पूरा घटनाक्रम स्टेप बाय स्टेप बताते हैं# 1 -ANI का ये ट्वीट देखिए. इसमें एक वीडियो भी एम्बेडेड है. जिसमें यूपी केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 अप्रैल, 2019 की एक रैली के दौरान कह रहे हैं - अगरकांग्रेस, सपा, बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें बजरंग बली पर विश्वास है.#WATCH UP Chief Minister Yogi Adityanath at a public rally in Meerut, says,"Agar Congress, SP, BSP ko 'Ali' par vishwaas hai toh humein bhi 'Bajrangbali'par vishwaas hai." pic.twitter.com/ZwI3L5ZEFt— ANI UP (@ANINewsUP) April 9, 2019 उनका यही बयान पूरे विवाद का रुट कॉज़ है. आमतौर पर हमेशा ही और ख़ास तौर पर चुनावों के दौरान इस तरह के सांप्रदायिक बयान देश केसेक्यूलर लोकतंत्र में न केवल गलत बल्कि कई बार अपराध तक की श्रेणी में आते हैं.# 2 -अब चूंकि इस वक्त पार्टियों के सभी नेताओं के सभी कामों पर चुनाव आयोग की नज़र है,तो उनकी नज़र में योगी का ये बयान भी आ गया. तो चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर उनसे जवाबतालाब कर लिया. वैसे तीसरे और अंतिम पॉइंट में जाएं इससे पहले ये बताते चलें कि इसबयान को लेकर केवल चुनाव आयोग ही हरकत में नहीं आया बल्कि इस बयान पर अन्यथा भीकाफी क्लेश-कटा और सारे विपक्षी दल राशन लेकर इसकी आलोचना करके के लिए कूद पड़े.# 3 -अब जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब दिया है. बोला है किवह भविष्य में ऐसा बयान देने से परहेज करेंगे. और ये कि उनके इंटेंशन यानी मंशागलत नहीं थी. और नोटिस के बाद वह आयोग को विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में पूराध्यान रखेंगे.# 3.5 - अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में हैं. वो ही तय करेगा कि इस जवाब का, योगीआदित्यनाथ का और 10 अप्रैल, 2019 के उस बयान का क्या करना है?# जाते जाते वैसे चुनाव आयोग ने योगी के अलावा मायावती को भी जवाब तलाब किया था. मायावती कोइसलिए क्यूंकि उन्होंने मुस्लिम वोटरों से मुखातिब होकर कहा था कि किसी भी सूरत मेंअपने वोट को बंटने नहीं देना. मायावती ने भी चुनाव आयोग को अपना जवाब दे दिया है.लेकिन जवाब में क्या कहा है, अभी नहीं पता चल सका.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें: अलीगढ़ की ताला इंडस्ट्री पर क्यों लग रहा है ताला? -