अक्षय ने गांव की बच्चियों को पढ़ाने का वादा किया, तीन साल बीत गए एक रुपया नहीं दिया!
अक्षय कुमार ने देवमाली की बच्चियों से ये वादा 'जॉली LLB 3' की शूटिंग के दौरान किया था. फिल्म बनकर, रिलीज़ और हिट हो गई. बच्चियों का कुछ नहीं हुआ.

Akshay Kumar और Arshad Warsi ने साल 2024 में Ajmer के पास Devmali गांव में Jolly LLB 3 की शूटिंग की थी. गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत किया. और पूरी शूटिंग के दौरान कई तरह से सहयोग भी किया. अक्षय ने पूरा गांव देखा और पाया कि वहां शिक्षा की कमी है. ख़ास तौर पर बच्चियां अशिक्षित मिलीं. दैनिक भास्कर के मुताबिक अक्षय ने इस मसले पर गांव के तत्कालीन सरपंच मादू राम गुर्जर से मुलाक़ात की. और उन्हें बताया कि वो बच्चियों की शिक्षा के लिए सहयोग करना चाहते हैं. अक्षय ने गांव वालों से वादा किया कि शून्य से 14 साल तक की बच्चियों की पढ़ाई के लिए वो अगले 14 साल तक प्रति वर्ष 1000-1000 रुपये भेजेंगे. ये राशि उनके प्रधानमंत्री सुकन्या योजना खातों में जमा की जाएगी. अक्षय की इस पहल के बारे में अख़बारों में भी छपा. चैनल्स पर दिखाया गया. उनकी ख़ूब वाहवाही भी हुई. मगर मदद... मदद नदारद रही. गांव के रहवासी भानू गुर्जर से बातचीत के आधार पर इस रिपोर्ट में लिखा गया,
“जैसे ही उन्होंने (अक्षय ने) मदद की घोषणा की, दूसरे ही दिन गांव वालों ने पोस्ट ऑफिस में जाकर अपनी 14 साल की बेटियों के प्रधानमंत्री सुकन्या योजना के खाते खुलवाए. तकरीबन 300 खाते तो अगले ही दिन शुरू हो गए थे. लेकिन आज तक एक पैसा भी इन खातों में अक्षय की कंपनी ने जमा नहीं कराया. अब तक उनकी तरफ से कोई बयान नहीं आया. शायद व्यस्तता की वजह से ऐसा हुआ होगा.”
वहीं मौजूदा सरपंच पीरूराम गुर्जर से चर्चा के आधार पर इस रिपोर्ट में लिखा गया,
“फिल्म रिलीज़ हो गई, और हिट भी हुई. मगर बच्चियों के लिए एक रुपया नहीं आया. कई बार फोन किए. ईमेल भेजे. पर कोई जवाब नहीं मिला.”
जैसे ही ये ख़बर छपी, दैनिक भास्कर जोधपुर के पूर्व संपादक रहे अरविंद चोटिया ने X पर व्यंग्यात्मक शैली में अक्षय के लिए लंबी चौड़ी पोस्ट लिखी. उन्होंने लिखा,
“आदरणीय अक्षय कुमार जी, आपने नेता बनने की योग्यता प्राप्त कर ली है. आप छोड़िए अब ये नकली एक्टिंग के काम-धंधे और मुख्य धारा के अभिनय क्षेत्र में कम रखिए. आपका भविष्य अत्यंत ही उज्ज्वल होने वाला है. नेताओं की सबसे बड़ी योग्यता ही वादा करके भूल जाना या भुला देना होती है. पहली बात तो आपने वादा करके भूल जाने के लिए राजस्थान के पवित्र गांव देवमाली को चुना और उसके बाद आपने धोखा देने के लिए बेटियों को चुना. इससे पता चलता है कि आपके लक्ष्य काफी ऊंचे हैं.”
इस ख़बर और 8 मार्च को महिला दिवस पर लिखी गई इस पोस्ट का असर ये हुआ, कि अक्षय की टीम हरक़त में आई. पोस्ट लिखने वाले अरविंद चोटिया को अक्षय की टीम से एक मैसेज आया. इसमें उनका नंबर मांगा गया और फिर बाकी बातचीत फोन पर हुई. अक्षय की टीम से चर्चा के बाद अरविंद ने एक और पोस्ट डाली. इसमें लिखा,
"ये अभिनेता कितने बड़े अभिनेता होते हैं... मुझे आज प्रत्यक्ष तौर पर पता चला. उन्होंने पूरा का पूरा दोष गांव के सरपंच पर डाल दिया. कहा कि सरपंच की ओर से कोई ईमेल वगैरह नहीं आया. इसी कारण अक्षय देवमाली गांव की बच्चियों के खातों में पैसा नहीं डाल पाए. अगर आपके पास कोई कॉन्टैक्ट नंबर हो, तो उपलब्ध कराइए… अब बताइए, मई 2024 में शूटिंग हुई. अक्षय और उनकी टीम वहां कई दिन रुकी. क्या उन्होंने इतना बड़ा वादा करके किसी का भी कॉन्टैक्ट नंबर नहीं लिया? कितना बड़ा कुतर्क दिया है अक्षय कुमार की टीम ने, मुझे सुनकर ही शर्म आने लगी. आदरणीय अक्षय कुमार जी, मैंने इसीलिए उस दिन लिखा था कि आप ये नकली अभिनय छोड़िए और राजनीति के असली अभिनय में आइए."
अब तक अक्षय की टीम की तरफ़ से इस मामले में कोई बयान नहीं आया है. बहरहाल, हम याद दिला दें अक्षय समय-समय पर सामाजिक और राष्ट्रीय हितों के लिए सहयोग देते रहे हैं. कभी कोविड के दौरान, कभी बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदा में तो कभी शहीदों के परिवारों की मदद के लिए, अक्षय आगे आए हैं. लोगों की मदद के लिए उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं. अब देवमाली की बच्चियों से किया हुआ वादा वो निभाएंगे या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा.
वीडियो: कैसी है अक्षय कुमार, अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला की नई फिल्म 'जॉली LLB 3'?

.webp?width=60)

