"हवाओं में एक सूनापन है..."- धर्मेंद्र के निधन पर अमिताभ बच्चन ने लिखा भावुक पोस्ट
अमिताभ 'शोले' में जय के किरदार के लिए पहली पसंद नहीं थे. वो धर्मेंद्र ही थे, जिन्होंने इस रोल के लिए रमेश सिप्पी को अमिताभ का नाम सजेस्ट किया था.
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जय और वीरू. ये दो नाम दोस्ती का पर्याय बन चुके हैं. इन किरदारों को अमर करने वाले एक्टर्स हैं Dharmendra और Amitabh Bachchan. Ye Dosti Hum Nahi Todenge गाने के बजते ही लोगों की आंखों के सामने इन दोनों की तस्वीर तैरने लगती है. धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं. ऐसे में अमिताभ ने देर रात को उन्हें अंतिम विदाई दी.
अपने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र को याद करते हुए अमिताभ लिखते हैं,
अमिताभ ने आगे लिखा,
'शोले' देखकर लोगों को अक्सर ये भ्रम हो जाता था कि धर्मेंद्र और अमिताभ हमउम्र रहे होंगे. मगर ऐसा नहीं था. धर्मेंद्र, अमिताभ से करीब 6 साल बड़े थे. वो उन्हें अपना छोटा भाई ही मानते थे. दोनों ने 'राम-बलराम', 'नसीब', 'दोस्त' और 'गुड्डी' समेत कई फिल्मों में साथ काम किया है. मगर सबसे ज्यादा चर्चा उन्हें 'चुपके-चुपके' और 'शोले' के लिए ही मिली. इन दोनों फिल्मों में उनकी केमिस्ट्री खूब पसंद की गई.
खास बात ये है कि अमिताभ 'शोले' में जय के किरदार के लिय पहली पसंद थे भी नहीं. उनकी जगह इसमें शत्रुघ्न सिन्हा को कास्ट किया जाना था. मगर वो धर्मेंद्र ही थे, जिन्होंने इस रोल के लिए रमेश सिप्पी को अमिताभ का नाम सजेस्ट किया था. साल 2007 के IIFA अवॉर्ड्स में अमिताभ ने अपने हाथों से धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचिवमेंट अवॉर्ड दिया था. उस दौरान उन्होंने मंच से स्वीकारा कि धर्मेंद्र के कारण ही उन्हें 'शोले' मिली थी.
अमिताभ के लिए धर्मेंद्र को विदाई देना आसान नहीं रहा होगा. क्योंकि 'शोले' की उस आइकॉनिक 1942 BSA WM20 मोटरसाइकल के साइडकार में अब वो अकेले छूट गए हैं. गाड़ी चलाने वाला तो कहीं आगे चला गया है.
वीडियो: धर्मेंद्र को प्रेरणा मानने वाले मुकेश ऋषि ने बताया, सेट पर उनसे मिलने क्यों नहीं गए?

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