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लिपस्टिक लगाने से क्या 'विद्या माता' रूठ जाती हैं?

उन सारे लोगों के नाम, जिन्हें लगता है कि मेकअप करने वाली लड़कियां पढ़ने में जीरो होती हैं...

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26 सितंबर 2016 (अपडेटेड: 26 सितंबर 2016, 07:07 AM IST)
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ये लड़कियां इतनी सजधज कर लाइब्रेरी आती हैं या कोई रैंप वॉक करने? इनको देख कर लगता ही नहीं है कि ये एमफिल कर रही रही होंगी. एमफिल,पीएचडी की लडकियां कहां इतना सज धज कर आती हैं. आपको तो फिल्म इंडस्ट्री में चले जाना चइए. यहां लाइब्रेरी में क्या करने आती हैं? अक्सर यही सुनने को मिलता है न, जब सज-धज कर क्लास चले जाओ? लिपस्टिक लगा लो तो लोग 'डम्ब' समझ कर साइड कर देने के ख्याल से भर जाते हैं. इन सवालों से टोकने वालों और अपनी समझ बनाने वालों में कॉलेज स्टाफ, लड़के और कई बार खुद लड़कियां  भी शामिल होती हैं. गलती हम लोगों की भी है. पहले से टोकना-रोकना शुरू कर देते तो ऐसे स्टीरियोटाइप ही न बनते. खैर! अब जब ये स्टोरियोटाइप बन ही गए हैं तो आइए आज इन्हें तोड़ देते हैं. और हां, बदलापुर फिल्म के जस्ट अपोजिट डोंट मिस द एंडिंग...

लाइनर लगाने से नाराज हो जाएंगी नेरुदा की कविताएं?

पढ़ाकू दिखने की कोई ड्रेस नहीं  होती है. लाइनर लगाते ही नेरुदा की कविताएं नाराज नहीं होती हैं.  बिना लाइनर की आंखें शंखपुष्पि नहीं पिए हुए होती हैं कि सब याद हो जाए. या फिर कोल्हापुरी की जगह सैंडल पहन लो तो इंडियन हिस्ट्री मुहं फुला कर नहीं बैठेगी.  आपने थोडा-सा लिप बाम लगाया और अलजेब्रा जंतर-मंतर धरने पर चला गया. मेरे साथ तो ऐसा नहीं हुआ है. मेरे साथ पढ़ने वाली लड़कियों के साथ भी ऐसा नहीं हुआ है, तो आइंदा से ये सवाल उगें तो कुचलने में देर न लगाइएगा.

पाउडर लगाने से समझ नहीं आते जोक्स

लड़कियों ने अगर चेहरे पर क्रीम-पाउडर की एक परत चढ़ा ली है तो दिमाग पर भी चढ़ा ली होगी. हैं? सच्ची क्या? भाई एंड बहन जी, चेहरे पर चढ़ी पाउडर की परत दिमाग पर कतई नहीं पहुंचती है. तो अगर आप सजने धजने वाली लड़कियों के सेंस ऑफ ह्यूमर को पाउडर के रास्ते समझने की गुस्ताखी कर रहे हैं तो प्लीज बी सावधान, आपकी सोचने की शक्ति चर्रा चुकी है.

लिपस्टिक लगाने से रूठ जाती हैं विद्या माता?

लाइनर-लिपस्टिक वाली हिप-हॉप लडकियों को लाइब्रेरी की जगह फिल्म इंडस्ट्री में होना चाहिए. क्यूंकि लाइब्रेरीज आर मेंट फॉर सीरियस लुकिंग बालक एंड बालिकाएं. ऐसी  जगहों से लिपस्टिक की बाउंड्री से सजी लड़कियों को कुछ भी करके बाहर निकालो.

सुंदर लड़की पार्लर  में अच्छी लगती है

ये तो सुंदर है. इसको क्या जरूरत है लाइब्रेरी आने की. इसके लिए तो कोई गधा पढ़ रहा होगा. खामखां एक सीट ख़राब कर रही है. पार्लर जाकर ब्यूटी ट्रीटमेंट लेना चाहिए. आंखों पर खीरे रखकर पेडीक्योर करवाना चाइए. ये किताबें इसके मुलायम हाथों में अच्छी नहीं लगती. beautu parlour

लेगिंग्स पहनने वालियों को नहीं मिलेगी यूपीएससी की कोचिंग

मेरी दोस्त को यूपीएससी में जाना था , तो एक दिन पहुंच गई मुख़र्जी नगर. कोचिंग वालों ने पहले तो उसे ऊपर से लेकर नीचे तक देखा. फिर हंस कर बोले - "हो नहीं पाएगी आपसे यूपीएससी ".  बता दें कि इस लड़की ने टाइट लेग्गिंग्स पहनी हुई थीं. शायद मास्टर साहेब को लेगिंग्स हजम नहीं हुई. papa-ranjeet_040716-020514

सब मिथ है और आपके मन का वहम है

Most_interesting_excuse_to_avoid_development_hindi_movie_shool_cliping पिछले बार की यूपीएससी टॉपर इरा सिंघल की फोटोज देखो. आईएएस बनने से पहले की. एक दम दिलदार लड़की. किसी फोटो में अपने दोस्तों के साथ चिल करते हुए दिखेगी. किसी फोटो में खुलकर हंसते हुए. किसी में लिपस्टिक लगाए हुए भी. किसी में आंखों में भर-भर के लाइनर लगाए हुए. उसका लाइनर उसके पढ़ने के बीच नहीं आया तो फिर हम सबका कैसे आ सकता है.

मेकअप करने वाली लड़कियों की भी सुन लो

मेकअप करने वाली पढ़ी-लिखी लडकियों को आपसे कुछ कहना है. वो ये कि हमारे झुमकों,लाइनर, सैंडल और लिप बाम को हमारी पढ़ने-लिखने की काबिलियत के साथ जज न किया जाए. हम लाइनर लगाएं या ना लगाएं, हमें शेक्सपीयर से लेकर बायोलॉजी के सारे लेक्चर समझ आते हैं. हमारी सैंडल हमारे दिमाग और नोट्स के बीच नहीं आते. लिपस्टिक लगाने से हमारे होंठ चिपके नहीं रहते हैं. चाहे हम हिप-हॉप बनकर आएं चाहे या सीधे पायजामों में. चाहें तो मुंह भी न धोएं और चाहें तो पाउडर की परत चढ़ाएं. आपको जरा भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. आप लाइब्रेरी में हमारे झुमकों से ज्यादा अपनी किताबों पर ध्यान दें. हमारे झुमके आपकी किताबें नहीं फाड़ रहें हैं. क्योंकि पढ़ना पढ़ने से आता है. इसलिए पढ़िए और पढ़ने दीजिए. nana patekar the lallantop

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