पश्चिम बंगाल में टू व्हीलर बैन, TMC बोली- 'बीजेपी का रास्ता आसान'
टू व्हीलर पर लगे इस बैन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जैसे- उन लोगों का क्या होगा, जिनका बिजनेस ही टू व्हीलर पर चलता है? ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनीज और ओला-उबर वाली बाइक राड्स कैसे चलेंगी? यही सवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी किया.

पश्चिम बंगाल में रहते हैं या जा रहे हैं तो रात में बाइक, स्कूटी या स्कूटर से मत निकलिएगा. वर्ना पुलिस पकड़ लेगी. चौंकिए मत, ये सच है. दरअसल, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने टू व्हीलर पर बैन लगा दिया है. हालांकि, ये बैन कुछ दिनों तक ही रहेगा. बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में मतदान होना है. चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव अच्छे से, निष्पक्ष और शांति से हो जाएं इसलिए टू व्हीलर यानी दो पहिया गाड़ियों पर रोक लगाई जा रही है.
टू व्हीलर पर लगे इस बैन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जैसे- उन लोगों का क्या होगा, जिनका बिजनेस ही टू व्हीलर पर चलता है? ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनीज और ओला-उबर वाली बाइक राड्स कैसे चलेंगी? यही सवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी किया. पूछा कि बाइक नहीं चलेंगी तो लोग घर कैसे जाएंगे? अब हर किसी के पास कार थोड़े ना है.
इलेक्शन कमीशन ने 20 अप्रैल को एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसमें इस रूल का ज़िक्र था. ये नियम चुनाव से दो दिन पहले लागू किए गए हैं. यानी 21 अप्रैल से. नियम के मुताबिक, बाइक रैली पर भी रोक रहेगी. नोटिस के मुताबिक,
‘बाइक रैली की इजाजत नहीं होगी. मेडिकल इमरजेंसी और फैमिली फंक्शन के अलावा शाम 6 से सुबह 6 बजे तक बाइक पर रोक रहेगी. बाइक में दो लोगों के बैठने पर रोक रहेगी. ये रोक दिन में भी लागू होगी. मेडिकल इमरजेंसी, फैमिली फंक्शन और बच्चे को स्कूल से पिक या ड्रॉप करने की इजाज़त होगी. अगर वोटिंग के लिए जा रहे हैं तो बाइक पर दो लोगों को बैठने की इजाज़त होगी. अगर किसी को इमरजेंसी है तो लोकल पुलिस थाने से बाइक की परमिशन लेनी पड़ेगी.’
ये नियम 21, 22, 23 और 27, 28, 29 अप्रैल तक लागू होंगे. 23 और 29 अप्रैल को अगर वोट डालने जा रहे हैं, तो बाइक में 2 लोग साथ बैठ कर जा सकते हैं. बाकी शाम 6 बजे से सुबह 6 तक बाइकों पर रोक रहेगी. किसी तरह की छूट चाहिए तो लोकल थाने से परमिशन लेनी पड़ेगी.
पश्चिम बंगाल में सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस इस नियम का विरोध कर रही है. TMC का कहना है कि इससे टू व्हीलर पर होने वाले बिजनेस को नुकसान होगा. उन लोगों के लिए भी दिक्कत की बात है, जिनका वर्क प्लेस घर से दूर है.
TMC ने अपने X पेज पर लिखा,
'ममता बनर्जी इस नियम का विरोध करती हैं. इससे आजीविका में बाधा आएगी. लाखों यात्री, ऑफिस जाने वाले लोग और दिहाड़ी मजदूर, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए दोपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. चुनाव आयोग बंगाल के लोगों का जीवन मुश्किल बना रहा है. BJP के लिए रास्ता आसान कर रहा है.'

TMC के अलावा भी लोग इस नियम का विरोध कर रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि ये चुनाव आयोग की ‘शैतानी’ है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता में करीब 40 हजार कमर्शियल बाइक राइडर्स हैं, जिन पर इस नियम का असर पड़ेगा. टेलीग्राफ ने ऐसे ही कुछ लोगों का बयान छापा. सोनारपुर से स्वपन कुमार ने बताया,
'हम बाइक राइडर कमाते ही कितना हैं? प्रतिदिन शायद 1,000 - 1,200 रुपये. मेरे जैसे अकेले कमाने वाले व्यक्ति के लिए, जिसे परिवार को पालना है, लगभग दो दिन तक बेरोजगार रहना बहुत बड़ा झटका है.'
एक कूरियर कंपनी में काम करने वाले अभिजीत सरदार ने कहा,
‘एक डिलीवरी एजेंट को प्रति पार्सल लगभग 15 रुपये मिलते हैं. एजेंट फास्ट डिलीवरी के लिए अपने टू व्हीलर पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहते हैं. ताकि वो ज़्यादा से ज़्यादा डिलीवरी करके अपनी कमाई बढ़ा पाएं. हम उन दो दिनों में क्या करेंगे?’
आम लोगों के अलावा पुलिस ने भी इस नियम पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता पुलिस में नॉर्थ डिवीजन के सीनियर ऑफिसर ने कहा,
‘ये कैसे समझा जाए कि कौन सी मेडिकल इमरजेंसी है और कौन सा फैमिली फंक्शन का केस है. हमने अपने सीनियर्स से पूछा है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.’
फिलहाल चुनाव आयोग के आदेश पर पश्चिम बंगाल में टू व्हीलर पर लगा बैन लागू हो चुका है.
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