प्रशांत किशोर. चुनावी रणनीतिकार थे. अब जदयू के उपाध्यक्ष हैं. कहा जा रहा है किप्रशांत के पार्टी से जुड़ने के बाद जदयू के कुछ नेता असुरक्षित महसूस करने लगेहैं. ये भी कहा जाता है कि पीके जिससे जुड़ते है, उसके खास हो जाते हैं. चाहे वोनरेंद्र मोदी हों, कैप्टन अमरिंदर हों या फिर नीतीश कुमार हों. क्या है ये पीकेमैजिक? प्रशांत किशोर खुद बता रहे हैं लल्लनटॉप के सरपंच सौरभ द्विवेदी के साथएक्सक्लूसिव इंटरव्यू में.