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'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' को क्लीयरेंस देने के बाद इंडियन सेंसर बोर्ड ने वापस क्यों बुला लिया?

फवाद खान-माहिरा खान स्टारर 'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' की इंडिया रिलीज़ अनिश्चितकाल के लिए लटक गई है.

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28 दिसंबर 2022 (अपडेटेड: 28 दिसंबर 2022, 03:28 PM IST)
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'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' की स्टारकास्ट.
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Pakistani फिल्म The Legend of Maula Jatt की इंडिया रिलीज़ में पेंच फंस गया है. ये फिल्म इंडिया में 30 दिसंबर को रिलीज़ की जानी थी. CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) ने पास कर दिया था. बावजूद इसके फिल्म की रिलीज़ को अनिश्चितकाल तक के लिए टाल दिया गया है. हालांकि इसके पीछे की वजह अब तक पता नहीं चल सकी है.

'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' पाकिस्तानी सिनेमा इतिहास की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म है. दुनियाभर में 13 अक्टूबर को रिलीज़ हुई थी. 200 करोड़ रुपए से ज़्यादा की कमाई कर चुकी है. फवाद खान, माहिरा खान, हुमैमा मलिक और हमज़ा अब्बासी ने लीड रोल्स किए हैं. इंडिया में भी इस फिल्म की रिलीज़ का इंतज़ार हो रहा था. तकरीबन सबकुछ सेट था. 30 दिसंबर को फिल्म सिनेमाघरों में लगनी थी. बॉलीवुड हंगामा ने सूत्रों के हवाले से छपी एक रिपोर्ट में बताया कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को क्लीयरेंस दे दी थी. मगर सोमवार को सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रिकॉल कर लिया है. यानी क्लीयरेंस वापस ले ली है.

हालांकि इस रिपोर्ट में ये साफ तरीके से नहीं बताया गया कि सेंसर बोर्ड ने 'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' को सर्टिफिकेट दिया था या नहीं. अगर फिल्म को रिकॉल किया गया है, इसक मतलब पहले फिल्म को सर्टिफाई कर दिया गया होगा. वरना CBFC वापस कैसे और क्यों ही बुलाती. अब इसकी वजह से इस फिल्म की इंडिया रिलीज़ खटाई में पड़ गई है.

'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' को इंडिया में Zee Studios रिलीज़ करने वाली थी. प्लान ये था कि पहले इस फिल्म को दिल्ली-NCR और पंजाब में लिमिटेड तरीके से रिलीज़ किया जाएगा. क्योंकि ये पंजाबी भाषा की फिल्म है. अगर फिल्म को भारतीय जनता पसंद करती, वर्ड ऑफ माउथ मजबूत होता, तो उसके बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में भी रिलीज़ किया जाता.

30 दिसंबर की तारीख का चुनाव भी बड़े स्ट्रैटेजिक तरीके से किया गया था. क्योंकि इस दिन या इसके अगले एक दो-हफ्तों तक कोई बड़ी हिंदी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं होने वाली थी. मगर अब ज़ी स्टूडियोज़ को दोबारा से पूरी प्लानिंग करनी पड़ेगी. मगर ये सब तभी संभव होगा, जब सेंसर बोर्ड फिल्म को पास करे.

'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' 1979 में आई पाकिस्तानी फिल्म 'मौला जट्ट' की रीमेक है. इस फिल्म को बिलाल लशारी ने डायरेक्ट किया है. 

वीडियो: द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट ने वो किया जो आजतक कोई पाकिस्तानी फिल्म नहीं कर पाई|

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