पहली बात कि ये मजाक की बात नहीं है. भारत के गृहमंत्री बोले हैं. राजनाथ सिंह. 6नवंबर को गौरक्षकों के साथ मंच से स्पीच दी. साथ में स्वामी ज्ञानानंद महराज भी थे.मंच से दो चार बड़ी मारके की बात कीं राजनाथ सिंह ने. उनको पॉइंट दर पॉइंट पढ़ लो.सब क्लियर हो जाएगा. और प्लीज, पीएम मोदी ने गौरक्षकों को लेकर जो बयान दिया था उसेइसके साथ मत जोड़ना. 1. USA के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है. जिसमें पता चला है किगाय और इंसानों के 80 परसेंट जीन्स सेम होते हैं. यानी उनमें और हममें ज्यादा फर्कनहीं है. 2. देश की सभी राज्य सरकारों को गोकशी कानून कड़े कराने चाहिए. 3. येसिर्फ परंपरा की बात नहीं है. विश्वास की बात है. आस्था के अलावा इकॉनमिक,हिस्टोरिकल और साइंटिफिक नजरिए से देखने की भी जरूरत है. 4. हमारी सरकार बांग्लादेशको होने वाली गायों की स्मगलिंग पूरी तरह से बैन करने की कोशिश कर रही है. लेकिनबॉर्डर इत्ता लंबा है कि सफलता बहुत कम मिल रही है. 5. गोकशी वैदिक काल में बैन थी.मुगलों के टाइम भी. अकबर, जहांगीर और बहादुरशाह जफर के टाइम पर भी. बाबरनामा मेंलिखा है "हिंदुस्तान पर राज करना पॉसिबल नहीं है अगर गोकशी पर बैन न लगे."--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: मुंह पर पेशाब करते इन्हीं गौ-गुंडों की बात कर रहे थे मोदी जी मोदीके टिंचर के बाद BJP ने गाय वाली अपनी यूनिट बंद की 'गौरक्षकों के खिलाफ बोल केमोदी ने पीठ में छुरा घोंपा है' गाय का आखिरी पूर्वज 400 साल पहले मर गया था दलितोंने नहीं, शेर ने मारी थी गाय, गोरक्षकों जाओ बदला लो!