मैं शाकाहारी हूं मगर पैसे कमाने के लिए मीट तक काटा और साफ़ किया- विपिन शर्मा
Vipin Sharma अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए बोले- "मांस काटते हुए मैं भगवान को कोसता था. पूछता था कि तू करवाना चाहता है मुझसे?"

Vipin Sharma एक समृद्ध अभिनेता हैं. NSD पासआउट हैं. जिन्हें आज तो सब जानते हैं. मगर एक दौर ऐसा भी रहा, जब चंद पैसे कमाने के लिए वो होटल में मीट काटते थे. उसकी साफ़-सफ़ाई करते थे. शाकाहारी होने के बावजूद उन्हें ये काम करना पड़ा. स्ट्रगल के दिनों के ये किस्से विपिन शर्मा ने तब सुनाए, जब हाल ही में वो The Lallantop के खास प्रोग्राम ‘बैठकी’ में हमारे मेहमान बने. उनके साथ सुंदर, संजीदा बतकही हुई.
इस इंटरव्यू में विपिन ने अपने जीवन और करियर के तमाम पहलुओं पर बात की. इसी दौरान उन्होंने होटल में बर्तन धोकर गुज़ारा करने का भी ज़िक्र था. और एजुकेशन लोन चुकाने के लिए नॉन-वेज रेस्टोरेंट में काम करने की पीड़ा भी थी. झुग्गी से निकला एक नौजवान जो नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा पहुंचता है. फिर कुछ सीरियल में काम मिलता है. कुछ उम्मीद बंधती है. मगर हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि काम-धाम छोड़ विदेश जाना पड़ जाता है. विपिन शर्मा ने बड़ी सादगी से अपने जीवन के बारे में बताया. उन्होंने कहा,
इस इंटरव्यू में विपिन ने बताया कि वो इस देश के सिस्टम से परेशान होकर कैनडा चले गए थे. बकौल विपिन, छोटा सा काम करवाने के लिए भी रिश्वत देना, लोगों की मिन्नतें करना उन्हें खलता था. इसलिए उन्होंने विदेश में सेटल होने की सोची. हालांकि वहां भी जिंदगी आसान नहीं रही. इस बारे में विपिन ने कहा,
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इसी बातचीत में ने विपिन शर्मा ने बताया कि NSD पास आउट होने के बावजूद उन्हें काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा. थिएटर से उनकी शुरुआत हुई. पूरी कहानी सुनाते हुए विपिन ने कहा,
विपिन शर्मा पहली बार पर दूरदर्शन के सीरियल 'भारत एक खोज' में नज़र आए थे. उसके बाद कुछ-एक फिल्में की उन्होंने. मगर उन्हें पहचान मिली 'तारे ज़मीन पर' से. 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' भी उनकी फिल्मों की फेहरिस्त में चमकीला नाम है. फिर 'द फैमिली मैन' में हमने विपिन के किरदार संबित की चाय के लिए दीवानगी देखी. उनकी एक फिल्म जिसमें उन्होंने अपना ड्रीम रोल किया है, वो बनकर तैयार है. मगर उसके रिलीज़ की कोई ख़बर नहीं है. वो फिल्म है 'मंकी मैन'. इसमें विपिन ने ट्रांसजेंडर का किरदार निभाया है. ये 'स्लमडॉग मिलियनेर' फेम देव पटेल का डायरेक्टोरियल डेब्यू है.
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