पाकिस्तान के बच्चों फिक्र मत करो, इस दुःख में हम तुम्हारे साथ हैं
इस वीडियो ने फवाद खान के हिस्से आई वो फैंस भी छीन लीं हैं जो 'जिंदगी' के सीरियल्स देख-देख बनी थीं.
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फोटो - thelallantop
पिच्चर वाले गांधी जी ने कहा था 'An eye for an eye will make the whole world blind' फिर एक दिन ताहिर शाह का वीडियो देखा और समझ आया दुनिया को अंधा करने के लिए eye for eye नहीं eye to eye भी काफी है. साथ में बहरा भी पढ़ें!
ताहिर शाह का नया वीडियो आया है. आपको पता होगा ही. न पता हो और न देखा हो तो पहले वीडियो देखिए. सिर्फ हम ही ऐसी चीजें अकेले क्यों झेलें?
https://www.youtube.com/watch?v=GoCrbuM8wmc
इस वीडियो में क्या है? क्यों इस वीडियो की बातें हर तरफ हो रही हैं? तो बात कुछ ऐसी है कि इस गाने के बनने के ठीक पहले ताहिर ने शाहरुख खान की कई फिल्में देख लीं थी. फिर जो हुआ वो ये था.
इस वीडियो से हमें एक बात और पता लगती है. अमेरिका का प्रभाव पाकिस्तान में दिनोंदिन बढ़ रहा है. गोली-बंदूक तो ठीक थी एंजल के बालों के रंग भी अमेरिकी होने लगे हैं.
हमें ये भी पता चला कि इस गाने के एक बड़े हिस्से की शूटिंग उत्तरप्रदेश में हुई थी.
मैनकाइंड वालों ने इस गाने के बोल सुनने के बाद ताहिर शाह को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाने का फैसला लिया है.
पाकिस्तान वालों को ये वीडियो इसलिए भी अखर रहा है कि इस वीडियो ने पाकिस्तान के हिस्से आई फवाद खान की वो तमाम फीमेल फैंस भी छीन लीं हैं जो 'जिंदगी' के सीरियल्स देख-देख बनी थीं.
दो तस्वीरें, पहली वो जैसी पाकिस्तान UN में दिखता है, दूसरी वो जैसी पाकिस्तान बॉर्डर पर दिखता है.
इस वीडियो को देख एक बात समझ आती है, पाकिस्तान भी उन्हीं बेसिक समस्याओं से जूझ रहा है जिनसे भारत. जैसे.
पेड़ों पर चाकू से राजू लव संगीता खुरचने वाले
पार्क में मुंह पोछ कर नैपकीन फेंक देने वाले
और देशभक्तों से
भारत और पाकिस्तान के बीच हजार ऊंच-नीच हो. 1947 हो 1965 हो 1971 हो या कारगिल हो. बलूचिस्तान से लेकर कश्मीर तक झोल पड़े हों, लेकिन एंजल मामले में हम उनके साथ हैं. क्योंकि सच्चे पड़ोसी और उससे भी जरुरी सच्चे इंसान की परख विपदा के समय ही होती है. और ऐसी विपदाएं तो हमने भी झेली हैं.
एंजल और कुछ नहीं 'एंजल प्रिया' का पाकिस्तानी वर्जन है, अगला वो होने की कोशिश कर रहा है जो वो कभी नहीं हो सकता.
(Photos - YouTube screengrab से)
ताहिर शाह का नया वीडियो आया है. आपको पता होगा ही. न पता हो और न देखा हो तो पहले वीडियो देखिए. सिर्फ हम ही ऐसी चीजें अकेले क्यों झेलें?
https://www.youtube.com/watch?v=GoCrbuM8wmc
इस वीडियो में क्या है? क्यों इस वीडियो की बातें हर तरफ हो रही हैं? तो बात कुछ ऐसी है कि इस गाने के बनने के ठीक पहले ताहिर ने शाहरुख खान की कई फिल्में देख लीं थी. फिर जो हुआ वो ये था.
इस वीडियो से हमें एक बात और पता लगती है. अमेरिका का प्रभाव पाकिस्तान में दिनोंदिन बढ़ रहा है. गोली-बंदूक तो ठीक थी एंजल के बालों के रंग भी अमेरिकी होने लगे हैं.
हमें ये भी पता चला कि इस गाने के एक बड़े हिस्से की शूटिंग उत्तरप्रदेश में हुई थी.
मैनकाइंड वालों ने इस गाने के बोल सुनने के बाद ताहिर शाह को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाने का फैसला लिया है.
पाकिस्तान वालों को ये वीडियो इसलिए भी अखर रहा है कि इस वीडियो ने पाकिस्तान के हिस्से आई फवाद खान की वो तमाम फीमेल फैंस भी छीन लीं हैं जो 'जिंदगी' के सीरियल्स देख-देख बनी थीं.
दो तस्वीरें, पहली वो जैसी पाकिस्तान UN में दिखता है, दूसरी वो जैसी पाकिस्तान बॉर्डर पर दिखता है.
इस वीडियो को देख एक बात समझ आती है, पाकिस्तान भी उन्हीं बेसिक समस्याओं से जूझ रहा है जिनसे भारत. जैसे.
पेड़ों पर चाकू से राजू लव संगीता खुरचने वाले
पार्क में मुंह पोछ कर नैपकीन फेंक देने वाले
और देशभक्तों से
भारत और पाकिस्तान के बीच हजार ऊंच-नीच हो. 1947 हो 1965 हो 1971 हो या कारगिल हो. बलूचिस्तान से लेकर कश्मीर तक झोल पड़े हों, लेकिन एंजल मामले में हम उनके साथ हैं. क्योंकि सच्चे पड़ोसी और उससे भी जरुरी सच्चे इंसान की परख विपदा के समय ही होती है. और ऐसी विपदाएं तो हमने भी झेली हैं.
एंजल और कुछ नहीं 'एंजल प्रिया' का पाकिस्तानी वर्जन है, अगला वो होने की कोशिश कर रहा है जो वो कभी नहीं हो सकता.
(Photos - YouTube screengrab से)

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