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वो बकलोलियां जो बर्बाद करती हैं सिंगिंग रियलिटी शोज को

जितनी जल्दी हो सके, टीवी सिंगिंग रियलिटी शो वालों को ये दस हरकतें बंद कर देनी चाहिए.

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Source- Twitter
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आशीष मिश्रा
28 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 28 अप्रैल 2016, 03:05 PM IST)
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टीवी रियलिटी शोज के साथ सबसे अच्छा क्या होता है? यही कि वो खत्म हो जाते हैं. और साल भर बाद ही आते हैं. लेकिन एक गड़बड़ हो जाती है. मान लीजिए एक शो खत्म हुआ, उसके बाद उसका किड वर्जन आएगा. फिर सुपरमॉम. कभी-कभी सयाना वर्जन भी. वो भी हो गया तो फैमिली वाला आ जाएगा. माने रियलिटी शो कभी खत्म नहीं होते. हमेशा चलते हैं. इतना चलते हैं तो जाहिर है माल की कमी पड़ेगी ही? तो कुछ फर्मे बना लिए गए हैं. उन्हीं को बार-बार दिखाया जाता है. टीवी वालों को पता नहीं पर अब ये बहुत घिस चुका है. जितनी जल्दी हो सके, टीवी सिंगिंग रियलिटी शो वालों को ये दस हरकतें बंद कर देनी चाहिए. फोटोज कैसी चली गई हैं उसकी जिम्मेदारी हम नहीं लेते. आजकल मौसम ही ऐसा चल रहा है. Photo Source - HBO का.

हर शो में अक्सर तीन जज बैठते हैं. ये तीनों बेरोजगार और पिटे हुए सिंगर या म्यूजिक कंपोजर होते हैं जिन्हें इंडस्ट्री में कोई भूंजी भांग के लिए नही पूछता. कभी-कभी इनके साथ ऐसे लोग भी बैठ जाते हैं जिनका म्यूजिक से कोई लेना-देना नहीं होता. जैसे इंडियन आइडल में फराह खान.


दो जज आपस में लड़ पड़ते हैं ऐसा तब होता है जब शो की टीआरपी बहुत नीचे चली जाए. अफसोस कि ये तरीका भी काम नही आता. क्योंकि ये हथकंडा उतना ही पुराना हो चुका है जितना रियलिटी शो का नाम आने पर जजेज की लड़ाई का मजाक उड़ाना.


ऑडिशन में सलेक्ट होना ज्यादा आसान हो जाता है. अगर गाने वाला स्क्रीन पर अपनी दुखभरी दास्तान देख खुद ही रो पड़ा हो.


घर का या घरवालों का जिक्र भी हो जाए तो कंटेस्टेंट आंसू बहाने लगते हैं. शायद उन्हें वो सारे अत्याचार याद आ जाते हैं जो घरवाले उन पर करते थे.


बंदा सलेक्ट हो गया हो या एलीमिनेट. इस बात को बताने में सबसे ज्यादा सस्पेंस क्रिएट किया जाता है. ऐसे ही मौके होते हैं जब एंकर को भरपूर फुटेज खाने का मौक़ा मिलता है.


एंकर्स सिर्फ जजेज से बेइज्जती कराने के लिए रखे जाते हैं.जिनके पास अच्छे कपड़ों और घटिया चुटकुलों का पुराना स्टॉक होता है. कभी-कभी लगता है कि बेचारों ने सेंस ऑफ़ ह्यूमर बेचकर कपड़े खरीद डाले हैं.


अगर कोई सेलिब्रिटी गेस्ट आ गया है तो उस दिन सिर्फ उसी के गाने बजेंगे. ऐसे मौकों पर सेलिब्रिटीज अपनी फिल्म का गाना सुन भावुक हो पड़ते हैं भले इसके पहले वही गाना उनने हजार बार सुन रखा हो.


घर वाले स्टेज पर आ जाएं तो कंटेस्टेंट ऐसा दिखाते हैं मानो उन्हें तो पता ही नहीं था कि घरवाले प्रोड्यूसर के पैसों पर दो दिन से मुम्बई घूम रहे हैं.


जज किसी गाने से इतना प्रभावित होता है कि उसे शो अब तक का बेस्ट गाना बता डालता है. और ऐसा वो अब तक में आठ सौ तिरपनवीं बार कर रहा होता है .


और सबसे अंत में सबसे बुरा,जीतता वही है जो सबसे गरीब होता है.


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