कड़े मुकाबले का सामना कर रहे गृहमंत्री का क्या हुआ?
इससे पहले गुलाबचंद कटारिया को दो दफा गिरिजा व्यास के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है.
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
1. सीट: उदयपुर.
2. चुनने की वजह: बीजेपी के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया सूबे की सरकार में गृहमंत्री हैं और जैन समुदाय से आते हैं. वो 2008 और 2013 का चुनाव इसी सीट से जीत चुके हैं
3. चैलेंजर कौन?: कांग्रेस की कद्दावर नेता गिरिजा व्यास.
4. ट्रिविया:
वीडियो:राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने खोले कई राज़
- कभी मेवाड़ की राजधानी रहे उदयपुर में सबसे बड़ी आबादी जैन मतदाताओं की है. 2008 में उन्होंने कांग्रेस के त्रिलोक पुरबिया को 24,509 के अंतर से चुनाव हराया था. 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के दिनेश श्रीमाली को 24,608 वोट के अंतर से हराया था.
- जैन समुदाय बाद उदयपुर की दूसरी बड़ी आबादी ब्राह्मण समुदाय की है. गिरिजा व्यास इस बार कटारिया को कड़ी चुनौती दे रही थीं. कटारिया पिछले 15 साल से उदयपुर से विधायक रहे हैं. ऐसे में उनके खिलाफ सत्ता विरोधी लहर होने की भी बात कही जा रही थी. गुलाबचंद कटारिया के लिए बड़ी परेशानी अपनों की नारजगी थी. BJP के स्थानीय नेता उन्हें टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए दिखाई दिए.
- इस बार गुलाबचंद कटारिया के विरोधी धड़े ने उनके लिए मुश्किल पैदा कर दी है. प्रवीण रतालिया उदयपुर में 'नमो विचार मंच' का संगठन चलाते हैं. BJP के युवा कार्यकर्ता थे. चुनाव से पहले बगावत कर दी. वो निर्दलीय मैदान में हैं. इसके अलावा जनसंघ के दौर के कार्यकर्त्ता दलपत सुराणा ने भी चुनाव से ठीक पहले BJP का दामन छोड़ दिया. वो फिलहाल भैरो सिंह शेखावत विचार मंच और जनता सेना के संयुक्त प्रत्याशी हैं. कटारिया के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ये दोनों बागी जैन समुदाय से आते हैं. ऐसे में जैन वोटों में सेंध लगना तय माना जा रहा था.
- गिरिजा व्यास और कटारिया के बीच यह पहला मुकाबला नहीं है. राजनीति के दोनों महारथी 1985 के विधानसभा चुनाव में आमने-सामने थे. पिछली लड़ाई में गिरिजा ने उन्हें 1120 वोट से मात दी थी. इसके अलावा 1993 के लोकसभा उपचुनाव में भी उन्हें गिरिजा व्यास के हाथों मात खानी पड़ी थी. इस चुनाव में कटारिया के सामने हार का बदला लेने की चुनौती थी.
वीडियो:राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने खोले कई राज़

