The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • Dhurandhar: Rakesh Bedi shares how he interpreted Jameel Jamali, and decoded the most difficult scene of the film

"जमील जमाली जितना ह** है न, वो मैं अपने अंदर महसूस कर रहा था"

राकेश बेदी ने बताया कि 'धुरंधर' के दोनों पार्ट्स में सबसे ज्यादा मुश्किलें उन्हें किस सीन में आईं.

Advertisement
pic
9 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 07:23 PM IST)
Jameel Jamali in Dhurandhar, Rakesh Bedi
राकेश बेदी ने दी लल्लनटॉप से चर्चा में बताया कि उन्हें 'धुरंधर' का कौन सा सीन सबसे मुश्किल लगा.
Quick AI Highlights
Click here to view more

“सलीक़े से बाप का फ़र्ज़ अदा किया होता, तो बेटी आज मेरे घर नहीं होती.”

ये Dhurandhar के सेकेंड हाफ़ का वो सीन है, जिसमें Hamza (Ranveer Singh) Jameel Jamali (Rakesh Bedi) को अपने घर बुलाता है. जमील की बेटी यालीना भी हम्ज़ा के घर पर ही होती है. और सिगरेट के कश लगाते हुए हम्ज़ा, जमील से ये बात कहता है. दांत पीसते हुए, हम्ज़ा को घूरते हुए, किसी तरह ख़ुद को काबू करता जमील जमाली जवाब में कहता है,

“कल का आया लौंडा, मुझे नसीहत देगा? एक छोटी बच्ची क्या फांस ली कि ख़ुद को फ़न्ने खां समझने लगा...? जब तेरी अम्मी तेरी तशरीफ़ धोती थी ना, तब से ज़माने के फर्ज़ अदा कर रहा हूं मैं. और एक बात याद रखियो... इस पूरे ल्यारी शहर में मेरा ख़ून बोलता है.”

इस डायलॉग में जमील जमाली ने हम्ज़ा को कुछ आधा दर्जन गालियां भी दीं. और दोनों फिल्मों में अगर जमील जमाली का पात्र कहीं आग बबूला होता दिखा, तो वो यही सीन है. हाल ही में जब राकेश बेदी The Lallantop के ख़ास कार्यक्रम Guest In The Newsroom में आए, तो उन्होंने बताया कि ये ‘धुरंधर’ के सेट पर उनका पहला सीन था. 

वैसे तो राकेश बेदी फिल्म में जहां भी नज़र आए, अपने किरदार की खाल में पूरे उतरे हुए ही लगे. मगर उनका कहना है कि ये सीन उन्हें पूरी सात घंटे की फिल्म का सबसे मुश्किल सीन लगा. इसे करने में उन्हें बड़ी तकलीफ़ हुई. मगर क्यों? जवाब में राकेश ने कहा,

“मेरे लिए ये सबसे मुश्किल दिन था धुरंधर के शूट का. ये बड़ा इंटेंस सीन है. और इसमें बहुत सारी चीज़ें छिपी हुई हैं. पहले तो वो कन्फ्रंट करने आया है कि तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी को फांसने की? वो बहुत तपा हुआ है. और कुछ ही पल बाद वो ख़ुद को हम्ज़ा के चरणों में ऑलमोस्ट गिरा देता है. तो क्या होता है कि जब इतनी बड़ी फिल्म में, इतनी इंटेंस फिल्म में कोई ऐसा सीन जब एक्टर को मिलता है, जैसे मुझे मिला, और ये मेरा पहला दिन था शूट पर. अगर यही सीन मुझे 10 दिन के बाद मिला होता, तो मुझे इतनी तकलीफ़ नहीं होती. क्योंकि पहले दिन ना, एक एक्टर अपना पैर जमाने की कोशिश कर रहा होता है. ज़मीन ढूंढ रहा होता है. तो मैं कितना ह** हूं... मतलब जमील जमाली कितना ह** है, वो 10-15 दिन की शूटिंग के बाद में मेरी रगों में बस जाता. उसकी लेयर मैं ख़ुद भी ढूंढ रहा था. और बाद में मैं उसे अपने अंदर महसूस कर रहा था. मगर मैंने जितना फोकस बाकी सीन्स पर किया, उसके मुकाबले इस पर मैं 100 गुना ज़्यादा खर्च हो गया.”

फिल्म में एक सीन है, जब जमील जमाली सात साल से सस्पेंडेड एसपी असलम (संजय दत्त) को अपने घर बुलाता है. एसपी कहता है कि सस्पेंड आप ही ने कराया था. और जमील कहता है,

“जवानी के जोश में हो गई होगी कोई ग़लती... तुमसे.”

ग़लती और तुमसे के बीच का ये पॉज़ जमाली के किरदार के बारे में बहुत कुछ कहता है. राकेश बेदी ने ऐसे ही दो संवादों के वक्फ़ों में एक्टिंग की है. और क्या ख़ूब की है. ये पॉज़ क्या स्क्रिप्ट में थे? इस बारे में राकेश ने कहा,

“मैं कभी ये प्लान नहीं करता कि ये लाइन मैं ऐसे बोलूंगा. मैं कभी ये प्लान नहीं करता क‍ि ये लुक मैं ऐसे दूंगा. मैं कभी ये प्लान नहीं करता कि यहां मैं पॉज़ लूंगा. देखिए, मेरा काम करने का मेथड थोड़ा अलग है. मैं सिर्फ कैरेक्टर के बारे में सोचता हूं... कि ये ह** है. इसको यहां तकलीफ़ हुई. जैसे जमील जमाली को आगे जाना था, और उसको हटा कर इसको बना दिया लीडर. तो ऐसे जब आप सोचेंगे ना, तो वो बॉडी लैंग्वेज, वो लुक, वो स्टाइल, वो पॉज़... वो अपने आप जनरेट होंगे.”

राकेश बेदी अर्ज़ करते हैं,

“शोर नदी का नहीं आबशार का है, उसके बाद जो भी सफ़र है वो उतार का है.”

इसे वो सिर्फ शेर नहीं, जिंदगी का फ़लसफ़ा भी मानते हैं. कहते हैं कि वो जो भी काम करते हैं, उसके हो जाने के बाद उससे डिसकनेक्ट हो जाते हैं. सराहना, आलोचना, सबसे परे कुछ नया रचना शुरू कर देते हैं. उनकी यही सोच उन्हें उनके हर किरदार में ताज़ा, नया, अनोखा बनाती है. राकेश बेदी का ये पूरा इंटरव्यू आप दी लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पर देख सकते हैं.

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: 'धुरंधर' के जमील जमाली ने सुनाए मजेदार किस्से, रणवीर-अक्षय खन्ना पर क्या बोले राकेश बेदी?

Advertisement

Advertisement

()