पत्रकारों को इस बात की चिंता है कि मोबाइल को खतरनाक हथियार के तौर पर इस्तेमालकिया जाने लगा है. पत्रकार कहते हैं कि सरकार को कुछ सख्त कदम उठाने पड़ेंगे.उन्हें इस बात को समझना पड़ेगा कि जो भ्रामक खबरें उनके पक्ष की हों उन पर आंखेंबंद कर ली जाएं और विपक्ष की खबर हो तो उस पर सवाल उठाए जाएं.