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'राम तेरी गंगा मैली' फेम मंदाकिनी आज कल कहां हैं?

क्या मंदाकिनी ने वाकई डॉन दाउद इब्राहिम से शादी कर ली थी?

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फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के दो अलग-अलग सीन्स में मंदाकिनी. आखिरी तस्वीर में मंदाकिनी, डॉन दाउद इब्राहमि के साथ शाहजाह क्रिकेट में ग्राउंड में बैठी नज़र आ रही हैं.
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श्वेतांक
27 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 27 अप्रैल 2021, 07:34 AM IST)
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'राम तेरी गंगा मैली' वाली मंदाकिनी याद हैं? इन्हें इंडिया में सिर्फ वजहों से याद किया जाता है. मगर उन दो वजहों तक पहुंचने के लिए हमें मंदाकिनी से जुड़े कुछ सवालों से होकर गुज़रना पड़ेगा. यूपी के मेरठ से आने वाली यास्मीन जोसेफ कैसे बन गईं मंदाकिनी? क्या मंदाकिनी को फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में न्यूड सीन करने का अफसोस है? 45 दिन की शूटिंग करने के बावजूद राज कपूर उन्हें अपनी फिल्म से क्यों निकालना चाहते थे? क्या मंदाकिनी ने वाकई अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से शादी कर ली थी? ब्लॉकबस्टर डेब्यू के बावजूद वो  फिल्मों से दूर क्यों हो गईं? मंदाकिनी आज कल कहां हैं और क्या कर रही हैं?
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# फिल्मों में कैसे आईं मंदाकिनी? मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई, 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ था. इनके पिता का नाम था जॉसफ, जो कि ब्रिटिश थे. पैदाइश के वक्त मंदाकिनी का नाम यास्मीन जॉसफ रखा गया था. यास्मीन 17-18 की उम्र में फिल्मों में काम करने बंबई आ गईं. मगर स्ट्रगल करना पड़ा. बताया जाता है कि उन्हें तीन फिल्ममेकर्स ने रिजेक्ट कर दिया था. उन्हीं दिनों धर्मेंद्र और शशि कपूर स्टारर फिल्म 'क्रोधी' प्रोड्यूस करने वाले रंजीत विर्क अपनी अगली फिल्म शुरू करने जा रहे थे. इस फिल्म का नाम था 'मज़लूम'. इसमें उन्होंने यास्मीन को कास्ट किया. बताया जाता है कि शुरुआत में यास्मीन का नाम बदलकर माधुरी कर दिया गया था. ठीक इसी समय यास्मीन को राज कपूर ने स्पॉट कर लिया. वो अपने बेटे राजीव को लॉन्च करने के लिए एक फिल्म बनाने जा रहे थे. 'राम तेरी गंगा मैली' नाम से बन रही इस फिल्म में यास्मीन लीडिंग लेडी के तौर पर ले ली गईं. मगर राज कपूर को भी अपनी हीरोइन का नाम बार-बार खल रहा था. इसलिए उन्होंने यास्मीन का नाम बदलकर मंदाकिनी कर दिया. दिलचस्प बात ये कि 1986 में आई फिल्म 'मज़लूम' के क्रेडिट प्लेट पर भी यास्मीन का नाम मंदाकिनी ही लिखा गया.
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अपने पिता जॉसफ के साथ यास्मीन.
# 45 दिन की शूटिंग के बावजूद मंदाकिनी को अपनी फिल्म से क्यों निकालना चाहते थे राज कपूर? जब राज कपूर ने 'राम तेरी गंगा मैली' बनाने का प्लैन बनाया, तब उन्होंने डिंपल कपाड़िया का ऑडिशन लिया. डिंपल, राज साहब के साथ 'बॉबी' में काम कर चुकी थीं. मगर डिंपल 'बॉबी' के बाद राजेश खन्ना के साथ शादी कर फिल्मों से दूर हो चुकी थीं. रमेश शर्मा ने राज कपूर पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई, जिसे दूरदर्शन पर दिखाया गया. इस डॉक्यूमेंट्री में डिंपल कपाड़िया के ऑडिशन वाला क्लिप भी शामिल था. इसके बाद ये रोल पद्मिनी कोल्हापुरे को ऑफर हुआ. पद्मिनी अपने एक इंटरव्यू में बताती हैं कि उन्हें 'एक दूजे के लिए' में रति अग्निहोत्री वाला किरदार ऑफर हुआ था. 'सिलसिला' में जो रोल रेखा को गया, वो भी पहले उनके पास ही आया था. उन्हें फिल्म 'तोहफा' में श्रीदेवी वाले रोल के लिए भी अप्रोच किया गया था. मगर वो अलग-अलग वजहों से वो फिल्में नहीं कर पाईं. मगर उन्हें 'राम तेरी गंगा मैली' में काम नहीं करने का अफसोस रहेगा. उन्होंने 'राम तेरी गंगा मैली' क्यों नहीं की, इस पर बात करते हुए पद्मिनी बताती हैं-
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उन्होंने अपने इंटरव्यू में ये भी बताया कि राज कपूर 'राम तेरी गंगा मैली' की 45 दिन की शूटिंग पूरी कर चुके थे. इतने दिनों में वो मंदाकिनी और राजीव, दोनों के साथ ही तकरीबन आधी फिल्म शूट कर चुके थे. बावजूद इसके जब वो बंबई आए, तो पद्मिनी से इस फिल्म में काम नहीं करने के फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा. यानी वो 45 दिन की शूटिंग के बाद भी मंदाकिनी को रिप्लेस करने के लिए तैयार थे. मगर पद्मिनी ने अपना फैसला नहीं बदला.
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फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' का पोस्टर.
# जब मंदाकिनी और उनकी सफेद गीली साड़ी ने देशभर में तहलका मचा दिया! 16 अगस्त, 1985 को मंदाकिनी और राजीव कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' रिलीज़ हुई. ये बतौर डायरेक्टर राज कपूर के करियर की आखिरी फिल्म थी. मगर देशभर में इस फिल्म को बहुत शानदार रेस्पॉन्स मिला. फिल्म सुपरहिट साबित हुई. ऋषि कपूर अपनी बायोग्रफी 'खुल्लम खुल्ला' में बताते हैं कि 'बॉबी' भले उन्हें लॉन्च करने के लिए बनाई गई थी. मगर वो स्कोप ऑफ परफॉरमेंस के लिहाज़ से डिंपल कपाड़िया की फिल्म थी. मगर राजीव को केंद्र में रखकर राज साहब एक गंभीर फिल्म बनाना चाहते थे. उसी कड़ी में 'राम तेरी गंगा मैली' बनी. मगर क्लास डिविज़न, देश में फैले करप्शन और गंगा की सफाई जैसे विषयों पर बात करने वाली ये फिल्म एक-दो न्यूड सीन्स के चक्कर में चर्चित होकर रह गई. लोगों का ध्यान मुख्य विषय से हट गया.
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फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के झरने वाले सेमी-न्यूड सीन में मंदाकिनी.

फिल्म के एक सीन मंदाकिनी सफेद रंग की ट्रांसपैरेंट साड़ी पहनकर झरने के नीचे नहाती नज़र आती हैं. इस सीन की वजह से मंदाकिनी को आज तक याद किया जाता है. फिल्म से उनका ब्रेस्ट फीडिंग वाला सीन भी भारी चर्चा का विषय रहा. लोगों ने कहा ये तो अश्लीलता है. सेंसर बोर्ड के रोल को लेकर बहस चालू हो गई. मगर फिल्म पर उसका कोई असर नहीं पड़ा. 'राम तेरी गंगा मैली', 'क्रांति' और 'मैंने प्यार किया' के साथ 80 के दशक की तीन सबसे कमाऊ फिल्मों में गिनी जाती है.
जब राज कपूर से उनकी फिल्म में न्यूडिटी के बारे में सवाल पूछा गया, तो उनका कहना था-
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मेंटॉर और ब्रेकथ्रू फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के डायरेक्टर राज कपूर के साथ मंदाकिनी.

जब मंदाकिनी से पूछा गया कि क्या फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में उन्हें न्यूड सीन्स करने का अफसोस है? जवाब में वो कहती हैं-
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फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के एक सीन में राजीव कपूर के साथ मंदाकिनी.
# क्या मंदाकिनी ने वाकई अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से शादी कर ली थी? 'राम तेरी गंगा मैली' के बाद मंदाकिनी रातों-रात स्टार बन गईं. मगर उन्होंने आगे ऐसी फिल्मों में नहीं देखा गया, जिसे दर्शकों या समीक्षकों ने पसंद किया हो. अपने डेब्यू के बाद मंदाकिनी 'आग और शोला', 'डांस डांस', 'प्यार करके देखो' समेत कुल 40 से ज़्यादा फिल्मों में नज़र आईं. मगर एन.चंद्रा की 'तेज़ाब' को छोड़कर कोई भी फिल्म अपनी छाप नहीं छोड़ पाई. अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित स्टारर 'तेज़ाब' में मंदाकिनी ने कैमियो किया था.
ये मुंबई में अंडरवर्ल्ड के रुतबे वाले दौर था. तमाम क्रिमिनल्स के साथ फिल्मी सेलेब्रिटीज़ की तस्वीरें सिनेमा मैग्ज़नीन्स की शोभा बढ़ाया करती थीं. फिल्मों की शूटिंग या टूर के लिए खाड़ी देशों में गए बॉलीवुड स्टार्स शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में डॉन दाउद इब्राहिम के साथ बैठे पाए जाते थे. धीरे-धीरे अंडरवर्ल्ड की धाक फिल्म प्रोडक्शन में बढ़ने लगी. उनका पैसा फिल्मों में लगने लगा. 1994 में मंदाकिनी की दाउद इब्राहिम के साथ कुछ तस्वीरें बाहर आईं. वैसे तो इन फोटोज़ में कुछ खास नहीं था. इन तस्वीरों में शारजाह स्टेडियम में मंदाकिनी और दाउद बैठे हंसी-मज़ाक करते दिख रहे थे.
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शारजाह क्रिकेट ग्राउंड में डॉन दाउद इब्राहिम के साथ बैठी हंसी-मज़ाक करतीं मंदाकिनी.

इन तस्वीरों का बाहर आना था कि अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया. कहा गया कि दाउद, मंदाकिनी की कास्टिंग के लिए इंडिया में प्रोड्यूसर्स पर दबाव डालता था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि मंदाकिनी ने दाउद से शादी कर ली है. इस शादी से उन्हें बच्चा भी है. इसलिए मंदाकिनी फिल्में छोड़ दाउद के साथ दुबई शिफ्ट हो गई हैं. ये वो दूसरी चीज़ है, जिसके लिए मंदाकिनी को याद किया जाता है. इंडिया के मोस्ट वॉन्टेड डॉन के साथ शादी.
मगर मंदाकिनी ने अलग-अलग मौकों पर इन खबरों को बेबुनियाद और फर्जी बताया. वो अपने एक इंटरव्यू में इस मसले पर खुलकर बात करते हुए कहती हैं-
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# मंदाकिनी आज कल कहां हैं और क्या कर रही हैं? 1996 में रिलीज़ होने वाली 'जोरदार' मंदाकिनी के करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई. ये फिल्म 1988 में शूट हो चुकी थी. मगर किन्हीं वजहों से इसे रिलीज़ होने में 8 साल का वक्त लग गया. दाउद कॉन्ट्रोवर्सी के बाद मंदाकिनी पूरी तरह फिल्मों से अलग हो गईं. कुछ समय बाद उन्होंने अपने दो म्यूज़िक एल्बम निकाले किए. 'नो वैकेंसी' और 'शंबाला' नाम के इन एल्बमों को पब्लिक ने खारिज़ कर दिया.
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शादी के फौरन बाद पति काग्युर के साथ मंदाकिनी.

जब मंदाकिनी को दाउद के साथ जोड़ा जा रहा था, तब तक वो इंडिया में शादी करके सेटल हो चुकी थीं. 1990 में उन्होंने डॉ. काग्युर टी रिनपोचे ठाकुर से शादी कर ली थी. डॉ. काग्युर वही बच्चे हैं, जो 70-80 के दशक में मर्फी रेडियो के प्रिंट ऐडवर्टिज़मेंट में दिखाई देते थे. डॉ. काग्युर जब बड़े हुए, तो वो बौद्ध भिक्षु बन गए. मगर इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने मंदाकिनी से शादी कर ली.
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मर्फी रेडियो के प्रिंट ऐडवरटाइज़मेंट में शर्मिला टैगोर. पन्ने पर नीचे नज़र आ रहा बच्चा काग्युर हैं.

काग्युर और मंदाकिनी को इस शादी से दो बच्चे हुए. बेटा रब्बील और बेटी इनाया. शादी के बाद भी काग्युर ने धार्मिक राह नहीं छोड़ी. शादी के बाद मंदाकिनी ने भी उनका साथ देना शुरू कर दिया. फिलहाल, मंदाकिनी अपने पति और बिटिया के साथ मुंबई के यारी रोड इलाके में रहती हैं. मंदाकिनी लोगों को तिब्बतन योगा सिखाती हैं और उनके पति वहीं पर तिब्बतन हर्बल सेंटर चलाते हैं.

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