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8 दिसंबर से पहले कब-कब Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर हुए हादसे का शिकार?

2010 से अब तक 5 हादसे हो चुके हैं जिनमें कम से कम 42 लोगों की जान गई है.

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9 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 9 दिसंबर 2021, 01:12 PM IST)
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Mi 17 V5 सीरीज के हेलिकॉप्टर्स के साथ 2010 से अब तक 5 हादसे हो चुके हैं जिनमें कम से कम 42 लोगों की जान गई है.
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तमिलनाडु में बुधवार, 8 दिसंबर को क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य लोगों की जान चली गई. हादसे का शिकार हुआ हेलिकॉप्टर वायुसेना का Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर था. ये मिडियम लिफ्ट मिलिट्री ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर है. इसकी गिनती दुनिया के सबसे एडवांस्ड मिलिट्री ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर्स में होती है. कज़ान हेलिकॉप्टर्स नाम की रूसी कंपनी ये हेलिकॉप्टर बनाती है. आमतौर ये हेलिकॉप्टर ट्रूप्स को लाने-ले जाने या सामान ढोने के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन इसकी क्षमताओं के चलते इसे VVIP ट्रांसपोर्ट के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. इस हेलिकॉप्टर की रेंज 1,065 किलोमीटर है. हेलिकॉप्टर अधिकतम 13,000 किलोग्राम वजन उठा सकता है. अधिकतम 250 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ान भर सकता है. हालांकि रूस में निर्मित Mi-सीरीज के ये हेलिकॉप्टर पिछले 10 सालों में कई बार हादसों का शिकार हुए हैं. 2010 से अब तक 5 हादसे हो चुके हैं जिनमें कम से कम 42 लोगों की जान गई है. कब -कब हादसे का शिकार हुआ Mi-17 V5? 27 फरवरी 2019 8 दिसंबर वाले हादसे से पहले Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर के साथ बड़ा हादसा साल 2019 में हुआ था. बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक के एक दिन बाद 27 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के बडगाम में हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था. उसी रात भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच डॉगफाइट हुई थी. इसमें हमने पाकिस्तान के F-16 विमान को गिराने का दावा किया था. इस झड़प में भारत का भी लड़ाकू विमान क्रैश हो गया था, जिसके पायलट थे विंग कमांडर अभिनंदन. फिर सुबह बडगाम में Mi-17 V5 क्रैश होने की खबर आई थी. इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार 6 वायु सेना के जवानों समेत कुल 7 लोगों की मौत हुई थी. बाद में इस मामले में कोर्ट ऑफ इक्वायरी शुरू हुई. 6 महीने बाद जांच रिपोर्ट आई. और जांच में सामने आया कि हमारे ही एयर डिफेंस सिस्टम से हेलिकॉप्टर को मार गिराया गया था. पाकिस्तान की तरफ से हवाई हमले के खतरे की वजह से हमारा एयर डिफेंस सिस्टम तब हाई अलर्ट पर था. और दुश्मन का हेलिकॉप्टर समझकर अपने Mi-17 को गिरा दिया गया था. 3 अप्रैल 2018 निर्माण सामग्री ले जा रहा एम 17 हेलिकॉप्टर 3 अप्रैल, 2018 को केदारनाथ में हादसे का शिकार हो गया था. इसमें 6 लोग सवार थे, ये सभी  बच गए थे. हेलिकॉप्टर गुप्तकाशी से केदारनाथ जा रहा था. हेलिपैड से करीब 60 मीटर पहले केदारनाथ मंदिर की परिधि की दीवार से टकरा गया था. इस हेलिकॉप्टर में छह लोग सवार थे, जिनमें से 4 को हल्की चोटें आई थीं. 6 अक्टूबर 2017 इससे पहले साल 2017 में अरुणाचल प्रदेश में Mi-17 V5 हादसे का शिकार हुआ था. हादसा अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से सेक्टर के चुना में सुबह करीब छह बजे हुआ था. हेलिकॉप्टर भारत-चीन सीमा से करीब 12 किलोमीटर और तवांग से करीब 100 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में हादसे का शिकार हुआ था. यह हेलिकॉप्टर एक हवाई रखरखाव मिशन पर था और उसने तवांग सेक्टर से उड़ान भरी थी. तकनीकी कारणों से हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था. इसमें 7 लोगों की मौत हुई थी. 25 जून 2013 उत्तराखंड में बचाव अभियान के दौरान IAF का Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर के साथ हादसा हुआ था. भारतीय वायुसेना ने घायलों की संख्या आठ बताई थी. जिसमें हेलिकॉप्टर के चालक दल के पांच सदस्य भी शामिल थे. वायुसेना के एक बयान में कहा था कि गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ के बचाव अभियान पर हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के उत्तर में केदारनाथ से वापसी के समय हादसे का शिकार हुआ था. चालक दल के पांच सदस्यों सहित आठ लोग घायल हुए थे. 30 अगस्त 2012 गुजरात में जामनगर के पास एक टेकऑफ़ के तुरंत बाद दो हेलिकॉप्टर बीच हवा में टकरा गए थे. इसमें सवार पांच अधिकारियों सहित वायु सेना के नौ कर्मियों की मौत हो गई थी. हेलिकॉप्टर कथित तौर पर एक बमबारी मिशन के लिए अभ्यास पर था जब हादसा हुआ. घटना के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था 9 कर्मी इन हेलिकॉप्टर्स में सवार थे और सभी ने दम तोड़ दिया. इन हेलिकॉप्टर्स ने जामनगर एयरबेस से उड़ान भरी थी और वे नियमित उड़ान प्रशिक्षण मिशन पर थे. 19 नवंबर, 2010 अरुणाचल प्रदेश के तवांग से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही MI-17 हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था. इसमें सवार सभी 12 सशस्त्र बलों के जवानों की मौत हो गई थी. चीन की सीमा से लगे बोमदिर में हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ था. मरने वाले 12 लोगों में वायुसेना के 11 अधिकारी थे इनमें से 2 पायलट और एक आर्मी ऑफिसर थे. गुवाहाटी जाने वाले हेलिकॉप्टर के तवांग हेलीपैड से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही ये हादसा हुआ था.

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