दीपिका पादुकोण बता रही हैं, डिप्रेशन हो जाए तो क्या करें
लड़कियों सुबह-सुबह उठो और आसमान में चढ़ उगते सूरज को लीलकर ही मानो.
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फोटो - thelallantop
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'जब मैं बड़ी हो रही थी, पापा ने मुझसे कहा था, 'बेस्ट बनने के लिए तीन 'D' जरूरी हैं: डिसिप्लिन, डेडीकेशन और डिटरमिनेशन. यानी अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प. अपने दिल की सुनो और वो करो, जिसका जूनून तुम्हारे अंदर है.
खेलों ने मुझे नाकामियों से लड़ना सिखाया है. कामयाबियों को संभालना सिखाया है. खेलों ने मुझे जमीन से जोड़कर रखा है. खेलों ने मुझे विनम्रता सिखाई है.
दो साल पहले मैं डिप्रेशन से जूझ रही थी. मैं डूब रही थी. मैंने हथियार डाल दिए थे. लेकिन मेरे अंदर के एथलीट ने मुझे लड़ना सिखाया. ये सिखाया कि कभी हार नहीं माननी चाहिए.
और इसलिए मैं हर लड़की और लड़के, हर मर्द और औरत से कहना चाहती हूं, कि वो कोई खेल खेला करें. खेलों ने मेरी जिंदगी बदली है. आपकी भी बदल सकते हैं.
खेलों ने मुझे जीना सिखाया है. लड़ना सिखाया है, कभी न रुकना सिखाया है.'
दीपिका पादुकोण ने ये बात हाल ही में अपने फेसबुक पर लिखी. और साथ में शेयर किया एक नया ऐड.
दीपिका हमारे समय की सबसे सफल एक्ट्रेस में से एक हैं. उनके बारे में कौन नहीं जानता. फिल्मों में आने के पहले नेशनल लेवल पर बैडमिंटन खेला. फिर मॉडलिंग की. और फिल्मों में आते ही हिट हो गईं. लेकिन कुछ ही सालों में वो एक बुरे दौर से गुजरीं. उन्हें डिप्रेशन ने घेर लिया. जिससे लड़कर वो बाहर आईं.
लेकिन ये कहानी सिर्फ किसी एक दीपिका की नहीं. हजारों औरतें हर दिन दुनिया से लड़ते हुए आगे बढ़ रही हैं. पुरुषवादी समाज में रहते हुए अपनी पहचान बना रही हैं. सड़क चलते उन्हें हैरेस करते लुच्चों से लेकर एक्सप्लॉइट करने वाले बॉस से लड़ रही हैं. अपने बनाए उसूलों पर चल रही हैं. इसके साथ-साथ इश्क कर रही हैं. उनके दिल टूट रहे हैं. हौसला टूट रहा है. लेकिन वो फिर-फिर उठकर खड़ी हो रही हैं.ऐसे ही लोगों को सलाम करता है ये ऐड. और सबको प्रेरणा देता है ऐसा बनने की. ऐड में दीपिका हैं. और साथ में हैं इंडिया की 10 बड़ी एथलीट. जिसमें शामिल हैं, हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल, फुटबॉलर ज्योति ऐन बुरेट और क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंडाना और सुब्बलक्ष्मी शर्मा. https://www.youtube.com/watch?v=1UvPZ8fD4B8

