बंगाल में जहां SIR में सबसे ज्यादा वोट कटे, वहां TMC जीती या BJP ने मारी बाजी?
West Bengal में SIR को लेकर बड़ा विवाद हुआ. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. SIR के खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं. मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने खुद सर्वोच्च अदालत में दलीलें रखीं.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे ऐतिहासिक कहे जा सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जोड़कर भी देखा जा रहा है. बंगाल SIR में करीब 90 लाख लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया. पहले 63 लाख नाम डिलीट हुए, फिर न्यायिक जांच में 27 लाख नाम और हट गए. न्यायिक जांच के बाद जिन 20 सीटों में सबसे ज्यादा वोट कटे, उनमें TMC से कितनी सीटें जीती? इन सीटों पर BJP को SIR का फायदा हुआ है? यहां आंकड़ों से समझें हकीकत.
सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद जिले की समसेरगंज सीट से कटे. 74,775 लोगों का नाम वोटर्स लिस्ट से हटा. इस सीट पर TMC ने कब्जा जमाया है. दूसरे नंबर पर भी मुर्शिदाबाद की लालगोला सीट है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लालगोला में 55,420 लोगों का नाम डिलीट हुआ. यह सीट भी TMC के खाते में गई.
SIR में जिन 20 सीटों पर सबसे ज्यादा नाम कटे, उनमें 12 सीटों पर TMC ने दर्ज की. 6 सीटों पर BJP को जीत मिली और 1 पर लीड है. कांग्रेस के खाते में 1 सीट आई. इनमें कई सीट ऐसी हैं, जहां जीत का मार्जिन, डिलीट किए गए वोटर्स की संख्या से कम है.
सबसे ज्यादा नाम डिलीट होने वाली 20 सीटों के नतीजे-
- समसेरगंज (74775 नाम डिलीट, TMC जीती)
- लालगोला (55420, TMC जीती)
- भागाबंगोला (47493 नाम डिलीट
- TMC जीती); रघुनाथगंज (46100 नाम डिलीट, TMC जीती)
- मेटियाबुर्ज (39579 नाम डिलीट, TMC जीती)
- फरक्का (38222 नाम डिलीट, कांग्रेस जीती)
- सुति (37965 नाम डिलीट, TMC जीती)
- मोथाबारी (37255 नाम डिलीट, TMC जीती)
- जंगीपुर (36581 नाम डिलीट, BJP जीती)
- रतुआ (35573 नाम डिलीट, BJP जीती)
- करणदिघी (31562 नाम डिलीट, BJP जीती)
- गोलपोखर (31384 नाम डिलीट, TMC जीती)
- मालतीपुर (29489 नाम डिलीट, TMC जीती)
- चोपड़ा (27898 नाम डिलीट, TMC जीती)
- सुजापुर (26829 नाम डिलीट, TMC जीती)
- केतुग्राम (26780 नाम डिलीट, BJP जीती)
- राजारहाट न्यू टाउन (24132 नाम डिलीट, BJP आगे)
- बशीरहाट उत्तर (23900 नाम डिलीट, TMC जीती)
- मानिकचक (23726 नाम डिलीट, BJP जीती)
- मोंटेश्वर (23423 नाम डिलीट, BJP जीती)
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर बड़ा विवाद हुआ. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. SIR के खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सर्वोच्च अदालत में दलीलें रखीं. सबसे ज्यादा तकरार 60 लाख वोटरों पर हुई, जिन्हें 'तार्किक विसंगति' (Logical Discrepancy) के आधार पर न्यायिक जांच के दायरे में डाला गया था.
2002 की वोटर लिस्ट के साथ बच्चों को लिंक करने में पाई गई तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मैच न होना, मतदाता और उनके माता-पिता के बीच उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से ज्यादा होना शामिल है.
न्यायिक जांच के तहत करीब 700 जजों ने 60 लाख लोगों के केस का निपटारा किया, जिसमें 27 लाख लोग वोटर लिस्ट से बाहर हो गए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ये 27 लाख लोग अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकत हैं. इनमें से कई लाख लोगों की अपील 10 अपीलेट ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है.
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