रामपुर लोकसभा के चर्चे हैं. समाजवादी पार्टी के आज़म खान ने भाजपा कैंडिडेटजयाप्रदा पर वाहियात कमेंट किया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने आज़म खान पर 3 दिन तकचुनावी भाषणबाजी के लिए रोक लगा दी थी. अब रामपुर की लड़ाई में अमर सिंह भी कूद गएहैं. अमर सिंह ने कहा है- शारीरिक बीमारी अस्थायी होती है. ये आती-जाती है. ऐसा कोईनहीं है जो इससे अछूता रहे. उतार-चढ़ाव बहुत सामान्य बातें हैं मेरे अपने जीवन मेंकभी गुर्दे खराब हुए. गिरा-उठा. उठा-गिरा. बहुत दिनों के बाद 15 दिन से बीमार था.अब मैं फिट शारीरिक रूप से फिट हूं. अब मानसिक रूप से बीमार आज़म खान की खोज-खबरलेने, उसके लंगोट प्रेम की पूरी की पूरी तहकीकात करने और महिलाओं की प्रति उसकीक्रूरता, गिरी हुई मानसिकता का इलाज़ करने 19 अप्रैल को रामपुर पहुंच रहा हूं. जोभारत में रहता है. यहां का खाता है और पाकिस्तान का गाता है. भारत माता को डायनकहता है. वंदे मातरम कहने से उसे परहेज़ है. ऐसे आज़म को हराने के लिए रामपुर पहुंचरहा हूं.# वीडियो देखिए -I will be moving to Rampur tomm & will remain their uptill the last hour offormal campaigning. Defeat of #AzamKhan will be like burning an effigy of ravan.Every citizen of Rampur should give this demon a befitting reply.#LokSabhaElection2019 @samajwadiparty @BJP4India pic.twitter.com/DBXauRFNlk— Chowkidar Amar Singh (@AmarSinghTweets) April 18, 2019 पश्चिमी उत्तर प्रदेश केरामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की ओर से आजम खान और भाजपा की तरफ सेजयाप्रदा चुनाव लड़ रही हैं. रामपुर में 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है.# अमर सिंह -अमर सिंह मौजूदा वक्त में उत्तर प्रदेश से इंडिपेंडेंट राज्यसभा सांसद हैं.समाजवादी पार्टी के सपोर्ट से ही राज्यसभा पहुंचे थे. अभी बीजेपी के लिएप्रचार-प्रसार कर रहे हैं. ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार भी लगा रखा है. इससेपहले समाजवादी पार्टी में आते जाते रहे हैं. 2010 में पार्टी छोड़ा. 2012 मेंराष्ट्रीय लोक मंच नाम की अपनी पार्टी बनाई. इस पार्टी ने 360 सीटों से विधान सभाचुनाव लड़ा. एक भी सीट जीत नहीं सकी. फिर अमर 2014 में राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े औरफतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़े. हार गए. 2016 में समाजवादी पार्टी के सपोर्ट सेराज्यसभा सांसद चुने गए. जयाप्रदा और अमर सिंह के बीच मधुर संबंध रहे हैं. फरवरीमें जया ने कहा था कि अमर सिंह जी मेरे गॉड फादर हैं. जयाप्रदा रामपुर लोकसभा सीटसे 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर चुकी हैं. 2014 के लोकसभा चुनावसे पहले मार्च में जयाप्रदा अपने दोस्त अमर सिंह के साथ राष्ट्रीय से जुड़ी थीं औरलेकिन बिजनौर से हार गईं थी.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- बरेली के इस गांव में बिजली आती तो है, लेकिन पंखा हिलता तक नहीं