इन्फोसिस का एम्प्लॉयी पब्लिक में छींकने की बात कह रहा था, नौकरी चली गई, हिरासत में लिया गया
कर्नाटक का मामला. 25 साल के युवक ने लिखा था पोस्ट.
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Infosys ने इससे पहले कोरोना संक्रमित संदिग्ध एम्लॉयी के चलते एक बिल्डिंग खाली करा दी थी. फोटो: India Today
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इन्फोसिस. आईटी कंपनी है. कर्नाटक के बेंगलुरू में कंपनी के एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है. साथ ही कंपनी ने भी उसे निकाल दिया. क्यों? क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर पब्लिक में छींकने और कोरोना वायरस फैलाने की बात कही थी.
पीटीआई के मुताबिक, इस शख्स का नाम मुजीब मोहम्मद है. उसने फेसबुक पर लिखा, चलो हाथ मिलाएं. बाहर निकलें और खुले मुंह से पब्लिक में छींकें. वायरस फैला दो.'
बेंगलुरू के जॉइंट कमिश्नर संदीप पाटिल ने कहा,
कोरोना के चलते पूरे देश में लॉकडाउन पर इस मेडिकल कॉलेज में चल रही क्लास
जिस शख्स ने ये पोस्ट लिखी उसे हिरासत में ले लिया गया है. उसका नाम मुजीब है और सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है. उसकी उम्र 25 साल है. उसके ख़िलाफ़ केस भी दर्ज किया गया है.वहीं, इन्फोसिस ने इसे अपने कोड ऑफ कंडक्ट के ख़िलाफ़ बताया. उसे नौकरी से निकाले की जानकारी देते हुए इन्फोसिस ने कहा,
एम्लॉयी की तरफ से की गई सोशल मीडिया पोस्ट इन्फोसिस के कोड ऑफ कंडक्ट और जिम्मेदारी के ख़िलाफ़ है. इन्फोसिस ऐसी चीज़ों पर ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी रखती है और उसके हिसाब से एम्पलॉयी को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया है.
कंपनी ने कहा कि इन्फोसिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है और ये ग़लत पहचान का मामला नहीं है. इससे पहले कंपनी ने एक संदिग्ध कोरोना संक्रमित एम्लॉयी के चलते अपनी एक बिल्डिंग खाली कर दी थी. कर्नाटक में कोरोना के मामले कर्नाटक में COVID-19 के 64 कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से तीन की मौत हो चुकी है. देश में कोरोना से पहली मौत कर्नाटक में ही हुई थी. यहां संक्रमित लोगों में एक 10 महीने का बच्चा भी शामिल है. फिलहाल उसकी हालत स्थिर है. विश्व और भारत में स्थिति भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन का आज 28 मार्च को चौथा दिन है. दुनियाभर में कोरोना के 5 लाख से ऊपर मामले सामने आ चुके हैं और 27 हजार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें करीब 1 लाख 33 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. भारत में अलग-अलग राज्यों में कोरोना की क्या स्थिति है, यहां देखें:The social media post by the employee is against Infosys’ code of conduct and its commitment to responsible social sharing. Infosys has a zero tolerance policy towards such acts and has accordingly, terminated the services of the employee. (2/2)
— Infosys (@Infosys) March 27, 2020
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