तमिलनाडु में 'सबसे ज्यादा चर्चित' बिहारी बने प्रशांत किशोर, थलापति विजय को दी थी सलाह
प्रशांत किशोर बतौर राजनेता अब तक सफल नहीं रहे हैं. बिहार चुनाव में उनकी पार्टी जनसुराज एक भी सीट नहीं जीत पाई. लेकिन बतौर राजनीतिक सलाहकार पीके एक बार फिर से हिट साबित हुए हैं. तमिलनाडु में उनसे सलाह लेने वाले एक्टर विजय की पार्टी TVK राज्य की सत्ता में आती दिख रही है. खास बात ये कि प्रशांत किशोर ने पहले ही इस जीत की भविष्यवाणी कर दी थी.

तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी TVK राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है. अब तक के रुझानों में TVK 234 में से 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर जनसुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
25 फरवरी 2025. चेन्नई के पास मामल्लपुरम में TVK की पहली सालगिरह मनाई जा रही थी. प्रशांत किशोर इस मौके पर विजय के स्पेशल गेस्ट थे. इस मौके पर पीके ने कहा,
यहां एमएस धोनी को जानने वाले काफी लोग हैं. वह अकेले बिहारी हैं, जिनकी पॉपुलरिटी तमिलनाडु में मुझसे ज्यादा है. लेकिन याद रखिएगा, जब मैं आपको (TVK) जीतने में मदद करूंगा तो तमिलनाडु में धोनी से ज्यादा पॉपुलर हो जाऊंगा.
दरअसल, महेंद्र सिंह धोनी को तमिलनाडु में 'थाला' के नाम से जाना जाता है. जिसका अर्थ होता है बड़ा भाई. आईपीएल टीम CSK से जुड़े होने के चलते पूरे तमिलनाडु में वे काफी लोकप्रिय हैं. प्रशांत किशोर ने इसी का जिक्र किया था.
प्रशांत किशोर ने फरवरी 2025 में TVK के साथ काम करना शुरू किया था. हालांकि जुलाई 2025 में उन्होंने बिहार चुनाव में व्यस्त होने के चलते सलाहकार की भूमिका से दूरी बना ली थी. लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो विजय की पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करने और उनका पूरा कैंपेन डिजाइन करने में प्रशांत किशोर की अहम भूमिका रही है.
यही नहीं, प्रशांत किशोर ने एक साल पहले ही साफ तौर पर कहा था कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं तो वे 118 सीटें जीत सकते हैं. तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में 118 बहुमत का जादुई आंकड़ा है. प्रशांत किशोर ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि तमिलनाडु में विजय अगर अकेले चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीतने के चांसेज बहुत ज्यादा हैं. उधर से सवाल आया क्या 118 के मैजिक फिगर तक पहुंच पाएंगे. प्रशांत किशोर ने कहा,
हां बिल्कुल, विजय अगर अकेले चुनाव लड़ते हैं तो वे 118 सीटों पर चुनाव जीत सकते हैं. आप इस वीडियो को रख लीजिए. इसे चलाइएगा जब तमिलनाडु का रिजल्ट आएगा.
स्टालिन को हराने का भी दावा किया था
इससे पहले प्रशांत किशोर I-PAC के जरिए डीएमके चीफ और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की भी मदद कर चुके हैं. हालांकि अब पीके I-PAC से अपने रास्ते अलग कर चुके हैं. उन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव के लिए स्टालिन की मदद की थी. लेकिन स्टालिन की पार्टी के नेताओं के बिहार विरोधी बयानों के चलते प्रशांत किशोर ने उनसे दूरी बना ली.
एमके स्टालिन के पार्टी के नेता दयानिधि मारन ने बिहार और यूपी के हिंदी भाषियों को तमिलनाडु में ईंट गारा ढोने वाला और शौचालय साफ करने वाला बताया था. वहीं डीएमके नेता केएन नेहरू ने कहा था कि बिहारी तमिलों से कम बुद्धिमान होते हैं. एक न्यूज चैनल से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
मैंने साल 2021 चुनाव में स्टालिन की मदद की थी. लेकिन जो आदमी बिहार और बिहारियों को गाली देगा उसको एडवाइज नहीं करेंगे. अगर समय मिला और भगवान ने मौका दिया तो उनका हिसाब करेंगे.
इसके बाद ही प्रशांत किशोर एक्टर विजय के साथ जुड़े. उन्होंने विजय की पार्टी के लिए रणनीति बनाई. साल 2023 में एक वीडियो सामने आया था. दावा किया गया तमिलनाडु में बिहारियों से मारपीट हुई है. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो पाई. लेकिन डीएमके के नेताओं के बयान वाले वीडियो तो सबके सामने हैं हीं. इसको लेकर बिहार और तमिलनाडु के बीच तल्खी भी बढ़ी.
लेकिन लोकतंत्र एक बार फिर से सबसे बड़ा ‘लेवलर’ साबित हुई है. जब विजय की पार्टी तमिलनाडु में सत्ता के करीब पहुंच रही है, सोशल मीडिया पर बिहारी प्रशांत किशोर की धूम मची है.
वीडियो: राजधानी: प्रशांत किशोर बिहार में दोबारा एक्टिव होंगे या नहीं? पता चल गया है

