इस भयानक वाली कल्ट क्लासिक फिल्म को दोबारा बनाया गया
ये नसीरुद्दीन शाह की उन फिल्मों से है, जिनकी वजह से उन्हें याद किया जाता है.
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मानव कौल, नंदिता दास, सौरभ शुक्ला स्टारर इस फिल्म को सौमित्र रानाडे ने डायरेक्ट किया है.
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1980 में रिलीज़ हुई सईद मिर्ज़ा की कल्ट क्लासिक 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' को रीमेक किया जा रहा है. फिल्म के डायरेक्टर का कहना है कि उनकी फिल्म रीमेक नहीं है बस कॉन्सेप्ट के लेवल पर सेम है. इनके हीरो को भी गुस्सा आता है और सईद मिर्ज़ा के अलबर्ट को भी गुस्सा आता था. दोनों फिल्मों में नाम और गुस्से ही कॉमन हैं. बाकी चीज़ें अलग हैं. उनकी फिल्म मिर्ज़ा की फिल्म की रीमेक नहीं बल्कि कॉन्सेप्चुअल रीमेक है. ये फिल्म पिछले काफी समय से बनकर तैयार थी. लेकिन रिलीज़ डेट अब अनाउंस हुई है. कुछ दिन पहले इसके पोस्टर्स आए थे, अब इसका काफी दिलचस्प सा ट्रेलर आया है.
1) सईद मिर्ज़ा की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' एक मिडल क्लास आदमी की कहानी थी. एक कार मेकैनिक, जिसे हर दूसरी बात पर स्ट्राइक पर जाने वाले कर्मचारियों पर बहुत गुस्सा आता है. लेकिन जब बात अपने पर आ जाती है, तो उसके गुस्सा का वजह बदल जाती है. ओरिजिनल फिल्म मिल मजदूरों की दुर्दशा पर बात कर रही थी. नसीरुद्दीन शाह, शबाना आज़मी और स्मिता पाटिल और ओम पुरी जैसी स्टारकास्ट से सजी ये फिल्म बहुत सराही गई थी. बाद में इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया.

सईद मिर्ज़ा की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' के एक सीन में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आज़मी
2) सौमित्र रानाडे की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' भी एक मध्यमवर्गीय आदमी की ही कहानी है. लेकिन इसका कैनवस बड़ा है, जिसमें बहुत सारी चीज़ों के बारे में बात होगी. बेसिकली ये पॉलिटिकल और सोशल मुद्दों पर बात करेगी, जिसमें भ्रष्टाचार अहम मसला होगा. कहानी कुछ ऐसी है कि अलबर्ट पिंटो एक दिन बिना किसी को कुछ बताए रोड के रास्ते कहीं निकल जाता है. उसके साथ उसका एक साथी नैय्यर है, जो गाड़ी चला रहा है. कुछ दिन इंतज़ार करने के बाद अलबर्ट की गर्लफ्रेंड पुलिस में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज करवा देती है. इस छानबीन और अलबर्ट-नैय्यर की बतरस में ये फिल्म आगे बढ़ेगी. साथ ही साथ में अलबर्ट की ज़िंदगी के फ्लैशबैक भी चलते रहेंगे, जो उसकी कहानी और इस रोड ट्रिप के पीछे की पूरी कहानी बताएंगे. अलबर्ट किसी बात से गुस्सा है. उसका कुछ बाकी है दुनिया के साथ. जिसे सेटल करने के लिए वो निकला है.

फिल्म के एक सीन में मानव कौल और नंदिता दास.
3) इस फिल्म में मानव कौल, नंदिता दास और सौरभ शुक्ला जैसे एक्टर्स नज़र आएंगे. मानव अलबर्ट, नंदिता उनकी गर्लफ्रेंड स्टेला और सौरभ शुक्ला नैय्यर के रोल में नज़र आएंगे. मानव आखिरी बार अमिताभ बच्चन-तापसी पन्नू स्टारर 'बदला' में एक छोटे से रोल में दिखाई दिए थे. सौरभ शुक्ला की आखिरी फिल्म थी 'दासदेव' और नंदिता बतौर एक्ट्रेस लास्ट टाइम ओनिर की फिल्म 'आई एम' (2011) में दिखाई दी थीं. वहीं बतौर डायरेक्टर उनकी आखिरी फिल्म थी 'मंटो'.

सौमित्र रानाडे की कॉन्सेप्चुअल रीमेक के एक सीन में सौरभ शुक्ला और मानव कौल.
4) इस फिल्म को डायरेक्ट किया है सौमित्र रानाडे ने. सौमित्र इससे पहले चार फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं, जिसमें से दो डॉक्यूमेंट्रीज़ हैं. 2003 में आई जावेद जाफरी स्टारर 'जजंतरम ममंतरम' इन्होंने ही डायरेक्ट की थी. 2018 में इनकी आखिरी फिल्म 'अली बाबा और 41 चोर' रिलीज़ हुई थी.

सौरभ शुक्ला और मानव कौल के किरदार एक साथ ही रोड ट्रिप पर निकले हैं.
5) 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है??' पिछले काफी समय से बनकर तैयार है. इसे 2016 नवंबर में एनडीएफसी (National Film Development Corporation) फिल्म बाज़ार में दिखाया गया था. इसके अलावा सितंबर 2017 में इसे सिंगापोर साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया जा चुका है. ये फिल्म इंडिया में 12 अप्रैल, 2019 को रिलीज़ होगी. फिल्म का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:
वीडियो देखें: इस फिल्म में राम्या कृष्णन को एक सीन को शूट करने के लिए 37 रिटेक्स लेने पड़े
1) सईद मिर्ज़ा की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' एक मिडल क्लास आदमी की कहानी थी. एक कार मेकैनिक, जिसे हर दूसरी बात पर स्ट्राइक पर जाने वाले कर्मचारियों पर बहुत गुस्सा आता है. लेकिन जब बात अपने पर आ जाती है, तो उसके गुस्सा का वजह बदल जाती है. ओरिजिनल फिल्म मिल मजदूरों की दुर्दशा पर बात कर रही थी. नसीरुद्दीन शाह, शबाना आज़मी और स्मिता पाटिल और ओम पुरी जैसी स्टारकास्ट से सजी ये फिल्म बहुत सराही गई थी. बाद में इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया.

सईद मिर्ज़ा की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' के एक सीन में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आज़मी
2) सौमित्र रानाडे की 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?' भी एक मध्यमवर्गीय आदमी की ही कहानी है. लेकिन इसका कैनवस बड़ा है, जिसमें बहुत सारी चीज़ों के बारे में बात होगी. बेसिकली ये पॉलिटिकल और सोशल मुद्दों पर बात करेगी, जिसमें भ्रष्टाचार अहम मसला होगा. कहानी कुछ ऐसी है कि अलबर्ट पिंटो एक दिन बिना किसी को कुछ बताए रोड के रास्ते कहीं निकल जाता है. उसके साथ उसका एक साथी नैय्यर है, जो गाड़ी चला रहा है. कुछ दिन इंतज़ार करने के बाद अलबर्ट की गर्लफ्रेंड पुलिस में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज करवा देती है. इस छानबीन और अलबर्ट-नैय्यर की बतरस में ये फिल्म आगे बढ़ेगी. साथ ही साथ में अलबर्ट की ज़िंदगी के फ्लैशबैक भी चलते रहेंगे, जो उसकी कहानी और इस रोड ट्रिप के पीछे की पूरी कहानी बताएंगे. अलबर्ट किसी बात से गुस्सा है. उसका कुछ बाकी है दुनिया के साथ. जिसे सेटल करने के लिए वो निकला है.

फिल्म के एक सीन में मानव कौल और नंदिता दास.
3) इस फिल्म में मानव कौल, नंदिता दास और सौरभ शुक्ला जैसे एक्टर्स नज़र आएंगे. मानव अलबर्ट, नंदिता उनकी गर्लफ्रेंड स्टेला और सौरभ शुक्ला नैय्यर के रोल में नज़र आएंगे. मानव आखिरी बार अमिताभ बच्चन-तापसी पन्नू स्टारर 'बदला' में एक छोटे से रोल में दिखाई दिए थे. सौरभ शुक्ला की आखिरी फिल्म थी 'दासदेव' और नंदिता बतौर एक्ट्रेस लास्ट टाइम ओनिर की फिल्म 'आई एम' (2011) में दिखाई दी थीं. वहीं बतौर डायरेक्टर उनकी आखिरी फिल्म थी 'मंटो'.

सौमित्र रानाडे की कॉन्सेप्चुअल रीमेक के एक सीन में सौरभ शुक्ला और मानव कौल.
4) इस फिल्म को डायरेक्ट किया है सौमित्र रानाडे ने. सौमित्र इससे पहले चार फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं, जिसमें से दो डॉक्यूमेंट्रीज़ हैं. 2003 में आई जावेद जाफरी स्टारर 'जजंतरम ममंतरम' इन्होंने ही डायरेक्ट की थी. 2018 में इनकी आखिरी फिल्म 'अली बाबा और 41 चोर' रिलीज़ हुई थी.

सौरभ शुक्ला और मानव कौल के किरदार एक साथ ही रोड ट्रिप पर निकले हैं.
5) 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है??' पिछले काफी समय से बनकर तैयार है. इसे 2016 नवंबर में एनडीएफसी (National Film Development Corporation) फिल्म बाज़ार में दिखाया गया था. इसके अलावा सितंबर 2017 में इसे सिंगापोर साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया जा चुका है. ये फिल्म इंडिया में 12 अप्रैल, 2019 को रिलीज़ होगी. फिल्म का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:
वीडियो देखें: इस फिल्म में राम्या कृष्णन को एक सीन को शूट करने के लिए 37 रिटेक्स लेने पड़े

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