2017 के चुनाव के नजदीक आने के साथ-साथ सरगर्मियां भी बढ़ती ही जा रही हैं. यूपी केCM अखिलेश लगातार अपनी पार्टी में कोनियाए जा रहे हैं. घर की लड़ाई, पार्टी की कलहबनी. और अब ये कलह जनता के सामने खुलकर छितरा गई है. सोमवार को इसकी हद तब हो गई जबसपा ने 9 सीट के लिए कैंडिडेट घोषित किए, और 14 की सीट बदली पर अखिलेश को इसकी कहींसे भी कानों-कान खबर न हुई. सपा के इस फैसले के बारे में जब अखिलेश को बताया गया औरउनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें इस फैसले की कोई जानकारी नहीं है. और जिनकैंडिडेट को जोड़ा गया है. उनको भी फ्यूचर में बदला जा सकता है. अखिलेश इस हालत मेंइतना ही बोले, आज मैं एक बिल्डिंग का उद्घाटन कर रहा हूं. कल मैं कानपुर में मेट्रोके काम का उद्घाटन करूंगा. वैसे फ्यूचर में और कंडिडेट बदले जाएंगे. अमन मणित्रिपाठी को टिकट दिए जाने और अतुल प्रधान का टिकट कटने पर अखिलेश की राय पूछी गईतो अखिलेश का कहना था, मैंने अपने सभी अधिकार छोड़ दिए हैं. सारे अधिकार अब लोगोंके हाथ में हैं. बताते चलें कि अमनमणि त्रिपाठी, अमरमणि और मधुमणि त्रिपाठी का बेटाहै जो मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में जेल की सजा काट रहे हैं. और अतुल प्रधान कोअखिलेश का बहुत करीबी माना जाता है. इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो जब पत्रकार बहुतखखोरने लगे तो अखिलेश ये भी बोले, या तो मैं राजनीतिक बयान दे सकता हूं या सच बोलसकता हूं. मैं अपनी कुछ आदतों को बदल नहीं सकता.नए टिकट वाले लोगों में मेन-मेन की झलकी लें -कांग्रेस से आए मुकेश श्रीवास्तव को बहराइच की प्रयागपुर सीट से, अमन मणि त्रिपाठीको महाराजगंज जिले की नौतनवां सीट से, सुभाष राय को अंबेडकर नगर की जलालपुर सीट से,मो. इरशाद को सहारनपुर की नकुद सीट से, संजय यादव को सोनभद्र की ओबरा सीट से, ऊषावर्मा को हरदोई की संडी सीट से टिकट दिया गया है.जिन 14 सीटों पर कैंडिडेट बदले गए हैं उनमें मेन ये हैं -मेरठ की सरधना सीट से पिंटू राणा को अतुल प्रधान की जगह टिकट दे दिया गया है. अतुलसपा छात्र सभा के स्टेट प्रेसिडेंट रह चुके हैं और अखिलेश के करीबी माने जाते हैं.2012 में ये सपा के टिकट से ही BJP के संगीत सोम के खिलाफ लड़े थे और तीसरे नंबर पररहे थे. चेंज होने पर नए टिकट पाने वालों में पक्षालिका सिंह हैं, जिन्हें विनोदकुमार सिकरवार की जगह पर टिकट मिला है, खैरागढ़ सीट से. चंद्रभूषण सिंह बुंदेलाउर्फ गुड्डू राजा को ज्योती लोधी की जगह पर टिकट मिला है ललितपुर से. शाम में सपासुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के घर एक मीटिंग भी हुई जहां रामगोपाल यादव, शिवपाल औरअखिलेश तीनों मौजूद थे. यहां रामगोपाल बोले कि टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में कोईमतभेद नहीं है. और जब उनसे अमन मणि को टिकट देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंनेकहा अमन को 2012 में भी टिकट दिया गया था. जब कहा गया टिकट के डिसीजन के आखिरी लेवलमें इग्नोर किया गया तो रामगोपाल ने कहा कि ये स्टेट प्रेसिडेंट का काम है और इसमेंकुछ भी गलत नहीं है. माने बड़ी आसानी से मंझे हुए पॉलिटिशियन की तरह से उन्होंने भीअखिलेश से पल्ला झाड़ लिया. पर अखिलेश का ये पार्टी के अंदर का प्रतिरोध जारी रहातो जरूर भविष्य में हमें परिवारवाद, गुंडागर्दी और स्वार्थ से अलग एक ज्यादा सोशलइस्यूज को डेडिकेटेड सपा मिल सकती है. [total-poll id=37741]