The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Election
  • west bengal Election Basirhat North All Muslim voters deleted from one booth including BLO,

पश्चिम बंगाल में एक बूथ से हटाए गए 340 मुस्लिम वोटरों के नाम, BLO का नाम तक काट दिया

West Bengal Election 2026: बंगाल के बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. यहां SIR के बाद जारी हुई सप्लीमेंट्री लिस्ट से एक ही बूथ के 340 वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. ये सभी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.

Advertisement
pic
26 मार्च 2026 (अपडेटेड: 26 मार्च 2026, 03:49 PM IST)
west bengal Election Basirhat North All Muslim voters deleted from one booth including BLO,
340 मुस्लिम वोटरों के नाम हटाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ (फोटो: ITG)
Quick AI Highlights
Click here to view more

पश्चिम बंगाल में 23 मार्च की देर रात स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की गई. अब इसे लेकर बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. सप्लीमेंट्री लिस्ट से एक ही बूथ के 340 वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. ये सभी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. इस लिस्ट से बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मो. शफीउल आलम का नाम भी गायब है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद बशीरहाट ब्लॉक II के बेगमपुर बीबीपुर ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 5 से जुड़ा हुआ है. यहां कुल 992 रजिस्टर्ड वोटर हैं. इनमें से 340 लोगों को पहले ड्राफ्ट रोल में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी 'विचाराधीन' के तौर पर मार्क किया गया था. लेकिन जब पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी हुई, तो उनके नाम हटा दिए गए. स्थिति तब और बिगड़ गई जब यह पता चला कि हटाए गए नामों में BLO मो. शफीउल आलम का नाम भी शामिल था. 

इसके बाद, सौ से ज्यादा लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रोटेस्ट किया. साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उन्हें उनके धर्म के आधार पर टारगेट करके बाहर रखा गया है. प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया है कि चुनाव अधिकारियों की तरफ से ट्रांसपेरेंसी की कमी रही. आलम ने बताया कि जब उन्होंने बशीरहाट ब्लॉक II के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) से इस मामले में बात करने की कोशिश की, तो जवाब मिला कि आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती, जबकि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर से संपर्क नहीं हो पाया. 

ये भी पढ़ें: यूपी के इस गांव में 544 मुस्लिम वोटरों के नाम काटने की थी तैयारी, एक नौजवान ने साजिश पकड़ ली

इन्हीं 340 लोगों में शामिल कजीरुल मंडल ने बताया कि चुनाव आयोग को ग्यारह में से सिर्फ एक वैध दस्तावेज की जरूरत होती है, लेकिन कई लोगों ने तीन या चार डॉक्यूमेंट जमा किए थे, फिर भी उनके नाम हटा दिए गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि इलेक्शन कमीशन ने एक खास पार्टी की मांगों को पूरा करने के लिए राजनीतिक दबाव में यह काम किया. 

आलम ने कहा कि वे कानूनी समाधान के लिए इस मामले को ट्रिब्यूनल में ले जाएंगे. आलम ने कहा कि उन्होंने खुद इन वोटर्स को उनके फॉर्म भरने में मदद की और यह पक्का किया कि सभी डॉक्यूमेंट्स इलेक्शन कमीशन के नियमों के हिसाब से अपलोड किए जाएं, फिर भी नाम चुनकर हटा दिए गए.

वीडियो: क्या बंगाल चुनाव से पहले ओवैसी TMC का खेल बिगाड़ेंगे?

Advertisement

Advertisement

()