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  • Dhurandhar 2 vs Toxic: Indians Do Not Have Enough Money to Watch Both Films, Says Sanjay Gupta

"भारतीयों के पास टॉक्सिक और धुरंधर 2, दोनों देखने के लिए पैसे नहीं हैं"

डायरेक्टर ने इस भिड़ंत की तुलना 'काबिल' और 'रईस' के क्लैश से की है.

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20 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 20 फ़रवरी 2026, 07:15 PM IST)
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राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' के क्लैश को Dhuroxic नाम दिया है.
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19 मार्च. यानी आज से ठीक एक महीने बाद Toxic और Dhurandhar 2 के बीच तगड़ा क्लैश होने जा रहा है. इस भिड़ंत से न तो Yash पीछे हटने वाले हैं, न Ranveer Singh. दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फटने वाली हैं. मगर शायद ये दोनों फिल्में उस आंकड़े से दूर रह जाएंगे, जितना वो सोलो रिलीज़ होकर कमा सकती थीं. कुछ ऐसा ही मानना है Kaabil और Kaante के डायरेक्टर Sanjay Gupta का. संजय के मुताबिक, भारत में लोगों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो बैक-टू-बैक दो फिल्में देख सकें.

संजय ने हाल ही में वैरायटी इंडिया से 'धुरंधर 2' के सिलसिले में बात की थी. उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म का पहला पार्ट काफ़ी पसंद आया था. इसलिए वो इसके सीक्वल को लेकर काफ़ी एक्साइटेड हैं. बातचीत के दौरान 'टॉक्सिक' और 'धुरंधर 2' के क्लैश पर चर्चा छिड़ गई. ये पूछे जाने पर कि वो दोनों में से कौन सी फिल्म देखेंगे, संजय कहते हैं,

"मैं दोनों फिल्में देखूंगा. लेकिन दुर्भाग्य से दोनों एक ही समय पर रिलीज हो रही हैं. लोग दोनों ही फिल्मों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. ऐसे में ये तय है कि ये फिल्में एक-दूसरे के बिज़नेस को प्रभावित करेंगी."

अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए हुए संजय ने 'काबिल' और 'रईस' का उदाहरण दिया. 2017 में ऋतिक रोशन स्टारर 'काबिल', शाहरुख की 'रईस' एक साथ रिलीज हुईं थीं. ये उस दौर का सबसे तगड़ा क्लैश था. सैकनिल्क के मुताबिक, 'रईस' ने 281.45 करोड़ और 'काबिल' ने 178.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. ये अच्छा नंबर है. मगर दोनों तरफ़ के लोग आज तक ये कहते हैं कि यदि ये फिल्में न टकरातीं, तो और बड़ा बिजनेस कर सकती थीं.

उस क्लैश का हवाला देते हुए संजय कहते हैं,

“ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे मेरी फिल्म काबिल, रईस के साथ रिलीज़ हुई थी. अगर दोनों फिल्में अलग-अलग समय पर आतीं, तो दोनों को ज्यादा फायदा होता. हमें ये भी समझना चाहिए कि हमारा देश बहुत अमीर नहीं है. भारत में हर किसी के पास इतना पैसा नहीं होता कि वो एक के बाद एक दो फिल्में देख आएं. कई लोग तो महीनेभर में भी दो फिल्में नहीं देख पाते हैं. धुरंधर 2 और टॉक्सिक का ये क्लैश जरूरी नहीं था. लेकिन मेकर्स के ऐसा करने के पीछे अपने कारण रहे होंगे. दोनों फिल्में ठीक-ठाक चलेंगी. मगर उतनी नहीं, जितनी इनकी कपैसिटी है.”

'टॉक्सिक' और 'धुरंधर 2' को सेम डे रिलीज़ करने का एक बहुत बड़ा नुकसान है. वो ये कि ऐसा करने पर दोनों ही फिल्मों को पर्याप्त स्क्रीन्स नहीं मिल पाएंगी. सिनेमाघरों में उनके शोज़ बंट जाएंगे, जिससे ये मूवीज़ अपने पोटेंशियल के मुताबिक बिजनेस नहीं कर पाएंगी. इस दिक्कत को देखते हुए डिस्ट्रिब्यूटर्स ने शुरुआत में कोई मध्य मार्ग ढूंढने का प्रयास किया था. बावजूद इसके, दोनों ही फिल्में टस-से-मस तक नहीं हुईं. 

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