बीजेपी तो हारी पर CM वसुंधरा की सीट का क्या हुआ?
बीजेपी के बड़े कद्दावर नेता के बेटे यहां वसुंधरा के सामने खड़े हुए थे.
Advertisement

मानवेंद्र सिंह जसोल और वसुंधरा राजे सिंधिया.
Quick AI Highlights
Click here to view more
1. सीट - झालरापाटन (झालावाड़)
2. चुनने की वजह - क्योंकि, राजस्थान की सीएम वसुंधरा की सीट है.
3. चैलेंजर कौन - कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह जसोल.
4. ट्रिविया
> मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे यहां 2003 से लगातार विधायक हैं. > पिछले चुनाव में करीब 65 हज़ार वोटों से जीती थीं. > वसुंधरा के खास रहे शैलेंद्र यादव ने इस बार उनका साथ छोड़कर इस सीट पर कांग्रेस के लिए काम किया.

वसुंधरा राजे.
> बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह इसी सीट पर वसुंधरा के सामने खड़े हुए. वे बाड़मेर की शिव सीट से विधायक थे, फिर बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आ गए. मानवेंद्र की उम्मीदवारी घोषित होने से पहले राहुल गांधी ने यहां रैली की थी लेकिन रैली में उतनी भीड़ नहीं आई. > जब हमारी टीम ग्राउंड रिपोर्ट के लिए वहां पहुंची थी तो शुरुआती समय में झालरापाटन के ग्रामीण इलाकों में कई लोगों को कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम तक नहीं पता था. बाद में नवजोत सिद्धू, दिग्विजय सिंह जैसे लोगों को लाकर प्रचार करवाया गया.

मानवेंद्र अपने पिता जसवंत सिंह के साथ.
5. मुद्दे/फैक्टर
> रोजगार नहीं होना. > किसानों की समस्याएं दूर नहीं हुईं. > कोटा स्टोन की लोकल इंडस्ट्री में गिरावट हुई है.
6. कौन जीत रहा ?
मानवेंद्र- 81504 वोट
Video - वसुंधरा राजे सिंधिया को धौलपुर क्यों लौटना पड़ा?| Part 1
2. चुनने की वजह - क्योंकि, राजस्थान की सीएम वसुंधरा की सीट है.
3. चैलेंजर कौन - कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह जसोल.
4. ट्रिविया
> मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे यहां 2003 से लगातार विधायक हैं. > पिछले चुनाव में करीब 65 हज़ार वोटों से जीती थीं. > वसुंधरा के खास रहे शैलेंद्र यादव ने इस बार उनका साथ छोड़कर इस सीट पर कांग्रेस के लिए काम किया.

वसुंधरा राजे.
> बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह इसी सीट पर वसुंधरा के सामने खड़े हुए. वे बाड़मेर की शिव सीट से विधायक थे, फिर बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आ गए. मानवेंद्र की उम्मीदवारी घोषित होने से पहले राहुल गांधी ने यहां रैली की थी लेकिन रैली में उतनी भीड़ नहीं आई. > जब हमारी टीम ग्राउंड रिपोर्ट के लिए वहां पहुंची थी तो शुरुआती समय में झालरापाटन के ग्रामीण इलाकों में कई लोगों को कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम तक नहीं पता था. बाद में नवजोत सिद्धू, दिग्विजय सिंह जैसे लोगों को लाकर प्रचार करवाया गया.

मानवेंद्र अपने पिता जसवंत सिंह के साथ.
5. मुद्दे/फैक्टर
> रोजगार नहीं होना. > किसानों की समस्याएं दूर नहीं हुईं. > कोटा स्टोन की लोकल इंडस्ट्री में गिरावट हुई है.
6. कौन जीत रहा ?
* वसुंधरा करीब 35,000वोटों से जीत गई हैं.
वसुंधरा- 116484 वोटमानवेंद्र- 81504 वोट
Video - वसुंधरा राजे सिंधिया को धौलपुर क्यों लौटना पड़ा?| Part 1

