते हैं कि राम गोपाल पर फिल्म वर्कर्स और टेक्नीशियंस का सवा करोड़ रुपये बकाया है. 2017 से ये केस चल रहा है. ऑफिसर नाम की तेलुगु फिल्म थी. नागार्जुन थे इसमें. फिर 2019 में उन्होंने फेडरेशन को एक पेज का लेटर लिखकर कहा था कि वो पाई-पाई चुका देंगे. इतने साल बीत गए. एक नया पैसा भी उन्होंने नहीं चुकाया है. इस सब के बाद ऐसे रवैये के लिए उन्हें तो फेडरेशन से माफ़ी मांगनी चाहिए.”
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में CINTAA की पदाधिकारी होने के नाते एक्टर उपासना सिंह भी मौजूद थीं. उनके साथ सभी ऑफिशियल्स ने मीडिया को बताया कि FWICE कोई कोर्ट नहीं, जो रणवीर या किसी अन्य शख्स को बैन कर सके. उन्होंने नियमों पर चलते हुए ये फ़ैसला लिया था. इसे नॉन-प्रोफेशनल एटिट्यूड मानते हुए वो चाहते थे कि प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और वर्कर्स मामला सुलझने तक रणवीर के साथ काम न करें. और इस तरह के मसलों को ख़त्म करने में फेडरेशन का सहयोग करें. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ये भी कहा कि वो सिनेमा की तरफ़ रणवीर के योगदान को अच्छी तरह समझते हैं. साथ ही ये चाहते हैं कि वो और भी बड़े स्टार बनें. इसलिए वो इस विवाद को बातचीत के ज़रिए ही सुलझाएंगे.
वीडियो: रणवीर सिंह से बैन हटने के बाद FWICE ने फरहान अख्तर को क्या सलाह दी?

