#AbAAPkiBaari इसी हैशटैग के साथ राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है. अगर आपने #AAPशब्द पर ध्यान दिया तो समझ गए होंगे कि राहुल का ट्वीट किस बारे में है. राहुलगांधी ने दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होने वाले गठबंधन परआखिरकार कुछ बयान दिया है. राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा है दिल्ली में आम आदमीपार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने का मतलब है भाजपा की बड़ी हार. कांग्रेसदिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए 4 सीटें छोड़ने के लिए तैयार है. लेकिन, श्रीकेजरीवाल ने फिर यू टर्न लिया है. हमारे दरवाजे अब भी खुले हैं, लेकिन वक्त निकलताजा रहा है.राहुल गांधी ने अब तक कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा था.राहुल गांधी ने इतने दिनों से चली आ रही कयासबाज़ी पर लगाम लगाते हुए आखिरकार अपनापक्ष सबके सामने रखा. पिछले काफी समय से केजरीवाल कह रहे थे कि वो गठबंधन करनाचाहते हैं लेकिन कांग्रेस नहीं मान रही. कुछ दिनों बाद कुछ ऐसे ही सुर दिल्ली केउप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की और से सुनाई दिए. इनके अलावा पार्टी के कई बड़ेनेता गठबंधन की बात करते रहे हैं.दिल्ली कांग्रेस की ओर से पहले बहुत ना-नुकुर की जा रही थी. जब माकन के इस्तीफे केबाद शीला दीक्षित दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं तो वो आम आदमी पार्टी के साथगठबंधन नहीं चाहती थीं. कुछ दिनों तक बातचीत होती रही, बाद में फैसला लिया गया किगठबंधन पर आखिरी फैसला राहुल गांधी लेंगे.पेच कहां अड़ा है दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटें हैं. कांग्रेस इन सात में से 4सीटें छोड़ने को तैयार है. वहीं केजरीवाल को 6-1 या हद से हद 5-2 का समीकरण भा रहाहै. केजरीवाल की एक शर्त और भी है. केजरीवाल चाहते हैं कि कांग्रेस बाकी राज्योंजैसे हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गठबंधन करे. कांग्रेस के हरियाणा नेतृत्व को ये बातमंजूर नहीं थी. केजरीवाल की शर्त के मुताबिक जितनी सीटें कांग्रेस दिल्ली मेंछोड़ेगी उतनी ही सीटें उसे हरियाणा में चाहिए. हरियाणा में कांग्रेस अकेले लड़नाचाहती है. पहले से चार धड़ों में बंट चुकी हरियाणा की राजनीति में वो किसी भी नएपक्ष को आने नहीं देना चाहती.इसी बीच 13 अप्रैल को मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया था अभी भी वक़्त है मोदी शाह कीजोड़ी को 18 सीटों ( हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़) पर हराने का, अगर कांग्रेस चाहेतो.मनीष सिसोदिया का 13 अप्रैल को किया गया ट्वीट.साथ ही लिखा था ये कांग्रेस को तय करना है कि इस समय प्राथमिकता मोदी और शाह कीजोड़ी को हराना है या ज्यादा सीटों लड़ने का रिकॉर्ड बनाने का. राहुल गांधी केट्वीट पर आज फिर कुछ ऐसा ही जवाब आया है. केजरीवाल ने ट्वीट किया कौन सा U-टर्न?अभीतो बातचीत चल रही थी आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावाहै. मुझे दुःख है आप बयान बाज़ी कर रहे हैं. आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचानाअहम है. दुर्भाग्य कि आप UP और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बाँट कर मोदीजी की मदद कर रहे हैंकेजरीवाल का राहुल गांधी को जवाब.पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए लिखा- पंजाब में AAPके 4 सांसद 20 विधायक Cong एक भी सीट नहीं देना चाहती, हरियाणा जहाँ Cong का एकसांसद वहाँ भी Cong एक सीट नहीं देना चाहती, दिल्ली जहाँ Cong के 0 MLA 0 MP वहाँआप हमसे 3 सीट चाहते हैं क्या ऐसे होता है समझौता? आप दूसरे राज्यों में भाजपा कोक्यों नहीं रोकना चाहते?आम आदमी पार्टी की ओर से सबसे पहला रिएक्शन संजय सिंह की ओर से ही आया.वहीं पार्टी के सीनियर लीडर गोपाल राय ने भी लिखा @RahulGandhi जी 18 सीटों परबीजेपी को हराने के लिए दिलचस्पी क्यों नही दिखा रहे हैं@RahulGandhi जी ने 4 सीट का दरवाजा खोला है तो हमने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़में 18 सीट पर भाजपा को हराने के लिए दरवाजा खोल रखा है दिल्ली में छठे चरण में 12मई को मतदान होना है. और नामांकन की तारीख नज़दीक आते-आते पार्टियों पर अपना रुखसाफ करने का दवाब बढ़ता जा रहा है.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- मोदी की रैली में बीजेपी नेता ने वंदे मातरम और जन गण मन गाने के नाम परक्या किया?