अरुण खेत्रपाल की कहानी से कितना इंसाफ कर पाई धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस'?
1971 की भारत पाकिस्तान जंग में बसंतर नदी के पास पाकिस्तान ने टैंकों की दीवार खड़ी कर रखी थी. आदेश मिला दुश्मन को रोकना है. अरुण अपने टैंक के साथ आगे बढ़े.एक एक करके उन्होंने दुश्मन के टैंक उड़ाए. तभी एक शेल सीधा उनके टैंक पर गिरा. टैंक जलने लगा. अरुण घायल हो गए. दूसरे अफसर ने रेडियो पर कहा बाहर निकलो. लेकिन अरुण ने जवाब दिया नहीं निकलूंगा. अभी दुश्मन बाकी है.
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अरुण खेत्रपाल की वीरता पर पर्दा: धर्मेंद्र की इक्कीस ने कितनी न्याय किया?
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