मालदा बवाल का 'मास्टरमाइंड' निकला AIMIM नेता, SC ने कल ममता सरकार को फटकारा था
West Bengal Police ने AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम को Malda में हुए विरोध प्रदर्शन का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है. उन्हें बागडोगरा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया, जब वे भागने की कोशिश कर रहे थे.

पश्चिम बंगाल में AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने उन्हें मालदा में हुए विरोध प्रदर्शन का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है, जिसकी वजह से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में शामिल सात अधिकारियों का नौ घंटे से ज्यादा समय तक घेराव किया गया था. मोफक्करुल को बागडोगरा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया, जब वे राज्य से भागने की कोशिश कर रहे थे.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मोफक्करुल इस्लाम पेशे से वकील है. 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उन्हें इटाहार से AIMIM का उम्मीदवार बनाया गया था. उन्हें मालदा में हुए विरोध प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. 1 अप्रैल को मालदा जिले में SIR प्रक्रिया में शामिल सात अधिकारियों का घेराव किया गया. ये अधिकारी उन मामलों का रिव्यू कर रहे थे, जिनका मामला जांच के अधीन है. इससे यह तय किया जाना था कि वोटर्स को लिस्ट में रखा जाए या हटा दिया जाए.
यह काम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर किया जा रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, इन अधिकारियों को करीब नौ घंटे बाद रात के करीब 1 बजे, पुलिस की एक टीम ने रेस्क्यू किया. मामला यहीं नहीं रुका. जब अधिकारियों को वहां से निकाला जा रहा था, तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी पर पत्थर भी चलाए.
अगले दिन 2 अप्रैल को यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले में ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने बंगाल को ‘सबसे ज्यादा ध्रुवीकरण वाला राज्य’ बताया और इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताया. कोर्ट ने कहा कि बंगाल में हर कोई सिर्फ राजनीतिक भाषा बोलता है.
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में हुई घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने दावा किया है कि अपनी हार को सामने देखते हुए बीजेपी विधानसभा चुनावों को रद्द करवाना चाहती है, ताकि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सके. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मालदा में हुई यह घटना BJP की 'साजिश' का ही एक हिस्सा थी.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सागरदिघी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ने अपनी सरकार को इस घटना से अलग बताया. उन्होंने यह भी कहा कि लोग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर नाराज हैं. ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वे लोग कौन हैं जिन्होंने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया, लेकिन लोग SIR से नाराज हैं. मेरे पास कोई पावर नहीं है, उन्होंने मुझसे सारी पावर, लॉ एंड ऑर्डर और सब कुछ छीन लिया है.”
ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने दलील दी कि चूंकि आचार संहिता लागू है, इसलिए न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है.
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