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आराध्या बच्चन के खिलाफ फेक न्यूज़ चलाई, मामला कोर्ट तक पहुंच गया

फेक न्यूज़ फैलाने वाले यूट्यूब चैनल्स सावधान! कोर्ट ने ऐसे सभी वीडियोज़ को हटाने का आदेश दिया है.

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20 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 20 अप्रैल 2023, 12:36 PM IST)
aaradhya bachchan youtube videos delhi high court
NMAAC के दौरान ऐश्वर्या और आराध्या बच्चन.
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ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन ने कुछ यूट्यूब चैनल के खिलाफ केस किया है. आरोप है कि ये यूट्यूब चैनल आराध्या की सेहत को लेकर फेक न्यूज़ चला रहे हैं. बार एंड बेंच के मुताबिक ये चैनल ऐसी खबरें चला रहे थे कि आराध्या की सेहत बहुत खराब है. उनमें से एक यूट्यूब वीडियो ने दावा किया कि उनकी डेथ हो चुकी है. वहीं कुछ और वीडियोज़ ने कहा कि आराध्या की सेहत खराब है और बच्चन परिवार इस बारे में कुछ नहीं कर रहा है. 

दायर किए गए लॉ सूट में लिखा गया कि आराध्या और उनके परिवार वालों की तस्वीरों को मॉर्फ कर गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है. बच्चन परिवार के बारे में फर्ज़ी खबरें चलाकर ये लोग मुनाफा कमा रहे हैं. शिकायत में यूट्यूब चैनल्स के अलावा गूगल और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के ग्रीवेंस सेल का भी नाम है. शिकायत में कहा गया कि 10 यूट्यूब चैनल अपने सभी वीडियोज़ को अनलिस्ट कर के डिएक्टिवेट कर दें. 20 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई. 

जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच इस केस को सुन रही है. कोर्ट में आराध्या और अभिषेक बच्चन का पक्ष सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन पेश कर रहे हैं. वहीं यूट्यूब की तरफ से एडवोकेट ममता रानी मौजूद हैं. बार एंड बेंच में छपी रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने यूट्यूब से सवाल किया है. कि आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि सही जानकारी दी जाए. ऐसे मामलों के लिए कोई पॉलिसी क्यों नहीं है. कोर्ट ने यूट्यूब वीडियोज़ पर ऐतराज़ ज़ाहिर करते हुए कहा कि हर बच्चे को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है. यूट्यूब की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह की फर्ज़ी खबरों पर रोक लगाये.

कोर्ट ने आगे कहा कि आप गलत जानकारी फैलाने का प्लेटफॉर्म दे रहे हैं. ऐसे तो टाइम्स ऑफ इंडिया भी कहेगा कि हम तो सिर्फ इंक और पेपर दे रहे हैं. उससे कोई पेपर पर कुछ भी लिख जाएगा. आप ऐसा प्लेटफॉर्म दे रहे हैं जिससे लोगों तक फेक न्यूज़ फैलाई जा रही है. ये कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है. अगर आप इससे पैसा कमा रहे हैं, तो आपकी एक नैतिक ज़िम्मेदारी भी बनती है. 

यूट्यूब ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वो ये चैनल चला रहे तमाम लोगों की सही जानकारी देंगे. साथ ही जिन वीडियोज़ के खिलाफ शिकायत की गई है, उन्हें तुरंत प्रभाव से डीलिस्ट करेंगे. कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि सभी वीडियोज़ को ब्लॉक किया जाए. साथ ही ये चैनल आगे कभी ऐसे मिलते-जुलते वीडियो नहीं बनाएंगे. आदेश के मुताबिक एक हफ्ते के अंदर-अंदर ये फैसले लागू हो जाने चाहिए.    

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