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फलता सीट के सभी बूथों पर फिर से होंगे चुनाव, ECI ने नतीजे और वोटिंग की डेट भी घोषित कर दी

इस सीट के 285 पोलिंग बूथों, जिनमें सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं, उन पर दोबारा वोटिंग होगी.

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2 मई 2026 (अपडेटेड: 2 मई 2026, 10:41 PM IST)
west bengal assembly elections falta vidhansabha re polling announced by election commission
फलता विधानसभा सीट पर फिर से वोटिंग होगी (PHOTO- सांकेतिक, India Today)
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इलेक्शन कमीशन ने पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर फिर से चुनाव कराने का फैसला किया है. इस सीट के सभी 285 पोलिंग बूथों पर दोबारा वोटिंग होगी. चुनाव आयोग ने दोबारा चुनाव की तारीख भी घोषित कर दी है. आयोग के मुताबिक, 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे के बीच फलता के सभी बूथों पर फिर से वोटिंग कराई जाएगी. इसके बाद 24 मई को फलता में ही वोटों की गिनती होगी. बता दें कि इससे पहले 2 मई को बंगाल की दो विधानसभा सीटों मगरहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराई गई.

फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी दोबारा चुनाव कराने की मांग कर रही थी. पार्टी का आरोप था कि यहां के कुछ बूथों पर बीजेपी उम्मीदवार के नाम और फोटो के बगल में ईवीएम के बटन सफेद टेप से ढके हुए थे. बता दें कि फलता सीट पर 29 अप्रैल को वोटिंग कराई गई थी. इसी सीट पर अजयपाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच विवाद भी सामने आया था. एक वीडियो में अजयपाल शर्मा टीएमसी प्रत्याशी को धमकाते दिखे थे, जिस पर ममता बनर्जी की पार्टी ने सख्त आपत्ति जताई थी. 

इस सीट के लिए चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त स्पेशल सुपरवाइजर सुब्रत गुप्ता ने शुक्रवार, 1 मई को को फलता के 30 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश की थी, लेकिन आयोग ने विधानसभा सीट के सभी मतदान केंद्रों पर फिर से वोटिंग का फैसला लिया है.

फलता विधानसभा सीट से भाजपा ने देबांग्शु पांडा को मैदान में उतारा है. उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान से है. इसके अलावा इस सीट पर कांग्रेस ने अब्दुर रज्जाक मोल्ला को उतारा है. वहीं सीपीएम ने शंभुनाथ कुर्मी को टिकट दिया है. 

फलता विधानसभा की कहानी

फलता ब्रिटिश भारत में एक पुरानी मानव बस्ती थी. 1756 में यह इलाका तब चर्चा में आया जब सिराज-उद-दौला ने कोलकाता पर हमला किया और अंग्रेज निवासी हुगली नदी के किनारे नीचे चले गए और फलता के पास फिर से इकट्ठा हुए. इस बड़े इलाके में अभी भी यूरोपियंस की मौजूदगी के निशान मिलते हैं, जिसमें एक पुराने डच किले की जगह और नदी के किनारे के दूसरे अवशेष शामिल हैं. ये इस चीज को दिखाते हैं कि नदी व्यापार इस इलाके के लिए कितना खास है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक फलता गंगा डेल्टा में हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित है. ये जगह कुलपी-डायमंड हार्बर मैदान का हिस्सा है. ये इलाका नीचा है और समुद्री ज्वार की वजह से बने चैनलों और खाड़ियों से कटा हुआ है. खेती करना, मछली पकड़ना और नदी पर आधारित छोटे-मोटे व्यापार लंबे समय से यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार रहे हैं.

हाल के दशकों में, फलता स्पेशल इकोनॉमिक जोन और हुगली नदी के किनारे डेवलप हुई सुविधाओं के कारण फलता में नए मौके उभरे हैं. स्पेशल इकोनॉमिक जोन की वजह सेे यहां लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सर्विसेज आई हैं. हालांकि अब भी ये काफी हद तक ग्रामीण इलाका बना हुआ है. फिर भी, यह ब्लॉक अभी भी निचले डेल्टा की आम समस्याओं जैसे खारी मिट्टी, सीमित सिंचाई और बाढ़ के खतरे का सामना करता है.

वीडियो: पश्चिम बंगाल में किन 15 बूथों पर री-वोटिंग होगी?

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