The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • 7 most disturbing bloodiest goriest films of all time including wrong turn scream the texas chain saw massacre cannibal holocaust

दुनिया की 7 सबसे ज़्यादा घिनौनी फिल्में, जिसने देखा मन खराब हो गया

ये फ़िल्में एक सिटिंग में पूरी देखने के लिए कलेजा चाहिए. एक पिक्चर ऐसी है, जिसकी शूटिंग के लिए असल में ऐक्टर्स की हत्या करने का आरोप लगा.

Advertisement
7 bloodiest goriest films
दो पिक्चरों के इमेज सीधे गूगल भी नहीं दिखाता
pic
अनुभव बाजपेयी
4 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 5 अप्रैल 2023, 09:08 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

सिनेमा के कई कलेवर होते हैं. कुछ हमें हंसाते हैं. कुछ रुलाते हैं. कुछ डराते हैं. लेकिन कुछ सिनेमाई अनुभव बहुत घिनौने भी होते हैं. इनमें अजीब वीभत्स दृश्य होते हैं. इनको देखने के लिए बहुत मजबूत जिगरा चाहिए होता है. इतना ज़्यादा खून-खराबा कि दिल दहल जाए. शायद इन्हीं फिल्मों के लिए कहा गया है कि कमज़ोर दिल वाले लोग इनसे दूर रहें. नज़्र हैं ऐसी ही, मज़बूत दिलों की भी धड़कन बढ़ाने वाली पिक्चरें.

Image embed
1) रॉंग टर्न

2003 में आई फिल्म 'रॉंग टर्न' का स्लैशर फिल्मों की दुनिया में बड़ा नाम है. स्लैशर फिल्में माने ऐसी हॉरर पिक्चरें जिनमें एक किलर कुछ लोगों को स्टॉक करते हुए मौत के घाट उतार रहा होता है. इस पिक्चर का प्लॉट भी ऐसा ही है. कुछ दोस्त किसी वजह से एक जंगल में फंस जाते हैं. जैसे-जैसे वो जंगल के अंदरूनी इलाके में घुसते जाते हैं, कई खूनी रहस्यों से उनका सामना होता है. अमेरिकन प्रोडक्शन कंपनी 20th Century Fox 'रॉंग टर्न' की डिस्ट्रीब्यूटर थी. कहा जाता है, फिल्म में इतनी हिंसा थी कि इसे आर-रेटिंग पाने में भी बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा. फिल्म को टीवी स्पॉट्स मिलने में भी बड़ी दिक्कतें पेश आईं. कहते हैं इसी कारण से इसके कई सीक्वल्स को डीवीडी बनाकर बेचा गया. फिल्म को Rob Schmidt Barracano ने डायरेक्ट किया था.

Image embed
2) स्क्रीम

स्क्रीम भी 1996 में आई एक स्लैशर फिल्म है. वेस क्रेवन (Wes Craven) ने इसे डायरेक्ट किया. केविन विलियमसन ने पिक्चर लिखी थी. आगे चलकर इस फ्रेंचाइज की पांच और पिक्चरें आईं. एक टीनएज लड़की की मां का मर्डर हो चुका है. इसके ठीक एक साल बाद मास्क पहने एक घोस्टफेस नाम का किलर उसे और उसके दोस्तों को टारगेट करता है. इसके लिए वो कुछ डरावनी फिल्मों को एक घातक खेल की तरह इस्तेमाल करता है. अगर विश्व सिनेमा चाट चुके मूवी बफ से कुछ वीभत्स पिक्चरों के बारे में पूछेंगे, तो वो 'स्क्रीम' का नाम शर्तियां लेगा.

Image embed
3) द टेक्सस चेनसॉ मैसकर

1974 में आई 'द टेक्सस चेनसॉ मैसकर' का ट्रेलर ही देखकर दिल दहल जाएगा. सोचिए जिस यंत्र से एक मोटा पेड़ काटकर गिराया जा सकता है, उससे आदमियों को काटा जाए, तो क्या होगा. इस पिक्चर में कुछ ऐसा ही होता है. पांच दोस्त रूरल टेक्सस पहुंचते हैं, अपने दादा की कब्र देखने. रास्ते में वो एक घर में घुस जाते हैं, सिर्फ वहां कुछ भयावह खोजने के मकसद से. फिर उन्हें मिलता है एक हैवान, जो लकड़ी काटने वाले चेनसॉ से लैस है. इस पिक्चर को टोब हूपर (Tobe Hooper) ने डायरेक्ट किया है.  'द टेक्सस चेनसॉ मैसकर ' को विश्व की कुछ सबसे ज़्यादा विवादित फिल्मों में से एक माना जाता है. टाइम्स ने भी इसे एक समय पर दुनिया की 50 कन्ट्रोवर्शियल फिल्मों की लिस्ट में शामिल किया था.

Image embed
4) डे ऑफ द डेड्स

जॉर्ज रोमिरो की 1978 में आई एक फिल्म है 'डॉन ऑफ द डेड्स'. इसे मास्टरपीस माना जाता है. कई सिने एक्सपर्ट इस पिक्चर को ऑल टाइम बेस्ट जॉम्बी एपोकैलिप्टिक फिल्म कहते हैं. भयंकर डरावनी और अजीब पिक्चर कि दिल दहल जाए. पर इससे भी खतरनाक और खूनी है इसका सीक्वल 'डे ऑफ द डेड्स'. भयंकर घिनौनी पिक्चर. इसके घिनौनेपन का अंदाजा इस बात से लगाइए कि पांच से छह लोग मिलकर एक आदमी का पेट फाड़ रहे हैं और अंतड़ियों को साफ-साफ स्क्रीन पर देखा जा सकता है. पिक्चर में ऐसे और भी कई सीन हैं. ये बंकर में छिपे हुए कुछ साइंटिस्ट और सैनिकों की कहानी है. उन्हें जॉम्बीज से मानवी सभ्यता को बचाना है. इस फिल्म से Tom Savini के प्रोस्थेटिक मेकअप ने अलग पैमाने सेट किए. आगे चलकर इसे कई फिल्मों में कॉपी किया गया.

Image embed
5) कैनिबल होलोकॉस्ट

1980 में आई 'कैनिबल होलोकॉस्ट' के बारे में जिससे भी पूछेंगे, उसका जवाब होगा: मन खराब करने वाली पिक्चर है. इसके दृश्य इतने खतरनाक हैं कि गूगल भी इसके फोटोज नहीं दिखाता. सर्च करने पर लिखकर आएगा, ‘This image may contain explicit content.’ ये सिर्फ एक खून-खच्चर पिक्चर नहीं है, बल्कि अपने आप में बहुत अलहदा फिल्म है. दशकों बाद भी इसको लेकर कई विवाद होते रहे. इसे स्यूडो डॉक्यूमेंट्री स्टाइल में शूट किया गया था. माने इसमें शूटिंग के दौरान स्क्रीन पर असल में जानवरों को मारा गया. एक विशाल कछुए को मारे जाने वाला सीन बहुत भयावह है. इसके अलावा इसमें आपको पुरुष और महिलाओं के साथ की जाने वाली यौनिक हिंसा मिलेगी. नरभक्षी तो मिलेंगे ही. फिल्म में एक प्रोफेसर अमेजन रेन फॉरेस्ट में डॉक्यूमेंट्री क्रू के रेस्क्यू मिशन के लिए जाता है. वहां उसे उनके द्वारा एक शूट की गई फिल्म का एक हिस्सा मिलता है. उस डॉक्यूमेंट्री का गोल था, नरभक्षी जनजातियों का अध्ययन करना. चूंकि 'कैनिबल होलोकॉस्ट' को ऐसे शूट किया कि ये एकदम असली लग रहा था. इसलिए बाद में इसके डायरेक्टर Ruggero Deodato पर आरोप लगे कि उन्होंने सच में जाकर अफ्रीका में इंसानी हत्याएं कीं. ताकि फिल्म रियल लगे. उन्हें आगे चलकर अथॉरिटीज के सामने ये प्रूव करना पड़ा कि स्क्रीन पर ऐक्टर्स को असल में नहीं मारा गया है. हालांकि ये विवाद अब भी रह-रहकर उठता रहता है. अब तक इस फिल्म के शूट को लेकर कई तरह की कॉन्सपिरेसी थ्योरीज चलती हैं.

Image embed
6) ब्रेन डेड

1992 में एक न्यूजीलैंड की जॉम्बी फिल्म आई, 'ब्रेन डेड'. इसे नॉर्थ अमेरिका में 'डेड अलाइव' के नाम से जाना गया. बाद में दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में इसे 'डेड अलाइव' ही कहा जाने लगा. कई लोगों की नज़र में ये अब तक बनी सबसे ज़्यादा रक्तरंजित फिल्म है. 'द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' फिल्मों के डायरेक्टर पीटर जैक्सन इसके डायरेक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भयानक हॉरर फिल्मों से की थी. 'ब्रेन डेड' उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म है. ये कहानी है एक लड़के की, जिसकी माँ को एक चूहे और बंदर के हाइब्रिड प्राणी ने काट लिया है. उसकी मां जॉम्बी में तब्दील हो गई हैं. पूरे शहर को संक्रमित कर रही हैं. कुत्ते को खा रही हैं. पड़ोसियों का काम तमाम कर दे रही हैं. वो लड़का इस जॉम्बी आउटब्रेक से पूरे शहर को बचाने की कोशिश करता है. इसके फाइनल सीन को सिनेमा इतिहास के बेस्ट जॉम्बी स्लॉटर सीन्स में से एक माना जाता है.

Image embed
7) हाई टेंशन

'हाई टेंशन' 2003 में आई एक ब्रूटल फ्रेंच फिल्म मानी जाती है. इसमें कुछ बहुत डिस्टर्बिंग वॉयलेन्स सीक्वेंस के अलावा, और भी कई अजीब घिनौने एलीमेंट्स हैं. ये एक महिला की कहानी है, जो सीरियल किलर के चंगुल से अपने दोस्त को बचाने की भरसक कोशिश करती है. इसमें आप गला कटने के बहुत भयानक सीन देखेंगे. कुल्हाड़ी से होते हुए मर्डर दिखेंगे. एक सीन तो ऐसा है, जिसमें खून पूरी स्क्रीन को ढक लेता है. एलेक्जेंडर जॉन एर्केडी की इस पिक्चर को न्यू फ्रेंच एक्सट्रीमिटी फिल्म्स का हिस्सा माना जाता है. ये इक्कीसवीं सदी में बनने वाली ऐसी फिल्में थीं, जिनमें खूब सारा खून-खराबा, शारीरिक और यौनिक हिंसा थी. ये फिल्में खूब विवादों में रहीं.

ऐसी घिनौनी-वीभत्स फिल्मों की लिस्ट बहुत लंबी है. इसमें 'सॉ', 'आई स्पिट ऑन योर ग्रेव' जैसी और भी कई सारी फिल्में हो सकती हैं. पर हमारे पास समय और शब्द दोनों की कमी है. इसलिए इस लिस्ट को लंबी करने की जिम्मेदारी हम आपको सौंपते हैं. कमेंट में इन सात फिल्मों के अलावा और फिल्में भी जोड़िए.

वीडियो: 'भोला' जैसी एक्शन से लबरेज़ साउथ की 5 फिल्में

Advertisement

Advertisement

()